ननों की गिरफ्तारी और कब्र से शव निकालने को लेकर बड़े पैमाने पर ईसाई समाज का विरोध प्रदर्शन
Harrison Masih | Aug 01, 2025, 16:13 IST
kanker christians-protest-grave-dispute nuns arrest the sootr
छत्तीसगढ़ के कांकेर में ईसाई समुदाय ने कब्र से शव निकालने, चर्च में तोड़फोड़ और पीड़ित परिवार को धमकाने के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
Kanker Christian protests: जामगांव में कथित धर्मांतरण के बाद एक ग्रामीण की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। जामगांव में मृत व्यक्ति की कब्र खोदकर शव निकालने और चर्च में तोड़फोड़, पीड़ित परिवार को धमकाना और दुर्ग में ननों की गिरफ्तारी जैसे मामलों के विरोध में ईसाई समुदाय के हजारों लोग शुक्रवार को कांकेर के मेलाभाटा मैदान में एकत्र हुए और जोरदार प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान समुदाय की ओर से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए रैली निकाली गई, लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट मार्ग पर बैरिकेटिंग कर रैली को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में ईसाई धर्म का 157 साल का सफर, 4 लोगों से 6 लाख हुई आबादी, जर्मन मिशनरी ने बदली तस्वीर
जामगांव में धर्मांतरण के बाद हुई मौत के बाद जब मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हुआ, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों द्वारा कब्र खोदकर शव निकालने की घटना ने पूरे राज्य में ईसाई समुदाय के बीच गंभीर नाराजगी पैदा कर दी है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकार का सीधा उल्लंघन है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा में बाधा, चर्च में तोड़फोड़ और पीड़ित परिवार को धमकाने जैसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे समुदाय के लोगों में असुरक्षा का माहौल बन गया है। इस घटनाक्रम ने न केवल धार्मिक सहिष्णुता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी चुनौती दी है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में ननों की गिरफ्तारी मामले में नया मोड़,युवती ने बजरंग दल पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने दुर्ग जिले में दो ननों की गिरफ्तारी को भी अनुचित बताया और उसे तुरंत रिहा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि धर्म विशेष के खिलाफ लक्षित कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
CG christian protest
ये खबर भी पढ़ें... ननों की गिरफ्तारी पर मचा सियासी बवाल, कई सांसद पहुंचे छत्तीसगढ़
जामगांव धर्मांतरण विवाद दुर्ग ननों की गिरफ्तारी
ईसाई समाज का विरोध प्रदर्शन कांकेर धर्मांतरण विवाद
इस घटना ने धार्मिक आज़ादी, सामाजिक समरसता और संवैधानिक अधिकारों को लेकर एक बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है। प्रशासन पर अब जिम्मेदारी है कि वह स्थिति को शांतिपूर्वक संभालते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
विरोध प्रदर्शन के दौरान समुदाय की ओर से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए रैली निकाली गई, लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट मार्ग पर बैरिकेटिंग कर रैली को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में ईसाई धर्म का 157 साल का सफर, 4 लोगों से 6 लाख हुई आबादी, जर्मन मिशनरी ने बदली तस्वीर
कब्र से शव निकालने पर नाराजगी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकार का सीधा उल्लंघन है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
चर्च में तोड़फोड़ और धमकियों का आरोप
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में ननों की गिरफ्तारी मामले में नया मोड़,युवती ने बजरंग दल पर लगाए गंभीर आरोप
दुर्ग में ननों की गिरफ्तारी पर भी विरोध
प्रशासन अलर्ट मोड में,भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए कांकेर प्रशासन सतर्क हो गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर, रैली मार्ग और मुख्य चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ये खबर भी पढ़ें... ननों की गिरफ्तारी पर मचा सियासी बवाल, कई सांसद पहुंचे छत्तीसगढ़
पांच सूत्रीय मांगें क्या हैं?
ईसाई समुदाय द्वारा रखी गई प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- जामगांव में कब्र से शव निकालने की उच्चस्तरीय जांच हो
- चर्च में तोड़फोड़ और प्रार्थनासभा में बाधा पहुंचाने वालों पर कार्रवाई
- पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय मिले
- दुर्ग में गिरफ्तार की गई नन को रिहा किया जाए
- समुदाय के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
जामगांव धर्मांतरण विवाद दुर्ग ननों की गिरफ्तारी
|
इस घटना ने धार्मिक आज़ादी, सामाजिक समरसता और संवैधानिक अधिकारों को लेकर एक बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है। प्रशासन पर अब जिम्मेदारी है कि वह स्थिति को शांतिपूर्वक संभालते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
FAQ
- कांकेर में ईसाई समुदाय ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
कांकेर में ईसाई समुदाय ने जामगांव में कब्र से शव निकालने, चर्च में तोड़फोड़ और पीड़ित परिवार को धमकाने की घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन किया। - क्या कांकेर में ईसाई समुदाय की मांगों पर कोई कार्रवाई हुई है?
प्रदर्शनकारियों ने पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा है, जिसमें उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है। - जामगांव कब्र विवाद क्या है?
जामगांव में धर्मांतरण के बाद एक व्यक्ति की मृत्यु हुई, जिसके बाद कब्र से शव निकालने की घटना हुई। इससे सांप्रदायिक तनाव और विवाद की स्थिति बनी।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्सऔर एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापनऔरक्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman