जयपुर में सीवर सफाई के दौरान दो मजदूरों की मौत, बिना सेफ्टी किट उतरे थे, मीथेन गैस ने ली जान

thesootr Desk | Apr 18, 2026, 13:41 IST
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Ashish Bhardwaj (27)
Photograph: (the sootr)

जयपुर में सीवर सफाई के दौरान मीथेन गैस से दो मजदूरों की मौत हो गई। सुरक्षा उपकरणों के बिना काम करने के आरोप में परिजनों ने ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। नगर निगम ने 1.17 करोड़ के रोबोट खरीदे, लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा।

News In Short

  • जयपुर में सीवर सफाई के दौरान दो मजदूरों की मौत, मीथेन गैस के कारण घुटा दम।
  • मृतक सफाईकर्मियों की पहचान अजय और रामबाबू के रूप में हुई
  • मजदूरों की मौत पर परिजनों ने ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
  • प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग।
  • जयपुर में सीवर सफाई में सुरक्षा मानकों की अवहेलना से पिछले 5 सालों में 7 मौतें हुईं।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से दम घुटने के कारण दो मजदूरों की मौत हो गई। यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 2 बजे झोटवाड़ा जोन के शेखावत मार्ग, निवारू रोड, वार्ड नंबर 24 में हुआ। दोनों कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी किट) के सीवर में उतरे थे, जहां अचानक मीथेन गैस के बढ़ने से उनका दम घुटने लगा और वह चीखने-चिल्लाने लगे। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान और परिजनों का आरोप

पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान अजय (निवासी पुरानी बस्ती) और रामबाबू (निवासी पानीपेच, शास्त्री नगर) के रूप में हुई है। दोनों को करधनी थाना पुलिस ने मौके से निकालकर तुरंत कांवटिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि दोनों मजदूरों को बिना सुरक्षा मानकों के सीवर मेनहोल की सफाई के लिए उतारा गया था। वाल्मीकि सफाई कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने कहा कि ठेकेदार अरविंद शेखावत और नगर निगम के जेईएन, एईएन और एक्सईएन ने मिलकर कागजी खानापूर्ति भर कर दी, लेकिन वास्तव में किसी ने सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा।

धरना, हड़ताल की चेतावनी

मौत की खबर फैलते ही परिजन और स्थानीय लोग कांवटिया अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग है कि ठेकेदार अरविंद शेखावत और संबंधित जेईएन पवन कुमार, एईएन रवि कुमार, एक्सईएन सोनू चौधरी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दी जाए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो जयपुर समेत पूरे राजस्थान के सफाई कर्मचारी तत्काल सफाई कार्य का बहिष्कार करेंगे और पोस्टमॉर्टम नहीं होने देंगे।

इस बीच, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास और कांग्रेस जयपुर जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा कार्यकर्ताओं के साथ मोर्चरी पहुंचे और परिजनों से मिले। प्रतापसिंह खाचरियावास ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, सीवरेज में कानून के अनुसार सफाई के लिए कर्मचारी नहीं उतारे जा सकते, फिर भी ऐसा करवाया जा रहा था। एक कर्मचारी की सांस फूली तो दूसरा बचाने उतरा और दोनों मर गए। अगर सरकार ने मुआवजा और नौकरी नहीं दी, तो हम सड़कों पर उतरेंगे।

नगर निगम आयुक्त ने क्या कहा?

नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने घटना को लेकर कहा, "इसमें लापरवाही हुई है। हम जांच करवाएंगे कि ठेकेदार ने सुरक्षा उपकरण दिए थे या नहीं। जिस स्तर पर भी लापरवाही पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी – चाहे वह ठेकेदार हो या निगम का अपना स्टाफ। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का पूरा प्रयास किया जाएगा।” हालाँकि, यूनियन और परिजनों का कहना है कि आयुक्त के बयानों पर अमल होता नहीं दिख रहा।

5 साल में 7 मौतें, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं

आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच साल में अकेले जयपुर में सीवर लाइन में जहरीली गैस से दम घुटने के कारण सात मजदूरों की मौत हो चुकी है। हर बार निगम का कहना होता है कि ये ठेकेदार के कर्मचारी थे, और कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इस बार भी ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

1.17 करोड़ के रोबोट बेकार, मजदूरों से कराई जा रही सफाई

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि तीन साल पहले नगर निगम ने सीवरेज लाइन की सफाई के लिए 1.17 करोड़ रुपये के तीन रोबोट खरीदे थे, लेकिन ये रोबोट अधिकतर समय निगम में ही खड़े रहते हैं। उनका उपयोग करने के बजाय धूल फेंकने के लिए छोड़ दिया जाता है, जिससे हर साल मासूम मजदूरों की जानें जाती रहती हैं। नगर निगम के कुल बजट 2,700 करोड़ रुपये में से 700 करोड़ सफाई पर खर्च होते हैं, जिसमें सीवरेज के लिए 145 करोड़ रुपये का प्रावधान है, लेकिन सुरक्षा पर ध्यान न देने से हादसे बार-बार हो रहे हैं।

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