राजस्थान चिकित्सा मंत्री के बेटे RCA से आउट, जोधपुर क्रिकेट संघ की मान्यता भी एडहॉक कमेटी ने की रद्द
Nitin Kumar Bhal | Oct 14, 2025, 11:10 IST
Photograph: (TheSootr)
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। दीनदयाल कुमावत ने जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की मान्यता रद्द की, और कुछ अन्य संघों पर कार्रवाई की धमकी दी।
Jaipur . राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। RCA की एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की मान्यता रद्द कर दी है, जिसकी अध्यक्षता राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर कर रहे हैं। इस कदम ने क्रिकेट के मैदान से बाहर एक नई सियासी लड़ाई को जन्म दिया है, जिसमें कई आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं। इस मामले में कुमावत ने सिर्फ जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की मान्यता ही रद्द नहीं की, बल्कि RCA के संविधान के खिलाफ काम करने के आरोप में तीन और जिला क्रिकेट संघ के खिलाफ लोकपाल में शिकायत भी की है। इनमें भाजपा के प्रदेश सचिव पिंकेश जैन का प्रतापगढ़ जिला क्रिकेट संघ, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी के बेटे आशीष तिवारी का सीकर जिला क्रिकेट संघ और पूर्व कैबिनेट मंत्री व भाजपा विधायक डॉ. जसवंत सिंह यादव के पुत्र मोहित यादव का अलवर जिला क्रिकेट संघ शामिल हैं।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान में अब कहीं भी लगाओ सोलर पैनल, वर्चुअल नेट मीटरिंग से घर-दुकान में पाओ बिजली
दीनदयाल कुमावत ने रविवार को एडहॉक कमेटी के चार सदस्यीय बैठक को अवैध करार देते हुए उसके फैसलों को बेबुनियाद और प्रभावहीन बताया। उनका कहना था कि राजस्थान खेल अधिनियम 2005 और RCA संविधान के अनुसार किसी भी बैठक को आयोजित करने का अधिकार केवल संयोजक या अध्यक्ष को ही है। इस बैठक के लिए न तो कोई लिखित आवेदन और न ही कारण बताने की आवश्यकता थी, जो कि RCA के नियमों का उल्लंघन है। कुमावत ने आरोप लगाया कि यह बैठक उनकी जानकारी और सहमति के बिना आयोजित की गई थी, जिससे यह सारे प्रस्ताव शून्य और अवैध हो गए।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान मौसम अपडेट : तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, दिन-रात के तापमान में दोगुने का अंतर
दीनदयाल कुमावत ने यह भी साफ किया कि RCA के संविधान के अनुसार, किसी भी बैठक को बुलाई जाने से पहले 21 दिन का पूर्व नोटिस दिया जाना चाहिए। इसके तहत 5 सितंबर 2025 को आयोजित वार्षिक साधारण सभा (AGM) में लोकपाल की नियुक्ति का एजेंडा शामिल था, जिसमें सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से उन्हें लोकपाल नियुक्त करने का अधिकार दिया था। इसके बावजूद, 12 अक्टूबर को बुलाई गई बैठक का कोई औचित्य नहीं था। कुमावत ने यह आरोप भी लगाया कि इस बैठक के पीछे धनंजय सिंह खींवसर की व्यक्तिगत नाराजगी और द्वेष भावना थी, क्योंकि वे नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रहते हुए जोधपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष भी बन गए थे, जो कि RCA संविधान और राजस्थान खेल अधिनियम 2005 का उल्लंघन है।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान का छात्र कजाकिस्तान में वेंटिलेटर पर, एयरलिफ्ट कर भारत लाने की मांग, केंद्र-राज्य से मांगी मदद
RCA के रिकॉर्ड के अनुसार, जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की किसी भी प्राथमिक इकाई में धनंजय सिंह खींवसर न तो सदस्य हैं, न ही निर्वाचित पदाधिकारी हैं। इसी आधार पर, RCA ने जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की सदस्यता को 12 अक्टूबर 2025 से पहले ही निरस्त कर दिया था। कुमावत ने इस मामले को लोकपाल के पास भेज दिया था और मामले की गहनता से जांच करने की अपील की थी। उनके मुताबिक, यह कदम कोर्ट के निर्देशों के तहत लिया गया था और इसमें कोई भी गलतफहमी या व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं था।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान के अस्पताल में फिर लगी आग, धमाकों ने दहलाया, रामभरोसे सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में यह घमासान एक बार फिर दिखाता है कि क्रिकेट के मैदान से बाहर भी राजनीति और सियासत का प्रभाव है। क्रिकेट संघों में चल रही इस लड़ाई ने क्रिकेट के खेल को प्रभावित किया है, और अब यह मामला न्यायालय और लोकपाल तक जा पहुंचा है। इस तरह के विवाद क्रिकेट की प्रक्रिया को ही बाधित करते हैं और इससे खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों को भी दुख होता है।
यह खबर भी देखें...
अंता उपचुनाव में भाजपा की टिकट के नाम पर ठगी, बारां प्रधान को बनाया निशाना
अब इस विवाद में आगे की कार्रवाई लोकपाल द्वारा की जाएगी। कुमावत ने साफ कहा कि 12 अक्टूबर को बुलाई गई बैठक अवैध थी, और उस बैठक के पारित प्रस्तावों का कोई भी कानूनी आधार नहीं है। इस मामले में अब तक धनंजय सिंह खींवसर की तरफ से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन उनके खिलाफ आरोप दिन-प्रतिदिन मजबूत होते जा रहे हैं। कोर्ट और लोकपाल के फैसले के बाद ही यह मामला सुलझेगा और RCA में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान सरकार ने केन्द्र से वापस मांगे अपने IAS अफसर, ब्यूरोक्रेसी में बड़े बदलाव की संभावना
यह खबर भी देखें...
राजस्थान में अब कहीं भी लगाओ सोलर पैनल, वर्चुअल नेट मीटरिंग से घर-दुकान में पाओ बिजली
rajasthan-cricket-association-political-crisis-dinadayal-kumawat-dananjay-singh-khimsar
दीनदयाल कुमावत का कड़ा कदम
rajasthan-cricket-association-political-crisis-dinadayal-kumawat-dananjay-singh-khimsar
यह खबर भी देखें...
राजस्थान मौसम अपडेट : तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, दिन-रात के तापमान में दोगुने का अंतर
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का संविधान क्या है?
यह खबर भी देखें...
राजस्थान का छात्र कजाकिस्तान में वेंटिलेटर पर, एयरलिफ्ट कर भारत लाने की मांग, केंद्र-राज्य से मांगी मदद
जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की मान्यता रद्द
यह खबर भी देखें...
राजस्थान के अस्पताल में फिर लगी आग, धमाकों ने दहलाया, रामभरोसे सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा
धनंजय सिंह खींवसर पर क्या आरोप हैं?
RCA की एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने बताया कि धनंजय सिंह खींवसर उनके भाई हैं, लेकिन एक व्यक्ति एक साथ दो जिलों का पदाधिकारी नहीं बन सकता है, जैसा कि उन्होंने किया। इस मामले में हाईकोर्ट का स्पष्ट फैसला आ चुका है, जिसके बाद एडहॉक कमेटी ने जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की मान्यता रद्द करने का निर्णय लिया। अब इस मामले पर लोकपाल सुनवाई करेंगे, और इसके बाद ही इस मामले में कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
क्रिकेट के मैदान से बाहर की सियासी लड़ाई
यह खबर भी देखें...
अंता उपचुनाव में भाजपा की टिकट के नाम पर ठगी, बारां प्रधान को बनाया निशाना
आरसीए एडहॉक कमेटी क्या है?आरसीए एडहॉक कमेटी एक अस्थायी समिति है जिसे राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के मामलों का प्रबंधन करने के लिए बनाया गया है। यह आमतौर पर तब बनाई जाती है जब आरसीए की कार्यकारिणी भंग हो जाती है या किसी विवाद के कारण निष्क्रिय हो जाती है।उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य आरसीए के भीतर विवादों को सुलझाना, पारदर्शिता लाना और राजस्थान में क्रिकेट को बढ़ावा देना है। संरचना: यह एक संयोजक और कुछ सदस्यों से मिलकर बनती है। हाल ही में डीडी कुमावत को संयोजक नियुक्त किया गया था। कार्य: समिति के कार्यों में चुनाव आयोजित करना, क्रिकेट गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाना और क्रिकेट के बुनियादी ढांचे का विकास करना शामिल है। विवाद: हाल के वर्षों में समिति में कई विवाद देखने को मिले हैं, जिनमें संयोजक के फैसलों पर सदस्यों की असहमति भी शामिल है। अस्थायी प्रकृति: यह एक अस्थायी समिति होती है और इसका कार्यकाल सीमित होता है। इसे समय-समय पर बढ़ाया जा सकता है, जब तक कि आरसीए में नए चुनाव नहीं हो जाते। | |
अगले कदम: लोकपाल और कोर्ट की भूमिका
यह खबर भी देखें...
राजस्थान सरकार ने केन्द्र से वापस मांगे अपने IAS अफसर, ब्यूरोक्रेसी में बड़े बदलाव की संभावना
FAQ
- 1. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में सियासी घमासान क्यों हो रहा है?
यह घमासान जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की मान्यता रद्द करने और इसके साथ ही कुछ अन्य जिला क्रिकेट संघों पर कार्रवाई को लेकर है। दीनदयाल कुमावत ने आरोप लगाया है कि बैठक अवैध थी और इसके पारित प्रस्तावों का कोई कानूनी आधार नहीं है। - 2. RCA के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने कौन से आरोप लगाए हैं?
RCA के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने आरोप लगाया कि जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की बैठक बिना उनकी सहमति के आयोजित की गई थी और इसके फैसले प्रभावहीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक के पीछे व्यक्तिगत द्वेष भावना है, क्योंकि धनंजय सिंह खींवसर ने एक साथ दो जिलों का पदाधिकारी बनने की कोशिश की। - 3. क्या जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की मान्यता रद्द हो गई है?
जी हां, RCA ने जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की सदस्यता को 12 अक्टूबर 2025 से पहले ही निरस्त कर दिया था। इस मामले को लोकपाल के पास भेजा गया है और इसकी जांच की जा रही है। - 4. जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की मान्यता रद्द करने के मामले में आगे की कार्रवाई क्या होगी?
आगे इस मामले पर लोकपाल द्वारा सुनवाई की जाएगी और उसके बाद ही कोर्ट और लोकपाल का फैसला आएगा, जिससे RCA के भविष्य की स्थिति स्पष्ट होगी। - 5. धनंजय सिंह खींवसर पर क्या आरोप हैं?
धनंजय सिंह खींवसर पर आरोप है कि उन्होंने दो जिलों का पदाधिकारी बनने की कोशिश की, जो कि RCA संविधान और राजस्थान खेल अधिनियम 2005 का उल्लंघन है।
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj