दाग मिटाने में लगे 32 साल, हाई कोर्ट ने किया बरी, गेहूं पिसाई को लेकर हुई थी मामूली कहासुनी
Ashish Bhardwaj | Feb 06, 2026, 21:12 IST
Photograph: (the sootr)
आखिरकार राजस्थान में लाल सिंह को एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में बरी हो गया। उसे इस केस का दाग मिटाने के लिए 32 साल की कानूनी जंग लड़नी पड़ी। हाई कोर्ट ने यह करते हुए लालसिंह को बरी कर दिया कि विवाद में गलत तरीके से इस एक्ट को जोड़ा गया।
News In Short
- राजस्थान हाई कोर्ट ने 32 साल बाद लालसिंह को एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में बरी किया।
- मामले में पैसे के लेन-देन को लेकर झगड़ा था, जिसे जातिसूचक शब्दों से जोड़ा गया।
- निचली अदालत ने निचली अदालत ने इस मामले में लालसिंह को सजा सुनाई थी
- लालसिंह ने अपने खिलाफ मुकदमे को झूठा बताते हुए हाई कोर्ट में चुनौती दी थी
- हाई कोर्ट ने माना कि निजी विवाद में जातिवाद का आरोप पूरी तरह गलत था।
News In Detail
32 साल लड़ी कानूनी लड़ाई
मामला कैसे शुरू हुआ
हाई कोर्ट में किस तरह से मामला आया?
कोर्ट का फैसला
न्यायिक व्यवस्था की भूमिका
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