शराब घोटाले के आरोपी अरुण पति त्रिपाठी को जमानत, 9 महीने से थे जेल में
Jitendra Shrivastava | Feb 15, 2024, 23:58 IST
ईडी ने शराब घोटाले मामले में अरुण पति त्रिपाठी को जमानत
ईडी ने शराब घोटाले मामले में अरुण पति त्रिपाठी को 2023 को मुंबई से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही रायपुर के केंद्रीय जेल में बंद थे। अरुण पति त्रिपाठी भारतीय टेलीकॉम सेवा के अधिकारी थे जो प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ राज्य में सेवाएं दे रहे थे। छत्तीसगढ़
RAIPUR. छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले में आरोपी एपी त्रिपाठी को हाईकोर्ट ने जमानत मिल गई है। अरुण पति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के सीएसएमसीएल के एमडी रह चुके हैं। त्रिपाठी को जस्टिस गौतम भादुड़ी की बेंच से राहत मिली है अरुण पति त्रिपाठी की जमानत याचिका में पहले ही सुनवाई हो चुकी थी जिस पर फैसला सुरक्षित रखा गया था, आज जमानत के फैसले को सार्वजनिक किया गया है।
बिलासपुर हाईकोर्ट में अरुण पति त्रिपाठी की जमानत याचिका लगी हुई थी, जिसमें अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के उक्त स्थगन को उल्लेखित किया है। हाई कोर्ट ने बचाव पक्ष के जमानत याचिका पर दिए गए दलीलों और तर्क से सहमत होते हुए अरुण पति त्रिपाठी को जमानत दी है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने शराब घोटाला मामले में कार्रवाई करते हुए अरुण पति त्रिपाठी को 12 में 2023 को मुंबई से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही अरुण पति त्रिपाठी रायपुर के केंद्रीय जेल में बंद थे। अरुण पाटिल त्रिपाठी के मूलतः भारतीय टेलीकॉम सेवा के अधिकारी थे जो प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ राज्य में सेवाएं दे रहे थे।
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प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले मामले में बीते मई महीने में आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और शराब वितरण कंपनी सीएसएमसीएल के पूर्व एमडी अरुण पति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उनसे पूछताछ कर ईडी की विशेष अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। इस दौरान उन्होंने अपने एड्वोकेट के माध्यम से विशेष अदालत में जमानत अर्जी लगाई थी। जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका दायर की थी। जिसमें राहत नहीं मिली। तब हाईकोर्ट में दोबारा जमानत अर्जी लगाई थी। जिसके बाद आज उन्हें राहत मिल गई है।
टेलीकॉम सेवा में अधिकारी थे अरुण पति त्रिपाठी
बिलासपुर हाईकोर्ट में अरुण पति त्रिपाठी की जमानत याचिका लगी हुई थी, जिसमें अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के उक्त स्थगन को उल्लेखित किया है। हाई कोर्ट ने बचाव पक्ष के जमानत याचिका पर दिए गए दलीलों और तर्क से सहमत होते हुए अरुण पति त्रिपाठी को जमानत दी है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने शराब घोटाला मामले में कार्रवाई करते हुए अरुण पति त्रिपाठी को 12 में 2023 को मुंबई से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही अरुण पति त्रिपाठी रायपुर के केंद्रीय जेल में बंद थे। अरुण पाटिल त्रिपाठी के मूलतः भारतीय टेलीकॉम सेवा के अधिकारी थे जो प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ राज्य में सेवाएं दे रहे थे।
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ईडी की विशेष अदालत ने भेजा था जेल
प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले मामले में बीते मई महीने में आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और शराब वितरण कंपनी सीएसएमसीएल के पूर्व एमडी अरुण पति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उनसे पूछताछ कर ईडी की विशेष अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। इस दौरान उन्होंने अपने एड्वोकेट के माध्यम से विशेष अदालत में जमानत अर्जी लगाई थी। जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका दायर की थी। जिसमें राहत नहीं मिली। तब हाईकोर्ट में दोबारा जमानत अर्जी लगाई थी। जिसके बाद आज उन्हें राहत मिल गई है।
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