जिस रामगढ़ पहाड़ी पर राम रहे उस पर धमाके की आंच, अडानी का कोल ब्लॉक, बीजेपी करा रही जांच
Arun Tiwari | Sept 08, 2025, 16:19 IST
cg-ramgarh-hill-coal-block-adani-dispute the sootr
छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक एक बड़ा मुद्दा है। खासतौर तब जबकि उनका ठेका अडानी कंपनी पास है। आदिवासी इसका घोर विरोध कर रहे हैं क्योंकि इसके लिए हसदेव के पेड़ काटे जा रहे हैं।
रायपुर : छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक एक बड़ा मुद्दा है। खासतौर तब जबकि उनका ठेका अडानी कंपनी पास है। आदिवासी इसका घोर विरोध कर रहे हैं क्योंकि इसके लिए हसदेव के पेड़ काटे जा रहे हैं। अब एक नया विवाद सामने आ गया है। राजस्थान को रोशन करने के लिए जिस केते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक से कोयला निकाला जा रहा है उससे छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक रामगढ़ पहाड़ी के वजूद पर खतरा मंडरा रहा है।
कोल ब्लॉक पर अडानी कंपनी के धमाके की धमक रामगढ़ को हिला देगी। बीजेपी सरकार ने हाल ही में इस कोल ब्लॉक की अनुमति अडानी कंपनी को दी है। इस पर विवाद बढ़ा तो बीजेपी संगठन ने तीन सदस्यों की जांच कमेटी बना दी। यह कमेटी पड़ताल कर बताएगी कि रामगढ़ पहाड़ी को इससे कितना नुकसान है। आइए आपको बताते हैं सरकार,अडानी,बीजेपी और रामगढ़ के बीच उलझी कहानी।
ये खबर भी पढ़ें... भूपेश बोले छत्तीसगढ़ को बना दिया अडानीगढ़, केदार ने कहा मनमोहन ने दी थी हसदेव काटने की इजाजत
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में ऐतिहासिक रामगढ़ पहाड़ी है। यह आदिवासियों की आस्था का केंद्र तो है ही लेकिन इसका एक और इतिहास है जो इसे खास बनाता हैं। रामगढ़ वो पहाड़ी है जहां भगवान राम दो बार आए। पहली बार विश्वामित्र के साथ दंडकारण्य के राक्षसों का वध करने और दूसरी वार वनवास के समय।
यहां के लोग बताते हैं कि वनवास के दौरान भगवान राम ने यहां पर काफी वक्त गुजारा है। महाकवि कालीदास भी यहां लंबे समय तक रहे हैं। कहा जाता है कि उनकी महान रचना मेघदूतम उन्होंने यहीं लिखी थी। इसके अलावा यहां पर आदिवासी समुदाय के कई देवी देवताओं का स्थान भी है। यही कारण है कि रामगढ़ पहाड़ी को खास माना जाता है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ विधानसभा में हसदेव अरण्य में पेड़ कटाई पर कांग्रेस का हंगामा, स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग
इसी ऐतिहासिक रामगढ़ पहाड़ी पर वजूद का संकट मंडरा गया है। कांग्रेस, सरकार,अडानी,बीजेपी और रामगढ़ के बीच यह कहानी उलझ गई है। दअसल यह मसला कोल ब्लॉक को लेकर है। यह केते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक है। यह खदान भी राजस्थान की है और एमडीओ अनुबंध अडानी कंपनी का है। इस खदान का 95 प्रतिशत क्षेत्र जंगल है।
और इसमें 1742 हेक्टेयर वन भूमि में 5 लाख से अधिक पेड़ काटे जाएँगे । यह खदान सरगुजा के प्रसिद्ध रामगढ़ पहाड़ का भी विनाश करेगा । यह वही खदान है जिसके लिए तमनार से पेड़ कटना चालू हो गए हैं। इस कोल ब्लॉक के धमाके से रामगढ़ की पहाड़ी दहल जाएगी और इसके टूटने का संकट आ जाएगा।
इस कोल ब्लॉक की अनुमति को कांग्रेस की भूपेश सरकार ने रद्द किया था। लेकिन जून 2025 में बीजेपी सरकार ने इस कोल ब्लॉक से कोयला निकालने की अनुमति दे दी। यही कारण है कि यहां से कोयला निकालने के लिए होने वाले धमाकों से इसके करीब स्थित रामगढ़ पहाड़ी का अस्तित्व मिट जाएगा।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में 'जल-क्रांति': हसदेव जलाशय में बनेगा राज्य का पहला एक्वा पार्क
हसदेव क्षेत्र में नए कोल प्रोजेक्ट के कारण सरगुजा की सांस्कृतिक धरोहर रामगढ़ पर्वत पर संभावित खतरे को देखते पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव की पहल पर रामगढ़ संरक्षण और संवर्द्धन समिति नाम के गैर राजनीतिक संस्था का गठन किया गया है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि केते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक से रामगढ़ के अस्तित्व को खतरा है।
विष्णुदेव सरकार बनने के बाद पुराने रिपोर्ट से उलट नई रिपोर्ट पेश कर कोल ब्लॉक को मंजूरी दी जा रही है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने रामगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की मुहिम शुरू की है। सिंहदेव ने कहा कि खदान के कारण ऐतिहासिक रामगढ़ पहाड़ के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे के खिलाफ अगर खड़ा नहीं हुआ तो खुद को माफ नहीं कर पाऊंगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में रामगढ़ पर्वत की विरासत को बचाने और हाथियों के लिये बनाए जा रहे लेमरू प्रोजेक्ट के लिए तत्कालीन केते एक्सटेंशन कोल प्रोजेक्ट को खारिज कर दिया था।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ के तीन कोल ब्लॉक्स की नीलामी पूरी: 1400 लाख टन से अधिक कोयला भंडार मौजूद
इस विरोध को देखते हुए बीजेपी संगठन ने एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी रामगढ़ पर्वत पर जाएगी और वहां स्थितियों का अध्ययन करेगी। यह कमेटी एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट संगठन को सौंपेगी।
और यदि इस कमेटी ने रामगढ़ पहाड़ी पर संकट बताया तो क्या सरकार यह अनुमति रद्द कर देगी। सवाल बहुत हैं और पेंच भी बहुत हैं। कुल मिलाकर रामगढ़ की पहाड़ी फिलहाल कांग्रेस, बीजेपी,सरकार और अडानी के बीच उलझ गई है।
CG News
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
कोल ब्लॉक पर अडानी कंपनी के धमाके की धमक रामगढ़ को हिला देगी। बीजेपी सरकार ने हाल ही में इस कोल ब्लॉक की अनुमति अडानी कंपनी को दी है। इस पर विवाद बढ़ा तो बीजेपी संगठन ने तीन सदस्यों की जांच कमेटी बना दी। यह कमेटी पड़ताल कर बताएगी कि रामगढ़ पहाड़ी को इससे कितना नुकसान है। आइए आपको बताते हैं सरकार,अडानी,बीजेपी और रामगढ़ के बीच उलझी कहानी।
ये खबर भी पढ़ें... भूपेश बोले छत्तीसगढ़ को बना दिया अडानीगढ़, केदार ने कहा मनमोहन ने दी थी हसदेव काटने की इजाजत
क्यों खास है रामगढ़ पहाड़ी :
यहां के लोग बताते हैं कि वनवास के दौरान भगवान राम ने यहां पर काफी वक्त गुजारा है। महाकवि कालीदास भी यहां लंबे समय तक रहे हैं। कहा जाता है कि उनकी महान रचना मेघदूतम उन्होंने यहीं लिखी थी। इसके अलावा यहां पर आदिवासी समुदाय के कई देवी देवताओं का स्थान भी है। यही कारण है कि रामगढ़ पहाड़ी को खास माना जाता है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ विधानसभा में हसदेव अरण्य में पेड़ कटाई पर कांग्रेस का हंगामा, स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग
रामगढ़ के वजूद पर संकट :
और इसमें 1742 हेक्टेयर वन भूमि में 5 लाख से अधिक पेड़ काटे जाएँगे । यह खदान सरगुजा के प्रसिद्ध रामगढ़ पहाड़ का भी विनाश करेगा । यह वही खदान है जिसके लिए तमनार से पेड़ कटना चालू हो गए हैं। इस कोल ब्लॉक के धमाके से रामगढ़ की पहाड़ी दहल जाएगी और इसके टूटने का संकट आ जाएगा।
इस कोल ब्लॉक की अनुमति को कांग्रेस की भूपेश सरकार ने रद्द किया था। लेकिन जून 2025 में बीजेपी सरकार ने इस कोल ब्लॉक से कोयला निकालने की अनुमति दे दी। यही कारण है कि यहां से कोयला निकालने के लिए होने वाले धमाकों से इसके करीब स्थित रामगढ़ पहाड़ी का अस्तित्व मिट जाएगा।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में 'जल-क्रांति': हसदेव जलाशय में बनेगा राज्य का पहला एक्वा पार्क
कांग्रेस का विरोध :
विष्णुदेव सरकार बनने के बाद पुराने रिपोर्ट से उलट नई रिपोर्ट पेश कर कोल ब्लॉक को मंजूरी दी जा रही है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने रामगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की मुहिम शुरू की है। सिंहदेव ने कहा कि खदान के कारण ऐतिहासिक रामगढ़ पहाड़ के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे के खिलाफ अगर खड़ा नहीं हुआ तो खुद को माफ नहीं कर पाऊंगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में रामगढ़ पर्वत की विरासत को बचाने और हाथियों के लिये बनाए जा रहे लेमरू प्रोजेक्ट के लिए तत्कालीन केते एक्सटेंशन कोल प्रोजेक्ट को खारिज कर दिया था।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ के तीन कोल ब्लॉक्स की नीलामी पूरी: 1400 लाख टन से अधिक कोयला भंडार मौजूद
बीजेपी ने बनाई कमेटी :
यह है रामगढ़ पर्वत अध्ययन समिति :
- शिवरतन शर्मा पूर्व विधायक संयोजक
- रेणुका सिंह विधायक
- अखिलेश सोनी प्रदेश महामंत्री
और यदि इस कमेटी ने रामगढ़ पहाड़ी पर संकट बताया तो क्या सरकार यह अनुमति रद्द कर देगी। सवाल बहुत हैं और पेंच भी बहुत हैं। कुल मिलाकर रामगढ़ की पहाड़ी फिलहाल कांग्रेस, बीजेपी,सरकार और अडानी के बीच उलझ गई है।
CG News
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्सऔरएजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापनऔरक्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari