पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल रिमांड पर, एसीबी उगलवाएगी 960 करोड़ के घोटाले का सच
Mukesh Sharma | Apr 10, 2026, 19:39 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के 960 करोड़ के चर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में गिरफ्तार पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को एसीबी ने तीन दिन के रिमांड पर लिया है। इस घोटाले में 51 दिन तक फरार रहने के बाद अब सुबोध अग्रवाल अब जांच में सहयोग की बात कह रहे हैं।
News In Short
- जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल तीन दिन की रिमांड पर
- 51 दिन की फरारी के बाद गुरुवार को सुबोध अग्रवाल की हुई थी गिरफ्तारी।
- सुबोध ने कोर्ट में कहा, सरेंडर नहीं किया, अपनी इच्छा से सहयोग करने आया हूं।
- रिमांड अवधि के दौरान एसीबी अब सुबोध से 960 करोड़ के घोटाले का उगलवाएगी सच।
- सुबोध ने एसीबी की हिरासत में कोर्ट जाते समय मीडिया के सवालों के नहीं दिए जवाब।
News In Detail
एसीबी ने कोर्ट को बताया कि टेंडर प्रक्रियाओं में हुए बड़े स्तर के फर्जीवाड़े और लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने के लिए सुबोध के रिमांड की जरूरत है। एसीबी ने अग्रवाल को गुरुवार को दिल्ली में हिरासत में लिया था। बाद में उनकी जयपुर लाकर गिरफ्तार दिखाई गई। पेशी के दौरान अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने सरेंडर नहीं किया है, बल्कि वह अपनी इच्छा से अनुसंधान में सहयोग करने आए हैं। कोर्ट के बाहर सुबोध ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।
फर्जी प्रमाण पत्र और पद का दुरुपयोग
चौंकाने वाली बात यह है कि इरकॉन ने फरवरी 2023 में ही सुबोध अग्रवाल को ईमेल भेजकर इन प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की सूचना दी थी। आरोप है कि अग्रवाल ने अफसरों के साथ मिलकर इस शिकायत को दबा दिया। इसके बाद मई 2023 में फाइनेंस कमेटी के अध्यक्ष के नाते उन्होंने इन फर्मों को कार्यादेश जारी करने की मंजूरी दे दी।
51 दिनों की फरारी और 260 ठिकानों पर दबिश
आखिरकार जब कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की तब वे सामने आए। हालांकि, कोर्ट में पेशी के दौरान उन्होंने इसे सरेंडर मानने से इनकार किया और कहा कि वे अपनी इच्छा से अनुसंधान में सहयोग करने आए हैं।
होटल में बांटी गई रिश्वत और राजनीतिक आरोप
इस मामले पर कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि पिछली सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर था और उनके धरने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुबोध अग्रवाल फाइनेंस कमेटी के मुखिया थे, इसलिए वे सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
केस की वर्तमान स्थिति
अभी भी फरार: तत्कालीन एसई मुकेश गोयल, एक्सईएन जितेंद्र शर्मा और संजीव गुप्ता अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
अगला कदम: 3 दिन की रिमांड के दौरान एसीबी सुबोध अग्रवाल से टेंडर में हेरफेर और फरारी के दौरान मदद करने वाले लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।
मुख्य बिंदु: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 50 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को गलत तरीके से मंजूरी देने का आरोप सुबोध अग्रवाल पर है।
ये भी पढे़:-
पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल ऐसे आए एसीबी की गिरफ्त में, जानिए दिल्ली से जयपुर लाने तक की कहानी
कोर्ट में पेश हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी, कोरोना काल में धारा-144 उल्लंघन का मामला
अशोक गहलोत ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, बोले-राजस्थान को चाहिए फुल-टाइम गृहमंत्री
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava