अब नए सर्वर से चलेगा PMO समेत 12 लाख खातों का डेटा, सरकारी ईमेल Zoho पर शिफ्ट
Amresh Kushwaha | Oct 13, 2025, 18:59 IST
zoho-govt-email-migration-data-security-india-digital-infra
PMO समेत केंद्र सरकार के 12 लाख ईमेल अब Zoho प्लेटफॉर्म पर होस्ट होंगे। NIC के बजाय तमिलनाडु की Zoho कंपनी को होस्टिंग सौंपी गई है। आदेश अब लागू, डेटा सिक्योरिटी पर नया फोकस। सारे फैक्ट आधिकारिक रूप से कन्फर्म हैं।
केंद्र सरकार ने 12 लाख से ज्यादा सरकारी ईमेल Zoho पर शिफ्ट किए हैं। इसमें पीएमओ (PMO) के ईमेल भी शामिल हैं। यह बदलाव एक साल में पूरा हुआ। अब NIC के पुराने सर्वर पर कोई मेल नहीं ऑपरेट होंगे।
ये खबर भी पढ़िए...सरिस्का में सीमा बदलाव: भ्रष्टाचारों के आरोपों पर सुनवाई, विरोध में अब तक भेजे 680 ईमेल
शिक्षा मंत्रालय ने साफ कहा कि बदलाव आत्मनिर्भर भारत लक्ष्य के तहत किया गया है। अब तकनीक और डेटा पूरी तरह घरेलू कंपनी के पास सुरक्षित रहेंगे। भारत सेवा आधारित अर्थव्यवस्था से उत्पादक राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है।
सभी सरकारी ईमेल का डोमेन (nic.in या gov.in) वही रहेगा। सिर्फ डेटा को प्रोसेस और होस्ट करने वाली कंपनी बदल गई है। Zoho अगले सात साल तक प्लेटफार्म की सर्विस देगी। सरकार और Zoho ने इस प्रोजेक्ट के लिए करार किया हुआ है।
ये खबर भी पढ़िए...केंद्र सरकार ने किया 24 स्थायी समितियों का गठन, MP से दिग्विजय सिंह को मिली जिम्मेदारी
सरकार ने कहा- SQS Zoho प्लेटफॉर्म का रेगुलर ऑडिट करती है। जरूरी है कि डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे। CERT-In और NIC दोनों ने प्लेटफॉर्म की सेफ्टी रिपोर्ट तैयार की है। सरकार भरोसा देती है कि डेटा का गलत इस्तेमाल नहीं होगा।
पूर्व आईएएस अधिकारी केबीएस सिद्धू के मुताबिक कंपनी चाहे भारतीय हो या विदेशी- डेटा सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब सिस्टम से कैबिनेट नोट्स और नेशनल सिक्योरिटी डिटेल जुड़ें, तब एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जरूरी है। साथ ही सुरक्षा पर इंडिपेंडेंट ऑडिट जरूरी।
ये खबर भी पढ़िए...कफ सिरप को लेकर केंद्र सरकार सख्त, देशभर में कंपनियों की होगी जांच, राज्यों से मांगी लिस्ट
Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने गोपनीयता पर कहा, हम क्लाइंट डेटा को कभी नहीं देखते। SaaS बिजनेस भरोसे पर चलता है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन आने वाला है।
2022 में AIIMS दिल्ली के सर्वर पर बड़ा साइबर हमला हुआ था। इसके बाद केंद्र ने सरकारी डेटा सुरक्षा के लिए नया प्लेटफॉर्म खोजा। DIC ने क्लाउड सेवा प्रदाताओं से टेंडर मांगे और Zoho का चयन हुआ।
ये खबर भी पढ़िए...अजमेर में रेलवे कर्मचारी के साथ साइबर ठगी, फर्जी एप को जरिया बनाया और 26 लाख रुपए का निवेश कराया
अब गृह मंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्री अपने निजी मेल के लिए भी जोहो ईमेल (Zoho Mail) यूज कर रहे हैं। हालांकि सरकारी संचार में अभी gov.in और nic.in डोमेन का ही इस्तेमाल होता है।
सरकार का टारगेट साफ है- डेटा और टेक्नोलॉजी की पूरी सुरक्षा देश के भीतर रहनी चाहिए। Zoho जैसे घरेलू प्लेटफॉर्म के साथ यह पॉलिसी पूरी की जा रही है।
Zoho Suite बन गया कर्मचारियों का नया टूल
अब सरकारी कर्मचारियों को Zoho Suite के ऑफिस टूल्स यूज करने होंगे। शिक्षा मंत्रालय ने सभी विभागों को Zoho के ऑफिस सूट अपनाने का आदेश दिया है। इस टूल के जरिए फाइलें और डॉक्यूमेंट्स ज्यादा सुरक्षित रहेंगे।
आत्मनिर्भर भारत के लिए रणनीतिक बदलाव
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
|
डोमेन वही रहेगा, होस्टिंग बदलेगी
ये खबर भी पढ़िए...केंद्र सरकार ने किया 24 स्थायी समितियों का गठन, MP से दिग्विजय सिंह को मिली जिम्मेदारी
डेटा सुरक्षा पर बड़ा दावा
विशेषज्ञ बोले- सिक्योरिटी की जिम्मेदारी सरकार की
ये खबर भी पढ़िए...कफ सिरप को लेकर केंद्र सरकार सख्त, देशभर में कंपनियों की होगी जांच, राज्यों से मांगी लिस्ट
Zoho संस्थापक का भरोसे वाला जवाब
AIIMS साइबर अटैक से सबक मिला
ये खबर भी पढ़िए...अजमेर में रेलवे कर्मचारी के साथ साइबर ठगी, फर्जी एप को जरिया बनाया और 26 लाख रुपए का निवेश कराया
मंत्री और अधिकारी भी अपना रहे Zoho Mail
बदलाव का मकसद- मिडिया और डेटा दोनों खुद के पास
FAQ
- सरकारी ईमेल प्लेटफॉर्म पर बदलाव क्यों हुआ?
डेटा सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत पॉलिसी के तहत यह कदम लिया गया है। - क्या NIC का डोमेन हट गया है?
डोमेन वही रहेगा, लेकिन होस्टिंग और सर्वर Zoho के हो गए हैं। - क्या Zoho पर डेटा सुरक्षित है?
सरकार और Zoho दोनों नियमित सिक्योरिटी ऑडिट और रिव्यू करते हैं। - क्या Zoho के सर्वर सब कर्मचारियों पर लागू है?
हां, पीएमओ सहित सभी केंद्रीय कर्मचारियों के मेल पर लागू हुआ है। - सरकारी ऑडिट में डेटा प्रोटेक्शन कन्फर्म है?
हां, SQS, NIC और CERT-In की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा पुख्ता है।
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava