28 जनवरी का इतिहास: जब अंग्रेजों के आगे नहीं झुके Lala Lajpat Rai

Kaushiki | Jan 28, 2026, 08:00 IST
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लाला लाजपत राय का जन्म 1865 में हुआ। वे पंजाब केसरी के नाम से मशहूर थे। इस महान स्वतंत्रता सेनानी ने आजादी की लड़ाई में अपनी जान न्यौछावर कर दी।

आज के दिन की कहानी: आज हम बात करेंगे उस महापुरुष की, जिसकी आवाज मात्र से अंग्रेजों की नींव हिल जाती थी। पंजाब की मिट्टी में जन्मा वो शेर, जिसे दुनिया लाला लाजपत राय के नाम से जानती है।

28 जनवरी 1865 को पंजाब के मोगा जिले के ढुडीके गांव में इनका जन्म हुआ था। लाला जी के पिता मुंशी राधाकृष्ण एक शिक्षक थे। उनकी मां गुलाब देवी बहुत ही धार्मिक और मजबूत इरादों वाली महिला थीं। बचपन से ही लाला लाजपत राय के मन में समाज सेवा और देश प्रेम कूट-कूट कर भरा था।

स्वतंत्रता सेनानी : लाला लाजपत राय (28 जनवरी, 1865 - 17 नवम्बर, 1928) जीवन  संघर्ष, क्या था स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान। - AVN News
स्वतंत्रता सेनानी : लाला लाजपत राय (28 जनवरी, 1865 - 17 नवम्बर, 1928) जीवन संघर्ष, क्या था स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान। - AVN News


वकालत से राष्ट्र सेवा तक का सफर

लाला जी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद वकालत को अपने करियर के रूप में चुना। लाहौर में वकालत के दौरान ही उन्होंने महसूस किया कि भारत को सिर्फ कानून नहीं आजादी चाहिए।

उन्होंने आर्य समाज के साथ मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ही सराहनीय काम किए थे। दयानंद एंग्लो-वैदिक (DAV) कॉलेजों की स्थापना में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है।

लाला जी का मानना था कि शिक्षित युवा ही देश की असली ताकत बन सकते हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सुधार और शिक्षा के प्रसार में समर्पित कर दिया था।

Lala Lajpat Rai: Know The Inspiring Story of 'Punjab Kesari'
Lala Lajpat Rai: Know The Inspiring Story of 'Punjab Kesari'


लाल-बाल-पाल: गरम दल की तिकड़ी

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में उस समय दो गुट हुआ करते थे- नरम दल और गरम दल। लाला लाजपत राय गरम दल के सबसे प्रखर नेताओं में से एक गिने जाते थे।

उनके साथ बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल की एक अटूट जोड़ी बनी थी। इस तिकड़ी को पूरी दुनिया 'लाल-बाल-पाल' के नाम से जानती और पहचानती थी।

इन्होंने अंग्रेजों के सामने गिड़गिड़ाने के बजाय हक के लिए लड़ने का रास्ता चुना था। लाला जी ने स्वदेशी आंदोलन को घर-घर पहुंचाने का सबसे बड़ा काम किया था। वे हमेशा कहते थे कि स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।

क्रांतिकारी लाला लाजपत राय पर पड़ी लाठियां कैसे बनीं ब्रिटिश राज के ताबूत  की कील? | Lala Lajpat Rai birth anniversary freedom fighter member National  Congress Punjab Kesari
क्रांतिकारी लाला लाजपत राय पर पड़ी लाठियां कैसे बनीं ब्रिटिश राज के ताबूत की कील? | Lala Lajpat Rai birth anniversary freedom fighter member National Congress Punjab Kesari


साइमन कमीशन और वो काली शाम

साल 1928 में जब साइमन कमीशन भारत आया तो पूरे देश में इसका भारी विरोध था। इस कमीशन में एक भी भारतीय सदस्य नहीं था, जो भारत का अपमान माना गया। लाला लाजपत राय ने लाहौर में इस कमीशन के खिलाफ एक विशाल जुलूस निकाला था।

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अंग्रेज अफसर सांडर्स ने लाठीचार्ज का क्रूर आदेश दिया। लाला जी के सीने और सिर पर पुलिस की लाठियां बेरहमी से बरसाई गई थीं। घायल होने के बावजूद उन्होंने कहा कि मेरे शरीर पर पड़ी हर लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के कफन की कील बनेगी।

लाला लाजपत राय - विकिपीडिया
लाला लाजपत राय - विकिपीडिया


शहादत और भगत सिंह का प्रतिशोध

लाठियों की गंभीर चोट के कारण 17 नवंबर 1928 को लाला जी का निधन हो गया। उनकी मौत की खबर ने पूरे हिंदुस्तान में गुस्से की एक नई लहर पैदा की। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे युवा क्रांतिकारियों ने उनकी शहादत का बदला लेने की ठानी।

इन वीरों ने सांडर्स को मारकर लाला जी के बलिदान का हिसाब बराबर किया था। लाला लाजपत राय भले ही चले गए, लेकिन उनकी विचारधारा ने करोड़ों युवाओं को जगा दिया। वे आज भी हर भारतीय के दिल में पंजाब केसरी बनकर अमर और जीवित हैं।

Reference Links

  1. Britannica - Biography of Lala Lajpat Rai
  2. Indian Culture (Govt. of India) - Lala Lajpat Rai Profile
  3. Cultural India - Life and Struggles of Punjab Kesari
  4. Amrit Mahotsav - The Lion of Punjab

28 जनवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 28 जनवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।

आइए जानते हैं 28 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-

विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 98: ट्रोजन अपने दत्तक पिता नर्वा के बाद रोमन सम्राट बने।
  • 1077: पोप ग्रेगरी VII ने हेनरी चतुर्थ पर लगा प्रतिबंध हटाया।
  • 1393: फ्रांस के राजा चार्ल्स VI नृत्य के दौरान आग लगने से बाल-बाल बचे।
  • 1547: 9 वर्षीय एडवर्ड VI इंग्लैंड के पहले प्रोटेस्टेंट शासक बने।
  • 1725: रूस के महान शासक 'पीटर द ग्रेट' का 53 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
  • 1754: होरेस वालपोल ने पहली बार मशहूर शब्द 'Serendipity' का इस्तेमाल किया।
  • 1770: फ्रेडरिक नॉर्थ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री नियुक्त हुए।
  • 1813: प्रसिद्ध लेखिका जेन ऑस्टेन का उपन्यास 'प्राइड एंड प्रेज्यूडिस' प्रकाशित हुआ।
  • 1819: सर स्टैमफोर्ड रैफल्स ने सिंगापुर की खोज की।
  • 1821: रूसी खोजकर्ता फैबियन ने अंटार्कटिका के सबसे बड़े द्वीप 'अलेक्जेंडर द्वीप' की खोज की।
  • 1846: ऑलवाल की लड़ाई में ब्रिटिश सेना ने सिखों को पराजित किया।
  • 1851: इलिनोइस (अमेरिका) में नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई।
  • 1871: पेरिस ने प्रशियाई सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
  • 1878: अमेरिका के न्यू हेवन में दुनिया का पहला टेलीफोन एक्सचेंज खुला।
  • 1902: वॉशिंगटन डी.सी. में कार्नेगी इंस्टीट्यूशन की नींव रखी गई।
  • 1922: वॉशिंगटन में भारी बर्फबारी से थिएटर की छत गिरने पर 98 लोगों की मौत हुई।
  • 1935: आइसलैंड गर्भपात (Abortion) को वैध करने वाला पहला पश्चिमी देश बना।
  • 1958: मशहूर खिलौना कंपनी लेगो (Lego) ने अपनी ईंटों के डिजाइन का पेटेंट कराया।
  • 1960: चीन और बर्मा (म्यांमार) ने सीमा विवाद सुलझाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • 1964: सोवियत मिग-19 ने पूर्वी जर्मनी में अमेरिकी वायुसेना के विमान को मार गिराया।
  • 1981: राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने अमेरिका में तेल की कीमतों पर से नियंत्रण हटाया।
  • 1986: अंतरिक्ष यान 'चैलेंजर' उड़ान भरने के 73 सेकंड बाद फटा, 7 अंतरिक्ष यात्री मारे गए।
  • 1990: लंदन से "इंडिपेंडेंट ऑन संडे" पत्रिका का प्रकाशन शुरू हुआ।
  • 2003: अमेरिकी राष्ट्रपति बुश ने सद्दाम हुसैन पर यूरेनियम हासिल करने का आरोप लगाया।
  • 2010: बांग्लादेश के राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान के हत्यारों को फांसी दी गई।
  • 2012: नाइजीरिया के कानो में हुए बम विस्फोटों में 185 लोगों की जान गई।

भारत की महत्वपूर्ण घटनाएं...

  • 1865: पंजाब केसरी लाला लाजपत राय का जन्म हुआ।
  • 1899: भारतीय सेना के पहले फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा का जन्म हुआ।
  • 1933: चौधरी रहमत अली ने 'नो या नेवर' पंपलेट में 'पाकिस्तान' शब्द का प्रस्ताव रखा।
  • 1950: हीरालाल जे. कानिया स्वतंत्र भारत के सुप्रीम कोर्ट के पहले मुख्य न्यायाधीश बने।
  • 1961: बेंगलुरु में एचएमटी (HMT) घड़ियों की पहली फैक्ट्री की आधारशिला रखी गई।
  • 1999: भारत में पहली बार संरक्षित भ्रूण (Protected Embryo) से मेमने का जन्म हुआ।

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