राजस्थान के 18 शहरों की जहरीली हवा, देश के टॉप-50 प्रदूषित शहरों में भिवाड़ी आगे
Purshottam Kumar Joshi | Jan 10, 2026, 13:59 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के 18 शहर वायु प्रदूषण के लिए देश के टॉप-50 प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। 18 शहरों की हवा मानकों पर विफल हो गई है। इसमें भिवाड़ी शहर सबसे ज्यादा प्रदूषित माना गया है।
Jaipur. राजस्थान में अब शुद्ध सांस लेना आमजन के लिए बिमारियों का रास्ता बनता जा रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) की जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर में भिवाड़ी एक नम्बर पर आ गया है। इसके साथ ही 18 जिले भी प्रदूषित की श्रेणी में शामिल हो गए है।
वायु प्रदूषण की समस्या अब भारत के कई हिस्सों में गंभीर रूप ले चुकी है। राजस्थान के कई शहर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गए है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के 50 सबसे प्रदूषित शहरों में से 18 शहर राजस्थान के हैं। इसमें भिवाड़ी (Bhiwadi), चूरू (Churu), कोटा (Kota) और जयपुर (Jaipur) जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं, जो वायु प्रदूषण के मामले में सबसे गंभीर स्थिति में हैं।
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राजस्थान की औद्योगिक नगरी भिवाड़ी अब देश का सातवां सबसे प्रदूषित शहर बन चुका है। यहां की हवा की गुणवत्ता लगातार खतरनाक स्तर पर बनी हुई है, जो स्थानीय निवासियों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरे का कारण बन रही है। यहां प्रदूषण मुख्यतः औद्योगिक धुएं और अनियंत्रित निर्माण कार्यों के कारण है।
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रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के 18 शहर राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) पर खरा नहीं उतर रहे हैं। ये शहर पिछले 5 सालों से प्रदूषण की चपेट में हैं। फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और निर्माण कार्यों के कारण हवा में जहर घुल रहा है, जिससे वायु गुणवत्ता खराब हो रही है।
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रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सरकार ने 'नेशनल स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) के तहत कुल बजट का 68% हिस्सा सड़कों की धूल प्रबंधन (Road Dust Management) पर खर्च किया, जबकि प्रदूषण के अन्य मुख्य स्रोतों जैसे उद्योगों और घरेलू ईंधन के धुएं पर खर्च का हिस्सा 1% से भी कम रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए केवल सड़कों पर पानी छिड़कना पर्याप्त नहीं है।
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रिपोर्ट में यह भी चौंकाने वाली बात सामने आई है कि राजस्थान के जिन 18 शहरों में वायु प्रदूषण के मानक पूरे नहीं हो रहे हैं, उनमें से बहुत कम ही शहर केंद्र सरकार की प्रमुख योजना 'नेशनल स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) के दायरे में आते हैं। इसका मतलब यह है कि इन शहरों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कोई विशेष सरकारी योजना लागू नहीं है, जिससे लाखों लोग प्रदूषित हवा में जीने को मजबूर हैं।
निष्कर्ष: हाल ही में (2024-2025) की रिपोर्टों के अनुसार, भिवाड़ी, चूरू, कोटा, और जयपुर जैसे शहर वायु प्रदूषण के मामले में प्रमुखता से सामने आए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और IQAir जैसी संस्थाओं की रिपोर्टें इन शहरों की प्रदूषण स्थिति का वास्तविक समय में आकलन करती हैं।
यह सूची बदलती रहती है, लेकिन पूर्वी राजस्थान (भिवाड़ी, अलवर, भरतपुर) और पश्चिमी राजस्थान (चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर) के कई जिले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं।
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राजस्थान के प्रदूषित शहरों के हाल कुल प्रदूषित शहर: राजस्थान के 18 शहर देश के टॉप-50 प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। भिवाड़ी: भिवाड़ी अब देश का सातवां सबसे प्रदूषित शहर बन चुका है। एनसीएपी फंड: 68% बजट केवल सड़कों की धूल प्रबंधन पर खर्च किया गया। प्रदूषण के मुख्य स्रोत: फैक्ट्रियों और निर्माण कार्यों से प्रदूषण बढ़ रहा है।
18 शहरों में प्रदूषण की बढ़ती समस्या
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सड़क और धूल पर करोड़ों खर्च
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क्या प्रदूषण वाले शहर एनसीएपी योजना से बाहर हैं?
मुख्य बिंदू:
- रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के 18 शहर देश के 50 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं।
- भिवाड़ी में औद्योगिक धुएं और अनियंत्रित निर्माण कार्यों के कारण प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, जिससे यह शहर देश के सातवें सबसे प्रदूषित शहर के रूप में उभरा है।
- 'नेशनल स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) के तहत NCAP के तहत कुल बजट का 68% हिस्सा सड़कों की धूल प्रबंधन पर खर्च किया गया, जबकि प्रदूषण के अन्य स्रोतों पर खर्च बहुत कम रहा।
प्रमुख प्रदूषित शहर (AQI रिपोर्ट के अनुसार):
- भिवाड़ी (Bhiwadi): अक्सर सबसे ऊपर रहता है, बहुत खराब श्रेणी।
- चूरू (Churu): उच्च AQI के साथ गंभीर रूप से प्रदूषित।
- कोटा (Kota): खराब से गंभीर प्रदूषण।
- जयपुर (Jaipur): खराब श्रेणी में, हालांकि सुधार के प्रयास जारी हैं।
- सीकर (Sikar): खराब श्रेणी में।
- बीकानेर (Bikaner): गंभीर प्रदूषण की स्थिति।
- टोंक (Tonk): अक्सर खराब AQI के साथ।
- पाली (Pali): उच्च AQI दर्ज।
- श्रीगंगानगर (Sri Ganganagar): प्रदूषित शहरों में शामिल।
- धौलपुर (Dholpur): खराब श्रेणी में।
- हनुमानगढ़ (Hanumangarh): शीर्ष प्रदूषित शहरों में से एक।
- जोधपुर (Jodhpur): प्रदूषण का स्तर बढ़ा।
- अलवर (Alwar): खराब AQI।
- उदयपुर (Udaipur): प्रदूषण दर्ज किया गया।
- चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh): प्रदूषण का स्तर अधिक।
- जालौर (Jalor): खराब AQI
- जैसलमेर (Jaisalmer): प्रदूषण की स्थिति।
- नागौर (Nagaur): प्रदूषित शहरों में शामिल।
निष्कर्ष: हाल ही में (2024-2025) की रिपोर्टों के अनुसार, भिवाड़ी, चूरू, कोटा, और जयपुर जैसे शहर वायु प्रदूषण के मामले में प्रमुखता से सामने आए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और IQAir जैसी संस्थाओं की रिपोर्टें इन शहरों की प्रदूषण स्थिति का वास्तविक समय में आकलन करती हैं।
यह सूची बदलती रहती है, लेकिन पूर्वी राजस्थान (भिवाड़ी, अलवर, भरतपुर) और पश्चिमी राजस्थान (चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर) के कई जिले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं।
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