40% कमीशन कांड के बाद MLALAD नियम सख्त, सरकार ने किए 6 बदलाव

Jageshwar prasad | Jun 25, 2026, 15:40 IST
Share
MLALAD नियम सख्त, सरकार ने किए 6 बदलाव
MLALAD नियम सख्त, सरकार ने किए 6 बदलाव

विधायक निधि में 40% कमीशन खुलासे के बाद राजस्थान सरकार ने MLALAD गाइडलाइन में 6 बड़े बदलाव किए। बिना मांग अनुशंसा बंद, फंड कैरी फॉरवर्ड नहीं होगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • MLALAD में 40% कमीशन कांड के बाद सरकार ने गाइडलाइन में 6 संशोधन किए।
  • अब विधायक बिना जनमांग के किसी कार्य की अनुशंसा नहीं कर पाएंगे।
  • कार्यकारी एजेंसी का चयन अब कलेक्टर और जिला परिषद CEO करेंगे।
  • कैरी फॉरवर्ड पूरी तरह बंद, बची राशि उसी वित्तीय वर्ष में खर्च करनी होगी।
  • अनुशंसा से कार्य पूरा होने तक की प्रक्रिया वेबसाइट पर लाइव ट्रैक होगी।
राजस्थान में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MLALAD) में भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गाइडलाइन में 6 अहम संशोधन किए गए हैं। अब विधायक बिना जनमांग के किसी कार्य की अनुशंसा नहीं कर पाएंगे।

कार्यकारी एजेंसी का चयन अब कलेक्टर और जिला परिषद के सीईओ करेंगे। फंड कैरी फॉरवर्ड पूरी तरह बंद होगा और पूरी प्रक्रिया का लाइव अपडेट विभाग की वेबसाइट पर होगा।

40% कमीशन कांड से शुरू हुई कार्रवाई

14 दिसंबर 2025 खुलासा हुआ था कि कुछ विधायक अपनी निधि में भ्रष्टाचार कर रहे हैं। इसमें तीन विधायकों पर आरोप हैं कि इन विधायकों ने 40 फीसदी कमीशन की डील की।

विधायक रेवंतराम डांगा ने 50 लाख और अनीता जाटव ने 80 लाख के काम का लेटर दिया। वहीं विधायक ऋतु बनावत के पति ऋषि बंसल ने 40 लाख की डील की थी। इस खुलासे के एक दिन बाद 15 दिसंबर 2025 को सरकार ने तीनों विधायकों की निधि सीज कर दी थी।

सावंत कमेटी और नई गाइडलाइन

सरकार ने जांच के लिए मुख्य सतर्कता आयुक्त और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर सावंत की अध्यक्षता में एक समिति बनाई। सावंत कमेटी ने गाइडलाइन में बदलाव की सिफारिश की।

इसके आधार पर कृषि और ग्रामीण विकास विभाग ने नया खाका तैयार किया है। अब विधायकों की एक कमेटी इन पर मंथन करेगी। उसके बाद ही संशोधित गाइडलाइन को अंतिम रूप मिलेगा।

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि मंत्री के निर्देश पर विधानसभा अध्यक्ष की सलाह से विधायकों की कमेटी गठित हुई है। उसकी रिपोर्ट के बाद ही संशोधित गाइडलाइन लागू होगी।

6 बड़े बदलाव क्या हैं?

अनुशंसा: पहले विधायक अपनी मर्जी से किसी भी विकास कार्य की अनुशंसा कर सकते थे। अब अनुशंसा तब ही होगी जब जनता की मांग हो और विधायक उस मांग की पुष्टि करें।

कार्यकारी एजेंसी: पहले विधायक अनुशंसा पत्र में कार्यकारी एजेंसी का नाम भी लिख देते थे। अब यह काम संबंधित कलेक्टर या जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) करेंगे।

फिजिबिलिटी: पहले अनुशंसा के बाद सीधे प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिल जाती थी। अब पहले संबंधित विभाग जांचेगा कि कार्य व्यवहार्य है या नहीं। यह भी देखा जाएगा कि वही कार्य किसी सरकारी योजना या बजट घोषणा में तो नहीं आता।

कैरी फॉरवर्ड बंद: पहले 5 करोड़ की राशि बचने पर अगले साल कैरी फॉरवर्ड हो जाती थी। अब यह राशि उसी वित्तीय वर्ष में खर्च करनी होगी। बची राशि लैप्स हो जाएगी।

सीधी खरीद सीमित: पहले विधायक बड़ी राशि सीधी खरीद पर लगा सकते थे। अब निधि का ज्यादातर हिस्सा विकास कार्यों पर खर्च होगा। सीधी खरीद केवल सीमित मात्रा में होगी।

लाइव अपडेट: अनुशंसा से कार्य पूरा होने तक की पूरी प्रक्रिया अब विभाग की वेबसाइट पर लाइव ट्रैक होगी।

MLALAD क्या है?

हर विधायक को अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की सिफारिश करने के लिए हर साल 5 करोड़ रुपए मिलते हैं। इससे सड़क, शिक्षा, पेयजल जैसे कार्य होते हैं। कुल बजट का करीब 20 फीसदी हिस्सा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) क्षेत्रों में खर्च करना अनिवार्य है।

FAQ

  1. MLALAD क्या है और विधायक को कितना फंड मिलता है?
    MLALAD यानी विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत हर विधायक को प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपए मिलते हैं। इससे क्षेत्र में सड़क, पानी, शिक्षा जैसे विकास कार्य होते हैं।
  2. MLALAD की नई गाइडलाइन में सबसे बड़ा बदलाव क्या है?
    सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब विधायक बिना जनमांग के किसी भी कार्य की अनुशंसा नहीं कर सकते। साथ ही फंड कैरी फॉरवर्ड नहीं होगा और पूरी प्रक्रिया लाइव वेबसाइट पर दिखेगी।

ये भी पढ़ें:-

वीआईपी वाहनों के नाम पर फर्जी फ्यूल बिल, स्टेट मोटर गैराज में बड़ा घपला

एसीबी को बीज निगम के निदेशक से मिले 1.59 करोड़, भांजे से 85 लाख बरामद

फलोदी विधायक के पीए ने किसे दिए 60 लाख, एसीबी अब खोलेगी राज

बीज में रिश्वतखोरी: रिमांड के बाद आरोपियों को भेजा जेल, एसीबी को मिले अहम सबूत

Tags:
  • भ्रष्टाचार
  • अनुसूचित जाति
  • अनुसूचित जनजाति
  • गृह विभाग
  • कृषि और ग्रामीण विकास विभाग
  • MLALAD
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती