अब HIV से डरने की जरुरत नहीं! संक्रमण से बचाव के लिए दवा को मिली मंजूरी
Reena Sharma Vijayvargiya | Jun 20, 2025, 11:12 IST
THE SOOTR
अमेरिका के खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) ने हाल ही में लेनाकैपाविर को प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस के रूप में स्वीकृति दी है। यह पहला इंजेक्शन है जिसे छह महीने में केवल दो खुराक में लिया जा सकता है और इसके द्वारा एचआईवी संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।
हाल ही में, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने लेनाकैपाविर (Lenacapavir) नामक इंजेक्शन को एचआईवी (HIV) संक्रमण की रोकथाम के लिए मंजूरी दी है। यह इंजेक्शन, जो हर छह महीने में दो खुराक के रूप में दिया जाएगा, एचआईवी वायरस से बचाव में 99.9% प्रभावी पाया गया है। इस दवा की मंजूरी से 20 वर्षों के शोध और प्रयासों का फल मिल रहा है। हालांकि यह एचआईवी का इलाज नहीं है, लेकिन यह उन लोगों के लिए एक मजबूत बचाव उपाय के रूप में काम करेगा, जो एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने का जोखिम रखते हैं।
लेनाकैपाविर को प्रि-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (Pre-exposure Prophylaxis, PrEP) के रूप में मंजूरी मिली है, जिसका उद्देश्य एचआईवी संक्रमण से पहले सुरक्षा प्रदान करना है। इस इंजेक्शन का विकास और परीक्षण 20 वर्षों तक चला था, और अब यह एक प्रभावी तरीका साबित हुआ है जिससे एचआईवी के संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।
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लेनाकैपाविर इंजेक्शन एचआईवी के वायरस को शरीर में प्रवेश करने से रोकता है, लेकिन यह किसी व्यक्ति को पहले से संक्रमित होने पर उपचार प्रदान नहीं करता। इस इंजेक्शन को त्वचा के नीचे दो खुराकों के रूप में दिया जाता है और यह शरीर में छह महीने तक सक्रिय रहता है। हर छह महीने में एक नई खुराक की आवश्यकता होती है। इस दौरान, व्यक्ति को एचआईवी नेगेटिव होना चाहिए, क्योंकि यह केवल एचआईवी निगेटिव व्यक्तियों को ही दिया जाएगा।
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लेनाकैपाविर इंजेक्शन को छह महीने में दो बार दिया जाता है। इसका उद्देश्य उन व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करना है, जिनका एचआईवी से संपर्क होने का जोखिम है, जैसे कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध रखने वाले लोग।
इस इंजेक्शन के तीन चरणों के परीक्षण सफल साबित हुए हैं, जिससे इसे FDA की मंजूरी मिल सकी। प्रत्येक परीक्षण में यह इंजेक्शन एचआईवी के जोखिम को कम करने में बेहद प्रभावी पाया गया था, जिससे यह पुष्टि हो गई कि यह एचआईवी की रोकथाम में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह इंजेक्शन केवल उन व्यक्तियों के लिए है जो एचआईवी निगेटिव हैं और जिन्हें एचआईवी से संक्रमित होने का खतरा है। इसका मतलब है कि यह इंजेक्शन एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के लिए नहीं है, क्योंकि इससे उनके शरीर में अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, और ड्रग रजिस्टेंस का खतरा भी हो सकता है।
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पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. जुगल किशोर का मानना है कि लेनाकैपाविर एक मील का पत्थर है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य में क्रांति ला सकता है। लेकिन उनका यह भी कहना है कि इसका सबसे बड़ा फायदा तभी मिलेगा जब इसे सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बिना, यह दवा सीमित लोगों तक ही पहुंच पाएगी, और इसका उद्देश्य व्यापक रूप से एचआईवी से बचाव का नहीं हो पाएगा।
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20 साल के शोध का परिणाम
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कैसे काम करता है इंजेक्शन ?
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6 महीने में दो खुराक
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लेनाकैपाविर इंजेक्शन को छह महीने में दो बार दिया जाता है। इसका उद्देश्य उन व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करना है, जिनका एचआईवी से संपर्क होने का जोखिम है, जैसे कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध रखने वाले लोग।
इंजेक्शन की प्रभावशीलता और परीक्षण
HIV निगेटिव वालों के लिए है ये
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सस्ती दरों पर उपलब्धता की आवश्यकता
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मुख्य विशेषताएँ:
- दवा का नाम: लेनाकैपाविर (Lenacapavir)
- प्रकार: इंजेक्शन (Pre-exposure Prophylaxis)
- प्रभाव: 99.9% प्रभावी
- खुराक: 6 महीने में दो खुराक
- लाभ: एचआईवी संक्रमण से बचाव
- साइंटिफिक रिसर्च: 20 साल की मेहनत के बाद मिली मंजूरी
अमेरिका | एचआईवी पॉजिटिव
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