12 मई का इतिहास: किसकी याद में मनाते हैं International Nurses Day, जानें इस दिन का इतिहास
Kaushiki | May 12, 2026, 08:00 IST
International Nurses Day
हर साल 12 मई को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। यह दिन आधुनिक नर्सिंग की नींव रखने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल की याद में समर्पित है। समाज में नर्सों के निस्वार्थ योगदान और उनकी मेहनत को सम्मान देने के लिए यह खास दिन मनाया जाता है।
International Nurses Day: आज 12 मई है यानी दुनियाभर की नर्सों को थैंक्यू कहने का खास दिन। अस्पतालों में जब हम बीमार होकर जाते हैं, तो डॉक्टर दवा लिखते हैं। लेकिन हमारी दिन-रात देखभाल एक नर्स ही करती है। वह बिना थके मुस्कुराते हुए मरीजों की सेवा में लगी रहती है।
इसी जज्बे और निस्वार्थ प्रेम को सम्मान देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि बिना नर्सों के हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था अधूरी है। यह कहानी सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि सदियों पुराने त्याग की है।
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दुनिया में इस दिन को मनाने की वजह बहुत ही खास है। 12 मई 1820 को इटली में फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ था। उन्हें आधुनिक नर्सिंग की सबसे बड़ी प्रेरणा माना जाता है। उन्होंने नर्सिंग पेशे को एक नई पहचान और सम्मान दिलाया।
उन्हीं के सम्मान में 1974 से आधिकारिक तौर पर यह दिन तय हुआ। आज हर देश में उनकी याद में नर्सों को सम्मानित किया जाता है। यह दिन नर्सों के कठिन काम को दुनिया के सामने लाता है।
![International nurses day: What is its history ? | जानिए उस नर्स के बारे में जिनकी याद में मनाया जाता अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस]()
फ्लोरेंस नाइटिंगेल को दुनिया 'लेडी विद द लैंप' कहती है। यह नाम उन्हें क्रीमिया युद्ध के दौरान सेवा के कारण मिला। उस समय बिजली की सुविधा नहीं थी।
युद्ध में घायल सैनिकों का बुरा हाल था। वे रात के समय हाथ में एक लालटेन (Lamp) लेकर घायल सैनिकों के वार्डों का दौरा करती थीं। जब सब सो जाते थे या अंधेरा होता था, तब भी वे सैनिकों की पट्टी बदलने और उनकी देखभाल करने के लिए जागती रहती थीं।
वे हर घायल सैनिक के पास जाकर उनका हाल पूछती थीं। गंदगी और बीमारी के बीच उन्होंने हजारों की जान बचाई। उनकी इस निस्वार्थ सेवा और समर्पण को देखकर सैनिकों ने उन्हें 'लेडी विद द लैंप' कहना शुरू कर दिया, जो बाद में पूरी दुनिया में मशहूर हो गया। उन्होंने सिखाया कि सिर्फ दवा नहीं, देखभाल भी जरूरी है।
![International Nurses Day 2025: हर साल 12 मई को क्यों मनाते हैं नर्स दिवस? जानें महत्व और थीम | International Nurses Day 2025 Why Is Nurses Day Celebrated Every 12th May | Asianet News Hindi]()
पुराने समय में नर्सिंग को बहुत अच्छा पेशा नहीं माना जाता था। फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने इस सोच को पूरी तरह से बदल दिया। उन्होंने लंदन के सेंट थॉमस अस्पताल में नर्सिंग स्कूल खोला। यह दुनिया का पहला प्रोफेशनल नर्सिंग ट्रेनिंग स्कूल माना गया।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने साफ-सफाई और हाइजीन के बहुत कड़े नियम बनाए थे। इससे अस्पतालों में होने वाली मौतों के आंकड़े बहुत कम हुए। उन्होंने नर्सिंग को एक सम्मानजनक और पढ़ा-लिखा पेशा बनाया।
![International Nurses Day:क्यों हुई इस दिन की शुरुआत? जानें नर्स डे का इतिहास और महत्व - International Nurses Day Know Importance Significance And Why We Celebrate News In Hindi - Amar Ujala]()
एक डॉक्टर मरीज का ऑपरेशन करता है या चेकअप करता है। लेकिन उसके बाद की पूरी जिम्मेदारी नर्स के कंधों पर होती है। दवा का सही समय हो या मरीज की मानसिक हिम्मत बढ़ानी हो।
नर्सें हमेशा फ्रंटलाइन पर रहकर मरीजों की जान बचाती हैं। कोरोना काल में हमने देखा कि नर्सों ने क्या बलिदान दिया। वे महीनों तक अपने परिवार से दूर मरीजों के पास रहीं। उनका काम सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि इंसानियत की सबसे बड़ी सेवा है।
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इस दिन को सफल बनाने में आईसीएम का बहुत बड़ा हाथ है। यह संस्था हर साल इस दिन के लिए एक खास थीम चुनती है। थीम के जरिए दुनिया को बताया जाता है कि नर्सें क्यों जरूरी हैं।
वे नर्सों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए आवाज उठाते हैं। दुनियाभर में नर्सों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का काम जारी है। उद्देश्य यही है कि हर नर्स को उसका वाजिब हक मिले। तभी सही मायने में हम फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि दे पाएंगे।
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आज भी कई जगह नर्सों को वह सम्मान नहीं मिलता। उन्हें अक्सर लंबी शिफ्ट और कम वेतन में काम करना पड़ता है। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस हमें अपनी सोच बदलने का मौका देता है। हमें समझना होगा कि वे समाज के लिए कितनी महत्वपूर्ण हैं।
एक मुस्कुराहट और धन्यवाद उनके काम की थकान मिटा सकता है।नर्सिंग सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि जीवन बचाने का मिशन है। आइए आज हम सब मिलकर इन असली हीरोज को सलाम करें।
भले ही फ्लोरेंस आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सीख अमर है। आज की नर्सें उन्हीं के बताए रास्तों पर चलकर सेवा कर रही हैं। आज नर्सिंग में बहुत सी नई तकनीकें और पढ़ाई शामिल हो चुकी है।
लेकिन सेवा का भाव आज भी वही पुराना और पवित्र है। दुनिया के हर कोने में नर्सें आज भी लालटेन जलाए हुए हैं। वे अंधेरे कमरों में मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई हैं। यह दिन उनके इसी संघर्ष और जीत का सबसे बड़ा उत्सव है।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 12 मई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 12 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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इसी जज्बे और निस्वार्थ प्रेम को सम्मान देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि बिना नर्सों के हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था अधूरी है। यह कहानी सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि सदियों पुराने त्याग की है।
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क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस
उन्हीं के सम्मान में 1974 से आधिकारिक तौर पर यह दिन तय हुआ। आज हर देश में उनकी याद में नर्सों को सम्मानित किया जाता है। यह दिन नर्सों के कठिन काम को दुनिया के सामने लाता है।
International nurses day: What is its history ? | जानिए उस नर्स के बारे में जिनकी याद में मनाया जाता अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस
लेडी विद द लैंप और फ्लोरेंस नाइटिंगेल इतिहास
युद्ध में घायल सैनिकों का बुरा हाल था। वे रात के समय हाथ में एक लालटेन (Lamp) लेकर घायल सैनिकों के वार्डों का दौरा करती थीं। जब सब सो जाते थे या अंधेरा होता था, तब भी वे सैनिकों की पट्टी बदलने और उनकी देखभाल करने के लिए जागती रहती थीं।
वे हर घायल सैनिक के पास जाकर उनका हाल पूछती थीं। गंदगी और बीमारी के बीच उन्होंने हजारों की जान बचाई। उनकी इस निस्वार्थ सेवा और समर्पण को देखकर सैनिकों ने उन्हें 'लेडी विद द लैंप' कहना शुरू कर दिया, जो बाद में पूरी दुनिया में मशहूर हो गया। उन्होंने सिखाया कि सिर्फ दवा नहीं, देखभाल भी जरूरी है।
International Nurses Day 2025: हर साल 12 मई को क्यों मनाते हैं नर्स दिवस? जानें महत्व और थीम | International Nurses Day 2025 Why Is Nurses Day Celebrated Every 12th May | Asianet News Hindi
नर्सिंग के पेशे को कैसे मिली प्रोफेशनल पहचान
फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने साफ-सफाई और हाइजीन के बहुत कड़े नियम बनाए थे। इससे अस्पतालों में होने वाली मौतों के आंकड़े बहुत कम हुए। उन्होंने नर्सिंग को एक सम्मानजनक और पढ़ा-लिखा पेशा बनाया।
International Nurses Day:क्यों हुई इस दिन की शुरुआत? जानें नर्स डे का इतिहास और महत्व - International Nurses Day Know Importance Significance And Why We Celebrate News In Hindi - Amar Ujala
अस्पतालों की असली रीढ़ हैं नर्सें
नर्सें हमेशा फ्रंटलाइन पर रहकर मरीजों की जान बचाती हैं। कोरोना काल में हमने देखा कि नर्सों ने क्या बलिदान दिया। वे महीनों तक अपने परिवार से दूर मरीजों के पास रहीं। उनका काम सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि इंसानियत की सबसे बड़ी सेवा है।
Sitharaman encourages nursing students to learn local language to serve better, ETHealthworld
इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स का क्या है रोल
वे नर्सों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए आवाज उठाते हैं। दुनियाभर में नर्सों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का काम जारी है। उद्देश्य यही है कि हर नर्स को उसका वाजिब हक मिले। तभी सही मायने में हम फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि दे पाएंगे।
International Nurses Day:क्यों हुई इस दिन की शुरुआत? जानें नर्स डे का इतिहास और महत्व - International Nurses Day Know Importance Significance And Why We Celebrate News In Hindi - Amar Ujala
समाज में नर्सों के प्रति जागरूकता की जरूरत
एक मुस्कुराहट और धन्यवाद उनके काम की थकान मिटा सकता है।नर्सिंग सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि जीवन बचाने का मिशन है। आइए आज हम सब मिलकर इन असली हीरोज को सलाम करें।
आज भी जिंदा है फ्लोरेंस नाइटिंगेल की विरासत
लेकिन सेवा का भाव आज भी वही पुराना और पवित्र है। दुनिया के हर कोने में नर्सें आज भी लालटेन जलाए हुए हैं। वे अंधेरे कमरों में मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई हैं। यह दिन उनके इसी संघर्ष और जीत का सबसे बड़ा उत्सव है।
Reference Links:
- International Council of Nurses (Official Site)
- World Health Organization (WHO) - Nurses Day
- The Florence Nightingale Museum, London
- Union Ministry of Health and Family Welfare, India
12 मई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 12 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1364: पोलैंड के राजा कासिमिर III ने देश के सबसे पुराने 'जगलीओलोनियन विश्वविद्यालय' की स्थापना की।
- 1510: चीन में राजकुमार झुआ झिफ़ान ने झेंग सम्राट के विरुद्ध एक असफल विद्रोह शुरू किया।
- 1551: पेरू के लीमा में अमेरिका के सबसे पुराने 'सैन मार्कोस राष्ट्रीय विश्वविद्यालय' की स्थापना हुई।
- 1588: फ्रांस के राजा हेनरी III की उदार नीतियों के खिलाफ पेरिस में जन विद्रोह भड़क उठा।
- 1739: इंग्लैंड के ब्रिस्टल में दुनिया के पहले मेथोडिस्ट मीटिंग हाउस 'न्यू कक्ष' की आधारशिला रखी गई।
- 1777: न्यूयॉर्क गैजेट में आइसक्रीम का पहला विज्ञापन प्रकाशित और प्रदर्शित किया गया।
- 1780: अमेरिकी क्रांति के दौरान ब्रिटिश सैनिकों ने दक्षिण कैरोलिना के चार्ल्सटन पर कब्जा कर लिया।
- 1839: फ्रांसीसी समाजवादी कार्यकर्ता लुइस औगस्टी ब्लाक्की ने सरकार के खिलाफ विद्रोह शुरू किया।
- 1847: विलियम क्लेटन ने दूरी मापने वाले यंत्र 'ओडोमीटर' का आविष्कार किया।
- 1865: अमेरिकी गृहयुद्ध की आखिरी बड़ी लड़ाई टेक्सास के रिओ ग्रांडे के किनारे लड़ी गई।
- 1881: ट्यूनीशिया को फ्रांसीसी संरक्षित राज्य बनाने के लिए 'बार्डो की संधि' पर हस्ताक्षर हुए।
- 1885: सस्काचेवान में बटोच की लड़ाई के साथ ही उत्तर-पश्चिम विद्रोह समाप्त हो गया।
- 1902: पेंसिल्वेनिया में कोयला खदान के लगभग 1 लाख 40 हजार श्रमिकों ने हड़ताल शुरू की।
- 1921: दुनिया में पहली बार 'नेशनल हॉस्पिटल डे' मनाया गया।
- 1926: हवाई पोत 'नोर्गे' उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरने वाला पहला सत्यापित यान बना।
- 1926: ब्रिटेन में खनिकों की मजदूरी को लेकर चल रही सप्ताह भर की सामान्य हड़ताल समाप्त हुई।
- 1932: विल्हेम ग्रोनर ने जर्मनी के रक्षामंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।
- 1941: जर्मन इंजीनियर कोनराड ज़्यूस ने दुनिया का पहला पूरी तरह स्वचालित डिजिटल कंप्यूटर 'Z3' प्रदर्शित किया।
- 1942: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सोवियत संघ और जर्मनी के बीच 'खारकोव की दूसरी लड़ाई' शुरू हुई।
- 1955: मित्र देशों का कब्जा समाप्त होने के बाद ऑस्ट्रिया ने फिर से अपनी पूर्ण स्वतंत्रता हासिल की।
- 1958: कनाडा और अमेरिका के बीच उत्तरी अमेरिकी वायु रक्षा कमान (NORAD) के लिए औपचारिक समझौता हुआ।
- 1965: सोवियत संघ का मानवरहित अंतरिक्ष यान 'लूना 5' चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में विफल रहा।
- 1965: पश्चिम जर्मनी और इज़राइल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित हुए।
- 1966: अमेरिका के मिसौरी में 'बुश स्मारक स्टेडियम' आम जनता के लिए खोला गया।
- 1968: वियतनाम युद्ध के दौरान ऑस्ट्रेलियाई सेना ने 'फायर सपोर्ट बेस कोरल' की रक्षा के लिए बड़ी कार्रवाई शुरू की।
- 1974: आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की याद में इस दिन को 'अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस' घोषित किया गया।
- 1975: कंबोडियाई सेना द्वारा अमेरिकी जहाज 'एसएस मायागज़' की जब्ती के बाद अमेरिका और कंबोडिया के बीच संघर्ष हुआ।
- 1984: अमेरिका के न्यू ऑरलियन्स में 'लुइसियाना विश्व प्रदर्शनी' का भव्य उद्घाटन हुआ।
- 1992: इंग्रिड बेयेंस माउंट एवरेस्ट के शिखर पर चढ़ने वाली पहली बेल्जियम की महिला बनीं।
- 1997: सूसी मैरोनी क्यूबा से अमेरिका तक (180 किमी) तैरकर पार करने वाली पहली व्यक्ति बनीं।
- 1997: रूस और चेचन्या ने सदियों पुराने संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।
- 1998: इंडोनेशिया के त्रिसक्ति विश्वविद्यालय में छात्रों की हत्या के बाद हुए दंगों से सुहार्तो सरकार का पतन हुआ।
- 2006: ईरान की एक पत्रिका में विवादित कार्टून छपने के कारण पूरे देश में दंगे भड़क उठे।
- 2007: पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की कराची यात्रा के दौरान हुए दंगों में 50 लोग मारे गए।
- 2008: चीन के सिचुआन प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप (8.0 तीव्रता) में 69,000 से अधिक लोगों की जान गई।
- 2008: अमेरिका के आयोवा में आव्रजन विभाग ने बड़ा छापा मारकर 400 अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1949: विजयलक्ष्मी पंडित स्वतंत्र भारत की पहली विदेशी महिला राजदूत (अमेरिका में) बनीं।
- अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस: (अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में)।
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