मनरेगा कानून में बदलाव : क्या है VB-G RAM G विधेयक और क्यों हो रहा है इसका कई जगहों पर विरोध?
Mukesh Sharma | Dec 15, 2025, 18:55 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में नरेगा संघर्ष मोर्चा ने 2025 के VB-G RAM G विधेयक का विरोध किया है, जो मनरेगा के तहत मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करता है। मोर्चा ने इसे मजदूरों के अधिकारों के खिलाफ बताया है।
Jaipur. राजस्थान में नरेगा संघर्ष मोर्चा ने प्रस्तावित विकसित भारत-रोजगार और आजीविका की गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025 (VB-G RAM G) का विरोध करते हुए इसे मजदूरों के अधिकारों के खिलाफ बताया है। यह विधेयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने की कोशिश है।
मोर्चा का आरोप है कि इस विधेयक को बिना मजदूरों और उनके संगठनों से परामर्श किए लाया जा रहा है, जो इसे एक अधिकार आधारित कानून की बजाय केवल सीमित बजट के तहत परिवर्तित कर देगा। मनरेगा कानून के तहत प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र में काम करने के इच्छुक वयस्क को काम उपलब्ध कराना कानूनी अधिकार था।
हालांकि VB-G RAM G विधेयक के तहत यह अधिकार अब केंद्र सरकार की विवेकाधीन शक्ति बन जाएगा, जहां राज्य सरकारों को केवल उन क्षेत्रों में काम देना होगा, जिन्हें केंद्र ने अधिसूचित किया है। इस बदलाव से लाखों लोग रोजगार के अधिकार से वंचित हो जाएंगे और काम की गारंटी भी केंद्र सरकार की कृपा पर निर्भर हो जाएगी।
राजस्थान में सियासी बवाल, 3 विधायकों ने विधायक कोष से काम के लिए मांगी रिश्वत, वीडियो वायरल
मनरेगा की ताकत इसकी मांग-आधारित प्रकृति में थी, लेकिन VB-G RAM G विधेयक इसे आपूर्ति-आधारित प्रणाली में बदलने का प्रयास करता है। अब काम की उपलब्धता पहले से तय बजट पर निर्भर करेगी, जिससे लोगों को रोजगार मिलने के अवसर बहुत सीमित हो सकते हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार का राज्य सरकारों को धन आवंटन करने का अधिकार बढ़ जाएगा, जिससे यह पूरी प्रक्रिया मनमानी हो सकती है।
राजस्थान में सियासी बवाल, विधायक कोष से काम के लिए मांगी रिश्वत, 3 विधायकों के वीडियो वायरल
वर्तमान में मनरेगा के तहत केंद्र सरकार ही 100% मजदूरी और 75% सामग्री लागत का बोझ उठाती है, लेकिन VB-G RAM G विधेयक के तहत यह जिम्मेदारी राज्यों पर डाल दी जाएगी। इससे राज्यों को वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ेगा। इसके चलते गरीब और छोटे राज्य, जिनमें अधिकतर मजदूरों का पलायन होता है, पर अत्यधिक दबाव डाला जाएगा।
राजस्थान हाईकोर्ट ने 3 ग्राम पंचायत मुख्यालय बदलने पर दिया नोटिस, जिला कलेक्टरों को देना होगा जवाब
मनरेगा में अब तक मजदूरों के लिए आधार-आधारित भुगतान प्रणाली और डिजिटल उपस्थिति के कारण समस्याएं आई थीं। अब VB-G RAM G विधेयक बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य बनाने की कोशिश कर रहा है। यह तकनीकी निगरानी मजदूरों के लिए और भी जटिल हो सकती है। खासकर उन किसानों और श्रमिकों के लिए जो शारीरिक श्रम करते हैं।
राजस्थान के किसानों पर संकट, सोयाबीन की फसल पर मौसम की मार, बाजार में भी नहीं मिल रहे सही दाम
मनरेगा के तहत ग्रामीणों को साल के किसी भी समय काम की मांग करने का अधिकार था, लेकिन VB-G RAM G विधेयक के तहत वित्तीय वर्ष में 60 दिन की ब्लैकआउट अवधि निर्धारित की जाएगी, जब बुवाई और कटाई के समय कोई काम नहीं मिलेगा। इसका असर विशेष रूप से महिला श्रमिकों पर पड़ेगा, जो इस अवधि के दौरान काम करने के लिए तैयार होते हैं।
कूनो से आया चीता : राजस्थान में बना ली अपनी टेरिटरी, मध्य प्रदेश अपना चीता फिर वापस ले गया
नरेगा संघर्ष मोर्चा ने VB-G RAM G विधेयक 2025 को पूरी तरह से अस्वीकार किया है और इसकी तत्काल वापसी की मांग की है। मोर्चा का कहना है कि किसी भी मजदूर संगठनों की सहमति और भागीदारी के बिना मनरेगा को बदलने या खत्म करने का प्रयास अस्वीकार्य है। यह विधेयक मजदूरों के लोकतांत्रिक और संविधानिक अधिकारों का हनन करेगा।
काम उपलब्ध कराने का कानूनी अधिकार
केंद्र सरकार को अत्यधिक विवेकाधीन शक्ति
राजस्थान में सियासी बवाल, 3 विधायकों ने विधायक कोष से काम के लिए मांगी रिश्वत, वीडियो वायरल
मांग-आधारित से आपूर्ति-आधारित व्यवस्था
राजस्थान में सियासी बवाल, विधायक कोष से काम के लिए मांगी रिश्वत, 3 विधायकों के वीडियो वायरल
राज्यों पर बढ़ेगा वित्तीय बोझ
स्थानीय स्वायत्तता की समाप्ति मनरेगा में योजनाओं का निर्धारण ग्राम सभाओं द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता था, लेकिन VB-G RAM G विधेयक इस प्रक्रिया को समाप्त कर केंद्रित राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर आधारित प्राथमिकता प्रणाली लागू करेगा। इससे स्थानीय जरूरतों के बजाय केंद्र की प्राथमिकताओं को तवज्जो मिलेगी, जो संविधान के 73वें संशोधन के खिलाफ है।
नए तकनीकी और निगरानी उपाय
राजस्थान के किसानों पर संकट, सोयाबीन की फसल पर मौसम की मार, बाजार में भी नहीं मिल रहे सही दाम
ब्लैकआउट अवधि और काम से वंचना
कूनो से आया चीता : राजस्थान में बना ली अपनी टेरिटरी, मध्य प्रदेश अपना चीता फिर वापस ले गया
नरेगा संघर्ष मोर्चा की अपील
मुख्य बिंदु
- VB-G RAM G विधेयक 2025 मनरेगा के स्थान पर लाया गया है, जो श्रमिकों के लिए गारंटीकृत काम के अधिकार को कमजोर करता है और केंद्र सरकार को अधिक विवेकाधीन शक्ति देता है।
- मनरेगा मांग-आधारित था, जहां हर ग्रामीण को काम का अधिकार था, जबकि VB-G RAM G विधेयक आपूर्ति-आधारित प्रणाली को लागू करता है, जिसमें रोजगार की गारंटी के लिए सीमित बजट निर्धारित किया जाता है।
- इस विधेयक के तहत राज्य सरकारों को अधिक वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि पहले केंद्र सरकार ने 100% मजदूरी का भुगतान किया था, अब यह जिम्मेदारी राज्यों पर डाली जाएगी।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari