Mothers Day Special: दिखावा या लगाव? सोशल मीडिया के दौर में कितना बदला मां का प्यार
Kaushiki | May 10, 2026, 08:00 IST
Mothers Day Special
मदर्स डे पर लोग महंगे गिफ्ट्स के बजाय मां के साथ समय बिताने को अहमियत दे रहे हैं। नौकरी और दूरी के कारण बढ़ता गिल्ट फीलिंग अब इमोशनल खर्च बन रहा है।
Mothers Day Special: आज के दौर में मदर्स डे सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक बड़ा इमोशनल इवेंट बन चुका है। लोग अब सोशल मीडिया पर फोटो डालने से कहीं ज्यादा बेचैन नजर आ रहे हैं।
एक ओर जहां वॉरेन बफे जैसे दिग्गजों की सफलता के पीछे उनकी मां के कठोर अनुशासन और मनी लेसन की प्रेरणादायक कहानियां हैं। वहीं दूसरी ओर आधुनिक दौर में इमोशनल खर्च का नया ट्रेंड बढ़ रहा है।
व्यस्त जिंदगी और काम के बोझ ने बच्चों को मां से दूर कर दिया है। इसी दूरी को कम करने के लिए लोग अब मदर्स डे पर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं।
लेकिन क्या ये खर्च सिर्फ प्यार है या फिर समय न दे पाने का पछतावा? यह दिन डिजिटल साक्षर होती माओं और बच्चों के बीच के बदलते रिश्तों को समझने का एक खास अवसर है। आइए इसे जानें...
![त्योहार तो सिर्फ एक बहाना है, क्योंकि मां की हमसाथी बनना है]()
मदर्स डे (Mother's Day Special) दुनिया भर में मांओं के त्याग और निस्वार्थ प्रेम को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इसकी आधुनिक शुरुआत अमेरिका में अन्ना जार्विस ने अपनी मां की याद में की थी।
अन्ना की मां ने गृहयुद्ध के समय मदर्स डे वर्क क्लब बनाया था और 1908 में अन्ना ने उनकी मौत के बाद इसे एक आधिकारिक दिन के रूप में मनाने की मुहिम छेड़ी।
साल 1914 में राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने इसे नेशनल हॉलिडे घोषित किया, जिसके बाद हर साल मई के दूसरे रविवार को यह खास दिन मनाया जाने लगा। आज यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक इमोशन बन गया है।
वॉरेन बफे जैसे दिग्गज (मदर्स डे स्पेशल) भी मानते हैं कि मां का अनुशासन ही उनकी सफलता की नींव है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि मां सिर्फ हमें जन्म नहीं देती, बल्कि अपने जज्बात और संघर्ष से हमारा व्यक्तित्व भी गढ़ती है। इसलिए हम उन्हें शुक्रिया कहने के लिए यह दिन सेलिब्रेट करते हैं।
![सासु मां को भी मदर्स डे पर कराएं स्पेशल फील, इस तरह सेलिब्रेट करें ये खास दिन | Mothers Day 2025 how to celebrate this special day with her mother in law]()
आजकल की भागदौड़ वाली लाइफस्टाइल (मदर्स डे पर विशेष) में हम अपनों के लिए वक्त नहीं निकाल पाते। लाखों युवा बेहतर भविष्य के लिए दूसरे शहरों या विदेशों में रह रहे हैं। सालभर मां से ठीक से बात न कर पाने का दर्द मदर्स डे पर उभर कर आता है।
मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, यह एक तरह का इमोशनल प्रेशर पैदा करता है। बच्चों को लगता है कि वे मां के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पा रहे हैं। इसी गिल्ट फीलिंग को कम करने के लिए वे महंगे गिफ्ट्स या सरप्राइज का सहारा लेते हैं। साल 2026 में यह ट्रेंड और भी ज्यादा गहरा होता दिख रहा है।
![Mother's Day पर सिर्फ पोस्ट नहीं, बढ़ रहा है 'इमोशनल खर्च': क्यों मां के लिए लोग पहले से ज्यादा भावुक और बेचैन हैं? | DNA HINDI]()
पहले मदर्स डे का मतलब सिर्फ फूल, केक या कार्ड तक सीमित होता था। अब लोग मां के साथ एक्सपीरियंस शेयर करना चाहते हैं। ऑनलाइन डेटा बताता है कि अब लोग फैमिली डिनर या छोटे ट्रिप को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
लोग चाहते हैं कि वे अपनी मां के साथ कुछ पुराने वीडियो देखें या हाथ से लिखे नोट्स दें। यह बदलाव दिखाता है कि हम भौतिक चीजों से ऊपर उठकर रिश्तों को महसूस करना चाहते हैं। तेज रफ्तार जिंदगी ने हमें अहसास कराया है कि समय ही सबसे कीमती तोहफा है।
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इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स ने मदर्स डे को एक प्रतियोगिता बना दिया है। हर तरफ मां के लिए लंबे पोस्ट और सरप्राइज वीडियो दिखाई देते हैं। इससे उन लोगों पर दबाव बढ़ता है जो शायद कुछ खास नहीं कर पा रहे।
कई बार लोग सिर्फ इसलिए पोस्ट डालते हैं ताकि वे कम अच्छे साबित न हों। इसे विशेषज्ञ इमोशनल कम्पैरिजन कहते हैं। लोग दूसरों की खुशियां देखकर खुद को जज करने लगते हैं। इससे मदर्स डे की सादगी खत्म हो रही है और मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
![Mother's Day 2026 : हर बच्चे को मां को देनी चाहिए फाइनेंशियल सिक्युरिटी, इन 5 इन्वेस्टमेंट का दें तोहफा | mothers day financial planning ideas for mother family investment ...]()
आज इमोशंस भी इकॉनमी का एक बड़ा हिस्सा बन चुकी हैं। ई-कॉमर्स साइट्स से लेकर ज्वेलरी ब्रांड्स तक, सब मॉम स्पेशल ऑफर बेच रहे हैं।
कंपनियां जानती हैं कि लोग अपनी मां के लिए भावुक हैं। इसी का फायदा उठाकर कस्टमाइज्ड गिफ्ट्स और फोटो फ्रेम का बड़ा बाजार खड़ा किया गया है।
पर्सनलाइज्ड वीडियो मैसेज की डिमांड 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। छोटे बिजनेस भी इस इमोशनल इकॉनमी का बखूबी फायदा उठा रहे हैं। यह एक ऐसा चक्र है जहां प्यार और व्यापार आपस में मिल गए हैं।
![Mothers Day 2026: मां के लिए घर पर बनाएं ये खास हैंडमेड गिफ्ट, देखें आसान तरीके | Jansatta]()
तमाम सर्वे और एक्सपर्ट्स का मानना है कि मां को महंगे तोहफे नहीं चाहिए। उनकी सबसे बड़ी शिकायत यही होती है कि बच्चे उनसे बात नहीं करते।
बड़े होने के बाद संवाद की यह कमी मांओं को अकेला कर देती है। उन्हें सोशल मीडिया पर आपकी फोटो से ज्यादा आपकी आवाज सुनने में खुशी मिलती है।
मदर्स डे को सिर्फ एक दिन का सेलिब्रेशन न बनाएं। इसे रिश्तों को सच में मजबूत करने का जरिया बनाना चाहिए। इस साल कोशिश करें कि सिर्फ पोस्ट नहीं, बल्कि मां के साथ कुछ यादें सच में बनाएं।
तो मदर्स डे केवल महंगे तोहफों या सोशल मीडिया पोस्ट का नाम नहीं है, बल्कि यह मां के प्रति अपने सम्मान और वक्त को समर्पित करने का दिन है।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। मई 10 का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 10 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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एक ओर जहां वॉरेन बफे जैसे दिग्गजों की सफलता के पीछे उनकी मां के कठोर अनुशासन और मनी लेसन की प्रेरणादायक कहानियां हैं। वहीं दूसरी ओर आधुनिक दौर में इमोशनल खर्च का नया ट्रेंड बढ़ रहा है।
व्यस्त जिंदगी और काम के बोझ ने बच्चों को मां से दूर कर दिया है। इसी दूरी को कम करने के लिए लोग अब मदर्स डे पर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं।
लेकिन क्या ये खर्च सिर्फ प्यार है या फिर समय न दे पाने का पछतावा? यह दिन डिजिटल साक्षर होती माओं और बच्चों के बीच के बदलते रिश्तों को समझने का एक खास अवसर है। आइए इसे जानें...
त्योहार तो सिर्फ एक बहाना है, क्योंकि मां की हमसाथी बनना है
कब से हुई मदर्स डे की शुरुआत
अन्ना की मां ने गृहयुद्ध के समय मदर्स डे वर्क क्लब बनाया था और 1908 में अन्ना ने उनकी मौत के बाद इसे एक आधिकारिक दिन के रूप में मनाने की मुहिम छेड़ी।
साल 1914 में राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने इसे नेशनल हॉलिडे घोषित किया, जिसके बाद हर साल मई के दूसरे रविवार को यह खास दिन मनाया जाने लगा। आज यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक इमोशन बन गया है।
वॉरेन बफे जैसे दिग्गज (मदर्स डे स्पेशल) भी मानते हैं कि मां का अनुशासन ही उनकी सफलता की नींव है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि मां सिर्फ हमें जन्म नहीं देती, बल्कि अपने जज्बात और संघर्ष से हमारा व्यक्तित्व भी गढ़ती है। इसलिए हम उन्हें शुक्रिया कहने के लिए यह दिन सेलिब्रेट करते हैं।
सासु मां को भी मदर्स डे पर कराएं स्पेशल फील, इस तरह सेलिब्रेट करें ये खास दिन | Mothers Day 2025 how to celebrate this special day with her mother in law
इमोशनल प्रेशर की बड़ी वजह
मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, यह एक तरह का इमोशनल प्रेशर पैदा करता है। बच्चों को लगता है कि वे मां के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पा रहे हैं। इसी गिल्ट फीलिंग को कम करने के लिए वे महंगे गिफ्ट्स या सरप्राइज का सहारा लेते हैं। साल 2026 में यह ट्रेंड और भी ज्यादा गहरा होता दिख रहा है।
Mother's Day पर सिर्फ पोस्ट नहीं, बढ़ रहा है 'इमोशनल खर्च': क्यों मां के लिए लोग पहले से ज्यादा भावुक और बेचैन हैं? | DNA HINDI
महंगे गिफ्ट्स से ज्यादा क्वालिटी टाइम की डिमांड
लोग चाहते हैं कि वे अपनी मां के साथ कुछ पुराने वीडियो देखें या हाथ से लिखे नोट्स दें। यह बदलाव दिखाता है कि हम भौतिक चीजों से ऊपर उठकर रिश्तों को महसूस करना चाहते हैं। तेज रफ्तार जिंदगी ने हमें अहसास कराया है कि समय ही सबसे कीमती तोहफा है।
Mothers Day 2026 Unique Health Gifts For Mom That She Never Expected - Mother's Day पर मां को दें गुड हेल्थ के ये अनोखे तोहफ़े, जो मां ने सोचा न होगा!| Navbharat Live
सोशल मीडिया का मनोवैज्ञानिक असर
कई बार लोग सिर्फ इसलिए पोस्ट डालते हैं ताकि वे कम अच्छे साबित न हों। इसे विशेषज्ञ इमोशनल कम्पैरिजन कहते हैं। लोग दूसरों की खुशियां देखकर खुद को जज करने लगते हैं। इससे मदर्स डे की सादगी खत्म हो रही है और मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
Mother's Day 2026 : हर बच्चे को मां को देनी चाहिए फाइनेंशियल सिक्युरिटी, इन 5 इन्वेस्टमेंट का दें तोहफा | mothers day financial planning ideas for mother family investment ...
डिजिटल इकॉनमी का बिजनेस
कंपनियां जानती हैं कि लोग अपनी मां के लिए भावुक हैं। इसी का फायदा उठाकर कस्टमाइज्ड गिफ्ट्स और फोटो फ्रेम का बड़ा बाजार खड़ा किया गया है।
पर्सनलाइज्ड वीडियो मैसेज की डिमांड 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। छोटे बिजनेस भी इस इमोशनल इकॉनमी का बखूबी फायदा उठा रहे हैं। यह एक ऐसा चक्र है जहां प्यार और व्यापार आपस में मिल गए हैं।
Mothers Day 2026: मां के लिए घर पर बनाएं ये खास हैंडमेड गिफ्ट, देखें आसान तरीके | Jansatta
मां की असली जरूरत
बड़े होने के बाद संवाद की यह कमी मांओं को अकेला कर देती है। उन्हें सोशल मीडिया पर आपकी फोटो से ज्यादा आपकी आवाज सुनने में खुशी मिलती है।
मदर्स डे को सिर्फ एक दिन का सेलिब्रेशन न बनाएं। इसे रिश्तों को सच में मजबूत करने का जरिया बनाना चाहिए। इस साल कोशिश करें कि सिर्फ पोस्ट नहीं, बल्कि मां के साथ कुछ यादें सच में बनाएं।
तो मदर्स डे केवल महंगे तोहफों या सोशल मीडिया पोस्ट का नाम नहीं है, बल्कि यह मां के प्रति अपने सम्मान और वक्त को समर्पित करने का दिन है।
10 मई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 10 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1503: क्रिस्टोफर कोलंबस ने केमैन द्वीपों की खोज की और प्रचुर मात्रा में कछुओं के कारण इसका नाम 'लास टोर्टुगास' रखा।
- 1655: ब्रिटिश सेना ने स्पेनिश नियंत्रण से जमैका द्वीप पर कब्जा कर लिया।
- 1752: बेंजामिन फ्रैंकलिन ने पतंग उड़ाकर बिजली के कंडक्टर (Electricity) से जुड़ा प्रसिद्ध प्रयोग किया।
- 1768: किंग जॉर्ज III की आलोचना करने वाले लेख के लिए जॉन विलक्स को जेल हुई, जिससे लंदन में दंगे भड़क उठे।
- 1774: लुई XV की मृत्यु के बाद लुई XVI फ्रांस के नए राजा बने।
- 1796: नेपोलियन बोनापार्ट ने लोदी ब्रिज के युद्ध में ऑस्ट्रियाई सेना को हराया।
- 1810: स्कॉटलैंड के रूथवेल में दुनिया का पहला कमर्शियल सेविंग्स बैंक खोला गया।
- 1824: लंदन में प्रसिद्ध नेशनल गैलरी को पहली बार आम जनता के लिए खोला गया।
- 1837: न्यूयॉर्क के बैंकों ने भुगतान रोका, जिससे अमेरिका में भारी आर्थिक मंदी (Panic of 1837) शुरू हुई।
- 1849: न्यूयॉर्क में दो अभिनेताओं के समर्थकों के बीच विवाद दंगे में बदला, जिसमें 25 लोगों की मौत हुई।
- 1869: अमेरिका में यूटा के प्रोमोंटरी समिट में 'गोल्डन स्पाइक' लगाकर पहला ट्रांसकॉन्टिनेंटल रेलमार्ग पूरा हुआ।
- 1872: विक्टोरिया वुडहुल अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए नामांकित होने वाली पहली महिला बनीं।
- 1908: फिलाडेल्फिया (USA) में अन्ना जार्विस द्वारा आधिकारिक तौर पर पहली बार 'मदर्स डे' मनाया गया।
- 1922: किंगमैन रीफ द्वीप को औपचारिक रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया।
- 1924: जे. एडगर हूवर को अमेरिका के 'ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन' (जो बाद में FBI बना) का निदेशक नियुक्त किया गया।
- 1933: पराग्वे ने चाको क्षेत्र के नियंत्रण को लेकर बोलीविया के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
- 1940: ब्रिटिश पीएम नेविल चेम्बरलेन के इस्तीफे के बाद विंस्टन चर्चिल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने।
- 1941: नाजी नेता रुडोल्फ हेस शांति वार्ता के गुप्त मिशन पर स्कॉटलैंड में पैराशूट के जरिए उतरे।
- 1960: अमेरिकी पनडुब्बी 'यूएसएस ट्राइटन' ने जलमग्न रहते हुए दुनिया का पहला चक्कर लगाने का ऑपरेशन पूरा किया।
- 1981: फ्रांस्वा मितरंड पांचवें फ्रांसीसी गणराज्य के पहले समाजवादी राष्ट्रपति निर्वाचित हुए।
- 1994: नेल्सन मंडेला ने दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेकर इतिहास रचा।
- 1997: ईरान के खोरासान प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप में करीब 1,500 से अधिक लोगों की जान गई।
- 2001: घाना में एक फुटबॉल मैच के दौरान मची भगदड़ में 120 से अधिक प्रशंसकों की मौत हुई।
- 2013: न्यूयॉर्क में 'वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर' के शिखर की स्थापना के साथ यह पश्चिमी गोलार्ध की सबसे ऊंची इमारत बनी।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1526: पानीपत की पहली जीत के बाद मुगल शासक बाबर ने आगरा (तत्कालीन राजधानी) में प्रवेश किया।
- 1857: मेरठ से प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई, जहाँ सिपाहियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह किया।
- 1946: पंडित जवाहरलाल नेहरू को सर्वसम्मति से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का नेता चुना गया।
- 2002: मशहूर उर्दू शायर और गीतकार कैफी आजमी का मुंबई में निधन हुआ।
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