राजस्थान में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़, दवाओं के 23 से अधिक बैच के सैंपल फेल
Nitin Kumar Bhal | Oct 06, 2025, 11:39 IST
Photograph: (TheSootr)
राजस्थान में 23 दवा कंपनियों के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल हो गए, जिससे लाखों दवाइयां बाजार में बिक चुकी थीं। दवाइयों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
राजस्थान में दवा कंपनियों के 23 से अधिक बैच के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल हो गए हैं, जिससे राज्य में दवाइयों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। खासतौर पर उन दवाइयों में एंटीबायोटिक, इंफेक्शन खत्म करने वाली दवाएं, कार्डियक (cardiac) और अन्य महत्वपूर्ण दवाएं शामिल थीं। इन दवाइयों के सैंपल की रिपोर्ट आने से पहले ही करीब 3 लाख टैबलेट बाजारों में बिक चुकी थीं, जिससे लाखों लोगों की सेहत पर खतरा मंडराने लगा।
यह खबर भी देखें...
जयपुर के SMS हॉस्पीटल में लगी आग, आठ मरीजों की मौत, देररात हुआ हादसा
राजस्थान में इन
राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने विभिन्न दवाइयों के सैंपल की जांच की, और यह चौंकाने वाला था कि उनमें से कई बैच गुणवत्ता जांच में फेल हो गए। इनमें से कुछ प्रमुख दवाइयों के बैच थे जिनकी जांच में गड़बड़ी पाई गई:
यह खबर भी देखें...
राजस्थान मौसम अपडेट : आज नौ जिलों में बारिश का ऑरेंज व 20 जिलों में येलो अलर्ट
सीकर जिले के हाथीदेह पीएचसी (Public Health Centre) में फार्मासिस्ट के निलंबन के बाद, राजस्थान फार्मासिस्ट एसोसिएशन (Rajasthan Pharmacist Association) ने विरोध जताया है। संगठन का कहना है कि जब मेडिकल ऑफिसर (Medical Officer) केंद्र पर नहीं है, तो फार्मासिस्ट को दवा देने का आदेश सरकार को जारी करना चाहिए। यह मुद्दा गंभीर हो गया है, क्योंकि फार्मासिस्ट की भूमिका दवाओं की वितरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होती है, और उनकी निलंबन से व्यवस्था में असंतुलन आ सकता है।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान में एक तरफ अफसरों की कमी, दूसरी ओर पदस्थापन के इंतजार में प्रमोटी IAS
राजस्थान में दवाओं के सैंपल फेल होने के बाद, एक बड़ा सवाल यह उठता है कि दवाइयों की गुणवत्ता की जांच और निगरानी प्रणाली कितनी प्रभावी है। खासकर जब इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयां बाजार में बिक चुकी हैं और उन दवाइयों के सैंपल फेल हो गए हैं, तो यह चिंता का विषय है कि इन दवाइयों का असर लोगों की सेहत पर क्या हो सकता है।
यह खबर भी देखें...
सरकारी शिविर में अव्यवस्था देख भड़के मदन दिलावर, अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी
यह घटना इस बात को उजागर करती है कि दवा कंपनियां अपनी उत्पादित दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए और कड़ी निगरानी रखें। वहीं, सरकारी निगरानी प्रणाली को भी दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए और सख्त बनाना होगा ताकि भविष्य में इस प्रकार के हादसों से बचा जा सके।
राजस्थान सरकार को चाहिए कि वह इस प्रकार की घटनाओं की जांच करवाए और दोषी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई करे। इससे न केवल दवाइयों की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि आम लोगों की सेहत को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा।
यह खबर भी देखें...
दवा कंपनियों की धोखाधड़ी, जीएसटी कम होने का लाभ नहीं, मरीज परेशान
अब सवाल यह है कि जब यह दवाइयां बाजार में फैल चुकी हैं, तो इससे नागरिकों की सेहत पर क्या असर पड़ेगा? दवाइयों के फेल होने से कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे कि गलत दवाइयों के कारण इंफेक्शन का इलाज नहीं हो पाना, दवाइयों से अनचाहे साइड इफेक्ट्स का होना और अस्वस्थ स्थिति का उत्पन्न होना।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान में राजनीतिक रसूख बढ़ा रहे बिजली चोरी, बेढम-खींवसर-पायलट-शेखावत-मेघवाल के गढ़ में जम्पर की भरमार
इस समस्या से निपटने के लिए समय पर सही जानकारी देना और उपयुक्त उपायों को लागू करना बेहद जरूरी है। जैसे ही सैंपल की रिपोर्ट आई, उन दवाइयों को बाजार से हटा लिया जाना चाहिए था। साथ ही, उपभोक्ताओं को भी इसके बारे में सूचित करना चाहिए, ताकि वे उस दवा का सेवन न करें।
यह खबर भी देखें...
राजस्थान के 18 IAS-IPS बने चुनाव पर्यवेक्षक, बिहार चुनाव में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका
राजस्थान सरकार को चाहिए कि वह दवाइयों की गुणवत्ता और उनकी प्रभावशीलता पर ध्यान देने के लिए और सख्त नियम बनाए। दवाइयों की जांच प्रक्रिया को और कड़ा किया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को बेहतर निगरानी और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।
यह खबर भी देखें...
कफ सिरप विवाद : राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद जागी सरकार, कायसन फार्मा की दवाओं पर रोक
यह खबर भी देखें...
जयपुर के SMS हॉस्पीटल में लगी आग, आठ मरीजों की मौत, देररात हुआ हादसा
rajasthan-drug-sample-quality-failures
राजस्थान में इन दवाओं के सैंपल फेल
- एंटीबायोटिक दवाइयां: इमोक्सीसिलन, क्लेवूलेनिक एसिड टैबलेट, सिफ्रोफ्लोक्सासिन, सेफपोडॉक्सिन, सेफट्राइजोन इंजेक्शन के 6 बैच फेल हुए। इनमें से मेडिरिच लिमिटेड की 1 लाख से अधिक दवाइयां पहले ही बाजार में बिक चुकी थीं।
- स्टेरॉयड दवाइयां: बीटामेथॉसॉन के 3 बैच फेल हो गए। 5 दिसम्बर को रिपोर्ट आई, लेकिन तब तक मेडिवेल बायोटिक की 30,000 दवाइयां बिक चुकी थीं।
- एंटीएलर्जिक दवाइयां: लिवोसिट्रोजिन और मोंटेलुकास्ट के 4 बैच फेल हो गए थे। 5 दिसम्बर को रिपोर्ट आई, लेकिन तब तक थेराविन फार्माल्यूसेशन की 35,000 दवाइयां बिक चुकी थीं।
- एंटी डायबिटीक दवाइयां: ग्लिमिप्राइड और पायोग्लीटाजोन के 3 बैच फेल हुए, और रिलीफ बायोटेक की 18,000 से अधिक दवाइयां बिक चुकी थीं।
- पेनकिलर दवाइयां: एसीक्लोफिनेक और पेरासिटामोल के 3 बैच फेल हुए, जबकि इप्का लेबोरेट्री की 20,000 दवाइयां बिक चुकी थीं।
- विटामिन और कैल्शियम सप्लीमेंट: एफि पेरेन्टल्स की 40,000 से अधिक दवाइयां बिक चुकी थीं।
- पेट गैस की दवाइयां: एरिस्टो फार्मास्यूटिकल प्राइवेट लिमिटेड के 15,000 दवाइयां बिक चुकी थीं।
- कार्डियक दवाइयां: लोसरटान के 2 बैच फेल हुए थे, और एमेक्स फार्मा की 10,000 से अधिक दवाइयां बिक चुकी थीं।
rajasthan-drug-sample-quality-failures
राजस्थान मौसम अपडेट : आज नौ जिलों में बारिश का ऑरेंज व 20 जिलों में येलो अलर्ट
सीकर में फार्मासिस्ट के निलंबन का विरोध
यह खबर भी देखें...
राजस्थान में एक तरफ अफसरों की कमी, दूसरी ओर पदस्थापन के इंतजार में प्रमोटी IAS
rajasthan-drug-sample-quality-failures
दवाइयों की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल
यह खबर भी देखें...
सरकारी शिविर में अव्यवस्था देख भड़के मदन दिलावर, अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी
कंपनियों की जिम्मेदारी और सरकारी निगरानी
राजस्थान सरकार को चाहिए कि वह इस प्रकार की घटनाओं की जांच करवाए और दोषी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई करे। इससे न केवल दवाइयों की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि आम लोगों की सेहत को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा।
यह खबर भी देखें...
दवा कंपनियों की धोखाधड़ी, जीएसटी कम होने का लाभ नहीं, मरीज परेशान
rajasthan-drug-sample-quality-failures
दवाइयों के बाजार में फैलने का प्रभाव
यह खबर भी देखें...
राजस्थान में राजनीतिक रसूख बढ़ा रहे बिजली चोरी, बेढम-खींवसर-पायलट-शेखावत-मेघवाल के गढ़ में जम्पर की भरमार
समय पर सूचना और उपायों की आवश्यकता
यह खबर भी देखें...
राजस्थान के 18 IAS-IPS बने चुनाव पर्यवेक्षक, बिहार चुनाव में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका
राजस्थान सरकार दे दवाइयों की गुणवत्ता पर ध्यान
यह खबर भी देखें...
कफ सिरप विवाद : राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद जागी सरकार, कायसन फार्मा की दवाओं पर रोक
FAQ
- 1. राजस्थान में दवाइयों के सैंपल क्यों फेल हुए?
दवाइयों के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल हुए क्योंकि इन दवाइयों का निर्माण मानकों के अनुसार नहीं किया गया था। इसके कारण दवाइयों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। - 2. क्या राजस्थान में फेल हुई दवाइयों को बाजार से हटा लिया गया?
सैंपल फेल होने के बाद दवाइयों को बाजार से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन कई दवाइयां पहले ही बिक चुकी थीं। - 3. क्या सैंपल फेल दवाइयों का सेवन स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है?
हां, इन दवाइयों का सेवन स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है, क्योंकि फेल हुई दवाइयां इंफेक्शन को ठीक करने में सक्षम नहीं होतीं। - 4. राजस्थान सरकार ने सैंपल फेल दवाइयों पर क्या कदम उठाए हैं?
राजस्थान सरकार ने सैंपल फेल होने के बाद जांच की प्रक्रिया शुरू की है और दोषी कंपनियों पर कार्रवाई की योजना बनाई है।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari