शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कारनामा, कर दिया मृत व्याख्याता का तबादला
Purshottam Kumar Joshi | Jan 11, 2026, 16:49 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के शिक्षा विभाग में एक मृतक व्याख्याता का स्थानांतरण आदेश जारी होने से यह साबित हो गया है कि विभाग की कार्यप्रणाली में गड़बड़ियां हैं। इससे न केवल मृतक के परिवार बल्कि पूरे शिक्षा क्षेत्र में असमंजस पैदा हुआ है।
Jaipur. राजस्थान के करौली में शिक्षा विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक व्याख्याता की मृत्यु के करीब दो महीने बाद विभाग ने उसका तबादला आदेश जारी कर दिया। इससे मृतक के परिवार में शोक के बीच आक्रोश की लहर दौड़ गई।
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राजस्थान के करौली जिले के हिण्डौन से एक मृतक व्याख्याता संतराज माली का नाम शिक्षा विभाग की हालिया तबादला सूची में पाया गया। मृतक का तबादला धौलपुर जिले के सिलावत गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में किया गया था। इस त्रुटिपूर्ण आदेश को देखकर मृतक के परिवार के सदस्य एक बार फिर अविश्वास और दुख में डूब गए। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि शिक्षा विभाग के भीतर व्यवस्था की गड़बड़ियां कितनी गंभीर हो सकती हैं।
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शिक्षा विभाग द्वारा 9 जनवरी को जारी की गई इतिहास विषय के व्याख्याताओं की "जंबो" तबादला सूची में संतराज माली का नाम देखकर स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों में हड़कंप मच गया। इस सूची में संतराज माली का नाम हिण्डौन पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से धौलपुर जिले के गांव सिलावत के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्थानांतरण के रूप में दर्ज था। यह सूची शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है, क्योंकि माली का निधन नवम्बर 2025 में हो चुका था।
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हाल ही में, शिक्षा विभाग के बीच सत्र में किए गए स्थानांतरणों पर अदालत ने तल्ख टिप्पणी की थी, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने फिर से बड़े पैमाने पर स्थानांतरण सूची जारी की। एक ओर जहां अदालत ने विभाग के तबादलों पर सवाल उठाया था, वहीं दूसरी ओर सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और शिक्षकों का तबादला जारी रखा। यह सवाल खड़ा करता है कि क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों को छात्रों और शिक्षकों के भले की कोई चिंता है।
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अप्रेल में
अप्रेल में नया शिक्षा सत्र शुरू होने वाला है, और फरवरी से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की वार्षिक परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। इसके बावजूद, शिक्षकों के बीच निरंतर स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को कठिनाई हो सकती है। खासतौर से ऐसे समय में जब पाठ्यक्रम पूरा करने की समय सीमा भी नजदीक है।
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हाल के दिनों में उप प्राचार्य और उप जिला शिक्षा अधिकारियों (शारीरिक शिक्षा) के स्थानांतरण किए गए हैं। इसके बाद शाला दर्पण के माध्यम से कार्य ग्रहण और कार्य मुक्त करने की प्रक्रिया भी तेजी से संपन्न हो रही है। लेकिन यह तेजी विभाग में और भी बदलावों और असमंजस का कारण बन रही है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में और समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
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मृतक व्याख्याता का तबादला
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कारनामा
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शिक्षा विभाग में तबादला और अराजकता
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अप्रेल में नया शिक्षा सत्र और बढ़ती समस्या
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तबादला प्रक्रिया में बदलाव और परेशानियां
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मुख्य बिंदू :
- राजस्थान शिक्षा विभाग ने मृतक व्याख्याता का तबादला आदेश जारी किया, जिससे परिवार को अत्यधिक दुख हुआ।
- शिक्षा विभाग के पास तबादला प्रक्रिया के लिए स्पष्ट मानक नहीं है। इससे शिक्षकों और छात्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
- शिक्षा विभाग में तबादलों की प्रक्रिया छात्रों और शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है, खासकर जब नया सत्र और परीक्षा नजदीक हो।
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