कोटा डबल मर्डर केस में अभियुक्त की फांसी की सजा पर लगी रोक, 75 साल की उम्र तक रहना होगा जेल में
Mukesh Sharma | Oct 06, 2026, 19:28 IST
कोटा का बहुचर्चित दोहरा हत्याकांड
राजस्थान हाईकोर्ट ने कोटा दोहरे हत्याकांड के पिंटू डागर की फांसी की सजा को घटा दिया है। पिंटू ने अपनी पत्नी और बेटे की हत्या की थी, लेकिन अदालत ने कहा कि यह मामला अचानक हुए झगड़े का परिणाम था। हाईकोर्ट ने उसे अब 75 साल की उम्र तक जेल में रहने की सजा सुनाई है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने वर्ष 2021 के बहुचर्चित कोटा दोहरे हत्याकांड मामले के अभियुक्त की फांसी की सजा को बिना पैरोल के 75 साल की आयु तक कैद में रहने की सजा में बदल दिया है। जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल व जस्टिस प्रवीर भटनागर की बैंच ने यह आदेश सरकार के डेथ रेफरेंस को खारिज करते हुए और अभियुक्त पिंटू डागर की अपील को आंशिक रुप से स्वीकार करते हुए दिए ।
कोटा निवासी अभियुक्त पिंटू डागर ने एक जून,2021 को अपनी पत्नी और छह महीने के मासूम बेटे की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। एडीजे नंबर-दो कोटा ने उसे पत्नी और बेटे की हत्या का दोषी मानकर 23 जनवरी,2026 को फांसी की सजा दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इसे दुर्लभ से दुर्लभतम मामला माना था। कोर्ट ने कहा था कि अभियुक्त ने अपनी बेबस पत्नी और छह महीने के बच्चे की नृशंस हत्या की है और उसमें सुधार की कोई संभावना नहीं है।
हाईकोर्ट ने कहा है कि घटना पहले से सोची-समझी या योजनाबद्ध साजिश नहीं थी। सबूतों के अनुसार अभियुक्त 15 साल से विवाहित था और उसे दो बेटे थे। वह अपने परिवार के साथ खुश था।
घटना के कुछ घंटे पहले भी वह सामान्य मूड में था। घटना घर के भीतर अचानक हुए झगड़े या कहासुनी का नतीजा थी और अभियुक्त ने गुस्से में कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। मासूम बच्चे के संबंध में हाईकोर्ट ने कहा है कि बच्चा अपनी मां की गोद में था और हमले के दौरान दुर्भाग्यवश उसे भी जानलेवा चोट लगी थीं।
हाईकोर्ट ने अभियुक्त की सामाजिक व आर्थिक हालात पर कहा है कि वह दैनिक मजदूरी करके 7,000 से 8,000 रुपये महीना कमाता था। उसके बुजुर्ग माता-पिता के अलावा 14 साल का एक बड़ा बेटा भी है। सेंट्रल जेल जयपुर की रिपोर्ट के अनुसार वह पिछले पांचा साल से जेल में है और इस दौरान उसका व्यवहार शांत व रहा है। उसमें सुधार की गुंजाईश मौजूद हैं। कोर्ट ने मामले को दुर्लभतम से दुर्लभ मानने से इंकार करते हुए अभियुक्त की फांसी की सजा को 75 साल की आयु तक जेल में कैद रहने की सजा में बदल दिया।
क्या था कोटा दोहरे हत्याकांड मामला
सोच-समझकर नहीं की थी हत्या
घटना के कुछ घंटे पहले भी वह सामान्य मूड में था। घटना घर के भीतर अचानक हुए झगड़े या कहासुनी का नतीजा थी और अभियुक्त ने गुस्से में कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। मासूम बच्चे के संबंध में हाईकोर्ट ने कहा है कि बच्चा अपनी मां की गोद में था और हमले के दौरान दुर्भाग्यवश उसे भी जानलेवा चोट लगी थीं।
सुधार की गुजांईश है इसलिए
विधायक अनुज शर्मा का मोबाइल नंबर हैक, परिचितों से मांगे जा रहे पैसे, बोले- किसी कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें
By Umeshwari Baghel
बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय की खुली पोल, 3.57 करोड़ खर्च, लेकिन एक भी एडमीशन नहीं
By Ashish Bhardwaj
नक्सल मुक्त बस्तर के दावों के बीच कांकेर में बड़ी वारदात 3 पोकलेन मशीनें फूंकीं, लाल सलाम के पर्चे भी मिले
By Umeshwari Baghel
'द सूत्र' की खबर का असर: एमएमयू वीसी ने लिया संज्ञान, BOI बैठक में होगा आशापुरा कॉलेज की मान्यता पर फैसला
By The Sootr
ग्वालियर में 20 रुपए के मोमोज पर बवाल, वेंडर ने छात्र पर खौलता तेल फेंका; चेहरा-कान झुलसे
By Arohi Raj
संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के नियमितीकरण को सरकार की हाईकोर्ट में चुनौती, जबलपुर-ग्वालियर और इंदौर मामलों की एक साथ होगी सुनवाई
By Neel Tiwari
उदयपुर के जर्जर सरकारी स्कूल में बच्चों पर गिरा प्लास्टर, 3 घायल; पहले दी थी खराब भवन की सूचना
By Ashish Bhardwaj