विपिन चौधरी की अमेरिका में मौत, गया था कमाने, अब परिवार को शव का इंतजार
Mukesh Sharma | Jan 01, 2026, 18:59 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के जाट बहरोड़ निवासी विपिन चौधरी की अमेरिका में हार्ट अटैक से मौत के बाद अब परिजन शव के इंतजार में बैठे है। परिजनों ने बताया कि डेढ़ साल पहले ही अमेरिका कमाई करने गया था।
अलवर @ सुनील जैन
आंखों में हसीन सपना लेकर विपिन चौधरी करीब डेढ़ साल पहले अमरीका गया था, लेकिन अब परिजनों को उसके शव आने का इंतजार है। अमरीका जाने के लिए उसने अपनी डेढ़ बीघा पुश्तैनी जमीन भी बेच दी थी।
विपिन राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के जाट बहरोड़ का रहने वाला है। वह अमेरिका के जॉर्जिया में एक शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम कर रहा था। वहां उसकी साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई।
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विपिन चौधरी के परिवार के सदस्य मनीष चौधरी ने बताया कि वह 29 दिसंबर रात अपने घर पर वीडियो कॉल पर बात करके सोया था। अगले दिन 30 दिसंबर को नहीं उठा। दोस्त हॉस्पिटल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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विपिन जून 2024 में जॉर्जिया गया था। वह पंजाब के किसी युवक के संपर्क में आया था। इसके बाद उसने अपनी करीब डेढ़ बीघा पुश्तैनी जमीन बेच दी थी। 30 से 40 लाख रुपए खर्च कर वह अमेरिका गया था। उसके बाद वह गांव कभी नहीं आया।
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मनीष चौधरी का कहना है कि विपिन की प्लानिंग थी कि वह दो-तीन साल लगातार अमेरिका में रहे। वहां रात-दिन काम करके ज्यादा-से-ज्यादा पैसा कमाए। फिर मोटी कमाई लेकर लौटे।
मनीष के अनुसार जब भी विपिन से बात होती थी, ज्यादा पैसा कमाने की बात करता था। वह कहता था कि वह गांव में अपने परिवार को सुखी देखना चाहता है। उसे अपनी जमीन बेचने का दर्द भी था। वह यहां ज्यादा जमीन लेना चाहता था।
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मनीष के अनुसार हमें विपिन के शव का आने का इंतजार है। अभी शव लाने का कोई इंतजाम नहीं हो सका है। परिवार वालों ने इंडियन नॉर्थ अमेरिका एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी से बातचीत की है। उनको पूरी जानकारी भेजी है। वे विपिन के शव को भारत भिजवाने की व्यवस्था में लगे हैं। परिजनों ने भारत सरकार से भी विपिन का शव भारत में लाने के लिए सहयोग मांगा है।
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आंखों में हसीन सपना लेकर विपिन चौधरी करीब डेढ़ साल पहले अमरीका गया था, लेकिन अब परिजनों को उसके शव आने का इंतजार है। अमरीका जाने के लिए उसने अपनी डेढ़ बीघा पुश्तैनी जमीन भी बेच दी थी।
विपिन राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के जाट बहरोड़ का रहने वाला है। वह अमेरिका के जॉर्जिया में एक शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम कर रहा था। वहां उसकी साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई।
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जमीन बेच कर गया अमेरिका
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परिवार के लिए थे विपिन के सपने
मनीष के अनुसार जब भी विपिन से बात होती थी, ज्यादा पैसा कमाने की बात करता था। वह कहता था कि वह गांव में अपने परिवार को सुखी देखना चाहता है। उसे अपनी जमीन बेचने का दर्द भी था। वह यहां ज्यादा जमीन लेना चाहता था।
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नींद से नहीं जागा विपिन परिजनों का कहना है कि 29 दिसंबर की रात विपिन पूरी तरह स्वस्थ था। उसे कोई बीमारी नहीं थी। वीडियो कॉल पर उसने बात करते हुए कहा था कि अब कल बात करूंगा। नींद आ रही है। सोने जा रहा हूं। 30 दिसंबर को विपिन के साथ रहने वाले युवक का फोन आया। उसने कहा कि विपिन ने सुबह कमरे का गेट नहीं खोला। तब दूसरी चाबी लेकर गेट खोला तो वह बिस्तर पर सोया मिला। उसकी सांसें नहीं चल रही थीं। हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
vipin
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शव लाने का अभी इंतजाम नहीं
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विपिन चौधरी की अमेरिका में मौत
- विपिन चौधरी की मौत एक साइलेंट हार्ट अटैक से हुई थी। उन्होंने 29 दिसंबर को अपनी आखिरी बार वीडियो कॉल की थी और अगले दिन उनका निधन हो गया।
- विपिन चौधरी ने परिवार के भविष्य को सुधारने के लिए अमेरिका जाने का निर्णय लिया था। उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर अमेरिका में काम करने के लिए पैसे जुटाए थे।
- परिवार ने भारतीय नॉर्थ अमेरिका एसोसिएशन से मदद मांगी है और शव भारत लाने के लिए भारत सरकार से सहयोग की अपील की है।
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