सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: व्यक्तियों के नाम पर राजस्व गांव बनाने की अधिसूचना रद्द
Mukesh Sharma | Jan 01, 2026, 20:24 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के बाड़मेर जिले में व्यक्तियों के नाम पर अमरगढ़ और सगतसर बनाए थे। इसकी अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। दोनों गांव 31 दिसंबर, 2020 को बाड़मेर जिले के सोहदा गांव से अलग करके बनाए थे।
Jaipur. सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के बाड़मेर जिले में निजी व्यक्तियों के नाम पर अमरगढ़ और सगतसर दो गांव बनाने की राजस्थान सरकार की अधिसूचना रद्ध कर दी है।
दोनों गांव 31 दिसंबर, 2020 को बाड़मेर जिले के सोहदा गांव से अलग करके बनाए थे। दोनों ही गांव के नाम जमीन दान करने वालों अमराराम के नाम पर अमरगढ़ और सगत सिंह के नाम पर सगतसर रखे गए थे।
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भीकाराम व अन्य ने 31 दिसंबर, 2020 की अधिसूचना को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती देकर इसे रद्ध करने की गुहार की थी। हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए सरकार के फैसले को सही ठहराया था। हाईकोर्ट के आदेश को भीकाराम व अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अधिसूचना 2009 के सरकारी परिपत्र का स्पष्ट उल्लंघन है। राजस्व विभाग के 20 अगस्त 2009 के परिपत्र के खंड-4 में कहा गया है कि राजस्व गांव का नाम किसी व्यक्ति, धर्म, जाति या उपजाति के आधार पर नहीं रखा जा सकता। इसका उद्देश्य समाज में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना है, जिससे किसी व्यक्ति या समुदाय को अनुचित लाभ न मिले।
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सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह परिपत्र एक पॉलिसी निर्णय है। भले ही यह वैधानिक कानून न हो, लेकिन कार्यकारी नीति होने के कारण यह सरकार के लिए बाध्यकारी है। इसे वापस लिए बिना या विधिवत रुप से संशोधन किए बिना इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता। इसका उल्लंघन मनमाना व संविधान के अनुच्छेद-14 का उल्लंघन है।
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हाईकोर्ट का कहना था कि गांव 2020 में बन चुके थे और इसे देरी से चुनौती दी है। पुरानी कार्रवाई को खोलना उचित नहीं है, क्योंकि कई मामले फिर से खुल सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की इस दलील को मानने से इनकार करते हुए कहा है कि सरकार का 2009 का परिपत्र गांव बनाते समय लागू था। परिपत्र का उल्लंघन शुरु से ही हुआ है। इसलिए चुनौती देने में देरी होने का बहाना नहीं माना जा सकता।
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महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि 2025 में ही राजस्थान हाईकोर्ट ने गोगाजी की जाल जैसे गांव के नाम को रद्द किया था। गोगाजी एक विशेष समुदाय द्वारा पूजे जाने वाले देवता हैं और यह भी खंड-4 का उल्लंघन था।
दोनों गांव 31 दिसंबर, 2020 को बाड़मेर जिले के सोहदा गांव से अलग करके बनाए थे। दोनों ही गांव के नाम जमीन दान करने वालों अमराराम के नाम पर अमरगढ़ और सगत सिंह के नाम पर सगतसर रखे गए थे।
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हाई कोर्ट ने खारिज की थी याचिका
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व्यक्तियों के नाम पर राजस्व गांव बनाने की अधिसूचना रद्ध
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पॉलिसी मानना सरकार के लिए बाध्यकारी
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समय बीत जाने का बहाना नहीं मान सकते
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गोगाजी की जाल गांव का नाम हो चुका रद्द
मुख्य बिंदू:
- सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार द्वारा व्यक्तियों के नाम पर बनाए गए दो गांवों की अधिसूचना को रद्द किया है। ये गांव अमरगढ़ और सगतसर थे।
- सुप्रीम कोर्ट ने माना कि 2009 का सरकारी परिपत्र स्पष्ट रूप से कहता है कि राजस्व गांवों के नाम व्यक्ति, जाति या धर्म के आधार पर नहीं रखे जा सकते, और इस उल्लंघन के कारण यह अधिसूचना रद्द की गई।
- सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की दलील को खारिज किया और कहा कि 2009 का परिपत्र उस समय लागू था जब ये गांव बनाए गए थे, इसलिए देरी से चुनौती देने का बहाना नहीं माना जा सकता।
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