करौली के 150 साल पुराने आम के बगीचे को मिल रहा जीवनदान, युवाओं का प्रण हो रहा साकार

Amit Baijnath Garg | Aug 18, 2025, 17:54 IST
Share
aam ka jahira gaon
Photograph: (the sootr)

राजस्थान के करौली जिले में 150 साल पुराना आम का बगीचा फिर से जीवित किया जा रहा है। गांव के युवाओं के प्रयास से आम का जाहिरा गांव को उसकी पुरानी पहचान मिल रही है।

राजस्थान के करौली जिले का आम का जाहिरा गांव अपनी अनूठी कहानी और ऐतिहासिक आम के बगीचे के लिए जाना जाता है। यह गांव लगभग 150 साल पहले इस क्षेत्र में प्रसिद्ध हुआ, जब यहां के पूर्वजों ने एक विशाल आम बगीचा लगाया था। इस बगीचे की वजह से गांव को न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि दूर-दूर तक प्रसिद्धि मिली थी।

करौली के इनायती गांव में हंगामा, प्रधानाचार्य के एपीओ के विरोध में छात्रों ने जड़ा स्कूल पर ताला

समय के साथ बगीचे का क्षय

हालांकि समय के साथ यह बगीचा धीरे-धीरे सूखने लगा और गांव की वह पुरानी रौनक खत्म हो गई। बगीचे की शान को देखते हुए गांव के लोग पहले तो दुखी हुए, लेकिन इसके बावजूद गांव के युवाओं ने हार नहीं मानी। उन्होंने तय किया कि आम का जाहिरा को फिर से उसकी खोई हुई शान दिलाएंगे।

करौली में कोहरे के कारण कार-निजी बस की टक्कर, 5 लोगों की मौत

युवाओं का उत्साह और समर्पण

गांव के युवाओं ने इस सपने को साकार करने का संकल्प लिया। शिक्षा विकास समिति के साथ मिलकर गांव के लोगों ने 6 लाख रुपए की राशि जुटाई। फिर लखनऊ के मलिहाबाद से दशहरी, लंगड़ा, आम्रपाली और रामकेला जैसे बेहतरीन आम की किस्में मंगवाई गईं। इन पेड़ों को 3 किलोमीटर के क्षेत्र में पहाड़ों के बीच लगाया गया। पूरे गांव ने दिन-रात मेहनत करके इस कार्य को किया और बगीचे की पुनः शुरुआत की।

धौलपुर-करौली बना राजस्थान का 5वां टाइगर रिजर्व, NTCA ने दी मंजूरी, 50 गांवों का होगा विस्थापन

खास बातें

युवाओं की मेहनत : गांव के युवाओं ने मिलकर 6 लाख रुपए जुटाए।
बेहतर किस्म के आम : दशहरी, लंगड़ा, आम्रपाली और रामकेला जैसी किस्मों का रोपण किया गया।
क्षेत्र में बगीचा : 3 किलोमीटर के क्षेत्र में बगीचा फिर से विकसित हो रहा है।

करौली की करणपुर घाटी में 150 फीट की ऊंचाई पर लटकी एंबुलेंस, टायर फटने से गाड़ी अनियंत्रित हो कर दीवार में घुसी

पांच सालों में लगाए जाएंगे 500 पेड़ गांव के रिटायर्ड सीनियर सेक्शन इंजीनियर केदार लाल मीणा ने बताया कि गांव के लोग अब हर साल 100 नए आम के पेड़ लगाएंगे। पांच सालों के भीतर उनका लक्ष्य 500 पेड़ लगाकर बगीचे को फिर से हरा-भरा करना है। यह प्रयास न केवल गांव की पुरानी पहचान को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देगा।
करौली में कुएं में मिला दलित युवती का शव, बीजेपी सांसद मीणा ने कहा- गैंगरेप के बाद शव एसिड से जलाया और कुएं में फेंका

आने वाली पीढ़ियों के लिए नई उम्मीद

आम का जाहिरा आज गांव के युवाओं की मेहनत और उम्मीद का प्रतीक बन चुका है। इस गांव का भविष्य अब अपनी पुरानी शान के साथ पूरी दुनिया में फैलने वाला है। यह परियोजना न केवल स्थानीय लोगों के लिए गर्व का कारण बनेगी, बल्कि यह गांव एक बार फिर से अपने आमों की मिठास से क्षेत्र में अपना स्थान बनाएगा।

FAQ

  1. Q1: आम का जाहिरा गांव का नाम क्यों पड़ा?
    आम का जाहिरा गांव का नाम इसलिए पड़ा, क्योंकि यहां करीब 150 साल पहले एक विशाल आम का बगीचा था, जो गांव को प्रसिद्धि दिलाने का कारण बना।
  2. Q2: गांव के युवाओं ने आम के बगीचे को फिर से कैसे तैयार किया?
    गांव के युवाओं ने 6 लाख रुपये जुटाकर लखनऊ से बेहतरीन किस्म के आम के पौधे मंगवाए और 3 किलोमीटर के क्षेत्र में उन्हें रोपा।
  3. Q3: आम का जाहिरा गांव के बगीचे की पुनरुद्धार परियोजना से क्या लाभ होगा?
    इस परियोजना से गांव की पुरानी पहचान वापस आएगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • राजस्थान
  • पर्यावरण संरक्षण
  • करौली
  • आम का जाहिरा गांव
  • स्थानीय रोजगार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि