राजस्थान में बीटी कपास उगाने की तैयारी, 34 कंपनियों को मिली हरी झंडी, सख्त नियमों का करना होगा पालन
Jageshwar prasad | Apr 22, 2026, 14:46 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में खरीफ सीजन 2026 से बीटी कपास के हाइब्रिड बीजों की बिक्री की अनुमति मिली है। सरकार ने 34 कंपनियों को अनुमति दी है, लेकिन बीजों के परीक्षण, रिफ्यूज बीज, और अन्य सख्त नियमों का पालन अनिवार्य किया है।
News In Short
- राजस्थान में खरीफ सीजन 2026 से बीटी कपास के हाइब्रिड बीजों की बिक्री को हरी झंडी।
- 34 कंपनियों को मिली बीटी कपास बेचने की अनुमति, सख्त नियमों का पालन अनिवार्य।
- बीटी कपास के लिए रिफ्यूज बीज अनिवार्य, खेती में फसल बीमारी की रोकथाम की योजना।
- किसानों के लिए बीज गुणवत्ता मानक सुनिश्चित करने के लिए QR कोड और फिक्स कीमतें।
- बीटी कपास के हाइब्रिड बीजों की बिक्री पर निगरानी, 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य।
News In Detail
GEAC की मुहर के बाद शुरू होगी सप्लाई
ट्रायल के बिना एंट्री नहीं
श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ के लिए 'स्पेशल नो'
कंपनियों को बनना होगा टीचर
बुवाई से पहले: बीजों का चयन और जमीन की तैयारी।
फसल की वृद्धि के दौरान: खाद और उर्वरक का सही प्रबंधन।
कटाई के समय: फसल की सुरक्षा और अधिकतम पैदावार के तरीके।
रिफ्यूज बीज (Refuge Seeds) पर सख्त नजर
पैक पर QR कोड और फिक्स दाम
QR कोड: हर पैकेट पर QR कोड और कंपनी का नंबर होगा, जिससे किसान बीज की असलियत जान सकेंगे।
कीमत पर लगाम: कोई भी कंपनी सरकार द्वारा तय की गई अधिकतम सीमा से ज्यादा दाम नहीं वसूल पाएगी।
सहकारी संस्थाओं का रोल: छोटे किसानों को आसानी से बीज मिले, इसके लिए 15-20% बीज KVSS, GSS और FPOs के जरिए बांटे जाएंगे।
कंपनियों को देनी होगी हर 15 दिन में रिपोर्ट
क्या है बीटी कपास?
बीटी कपास की फसल में कीटों के कारण होने वाली क्षति कम होती है, जिससे फसल की उपज बेहतर होती है। साथ ही बीटी कपास के प्रयोग से किसानों को कम कीटनाशक छिड़काव की आवश्यकता होती है, जो पर्यावरण के लिए फायदेमंद है। लेकिन लंबे समय तक बीटी कपास की खेती से कुछ कीटों में प्रतिरोध विकसित हो सकता है। इसका उपयोग जैविक विविधता को भी प्रभावित कर सकता है। अतः इसके नफा और नुकसान दोनों हैं।
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