छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी बेंच बनाने की मांग, हाईकोर्ट ने केंद्र से 3 सप्ताह में मांगा जवाब

Harrison Masih | Oct 16, 2026, 13:30 IST
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छत्तीसगढ़ में CAT बेंच बनाने की मांग
छत्तीसगढ़ में CAT बेंच बनाने की मांग

छत्तीसगढ़ में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की स्थायी बेंच बनाने की मांग पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने केंद्र को तीन सप्ताह के भीतर सक्षम अधिकारी का शपथपत्र पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि प्रदेश में CAT की स्थायी बेंच बनाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और इसकी मौजूदा स्थिति क्या है।

चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने छत्तीसगढ़ सीनियर लॉयर फोरम की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। याचिका में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी बेंच नहीं होने से सरकारी कर्मचारियों और दूसरे पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी बेंच बनाने की मांग की गई है।
  • हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
  • केंद को तीन सप्ताह में शपथपत्र पेश करने का निर्देश।
  • साल में सिर्फ 5 बार सर्किट बेंच बिलासपुर आती है।
  • स्थायी बेंच नहीं होने से कर्मचारियों को जबलपुर जाना पड़ता है।

साल में सिर्फ 5 बार बिलासपुर आती है सर्किट बेंच

याचिकाकर्ता छत्तीसगढ़ सीनियर लॉयर फोरम की ओर से अधिवक्ता बीपी राव, विकास बाजपेयी, अरविंद सिन्हा और पूजा सिन्हा ने पक्ष रखा।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि जबलपुर स्थित CAT की मुख्य बेंच की सर्किट बेंच साल में केवल पांच बार बिलासपुर आती है। हर बार यह एक सप्ताह तक काम करती है। सीमित समय तक सुनवाई होने के कारण कई पक्षकारों को अपने मामलों से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए जबलपुर जाना पड़ता है।
याचिका के अनुसार, आवेदन जमा करने, दस्तावेजों की गलतियां सुधारने और दूसरी जरूरी प्रक्रियाओं के लिए जबलपुर जाने से सरकारी कर्मचारियों और उनके वकीलों का समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं।


CAT भवन के लिए जमीन आवंटित, फिर भी छोटे कमरे में चल रही बेंच

याचिका में यह भी बताया गया कि बिलासपुर में CAT भवन बनाने के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है। इसके बावजूद सर्किट बेंच जिला उपभोक्ता फोरम के पहले तल पर स्थित एक छोटे कमरे में संचालित हो रही है।

फोरम का कहना है कि छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी बेंच स्थापित होने से सरकारी कर्मचारियों को प्रशासनिक मामलों की सुनवाई के लिए बार-बार जबलपुर नहीं जाना पड़ेगा। इससे मामलों की प्रक्रिया आसान होगी और पक्षकारों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

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केंद्र ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से उप सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा और अधिवक्ता अन्नपूर्णा तिवारी उपस्थित हुए। केंद्र की ओर से स्थायी बेंच बनाने के लिए उठाए गए कदमों और वर्तमान स्थिति की जानकारी देने के लिए शपथपत्र दाखिल करने का समय मांगा गया।

इसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन सप्ताह के भीतर सक्षम अधिकारी का शपथपत्र पेश करने का निर्देश दिया। अब केंद्र सरकार के जवाब से स्थायी बेंच बनाने की दिशा में हुई कार्रवाई और मौजूदा स्थिति की जानकारी सामने आएगी।

राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर और उप शासकीय अधिवक्ता अनुजा शर्मा भी सुनवाई के दौरान उपस्थित रहे।

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25 साल बाद भी स्थायी बेंच का इंतजार

अविभाजित मध्य प्रदेश के समय केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की मुख्य बेंच जबलपुर में स्थापित की गई थी। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के 25 साल बाद भी प्रदेश में CAT की स्थायी बेंच स्थापित नहीं हो सकी है।

इसका असर उन सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर पड़ता है, जिन्हें सेवा से जुड़े विवादों और अन्य प्रशासनिक मामलों के लिए अधिकरण का रुख करना पड़ता है।

अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र सरकार को तीन सप्ताह में अपना जवाब देना होगा। हालांकि, स्थायी बेंच की स्थापना पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। आगे की स्थिति केंद्र सरकार के शपथपत्र और मामले में होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगी।

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