डीजे कोर्ट ने गैस त्रासदी के दोषी अफसरों की याचिका पर सुनवाई की पूरी

Sanjay Sharma | Sept 08, 2025, 22:37 IST
Share
gas tragedy
gas tragedy

मध्‍य प्रदेश गैस त्रासदी मामले से जुड़े केस में सोमवार को जिला न्यायालय में सीबीआई की ओर से तर्क पेश किए गए। ट्रायल कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध दोषियों की याचिका पर ये सुनवाई चल रही है।

BHOPAL. भोपाल गैस त्रासदी मामले से जुड़े केस में सोमवार को जिला न्यायालय में सीबीआई की ओर से तर्क पेश किए गए। ट्रायल कोर्ट द्वारा गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार ठहराए गए तीन अधिकारियों की अपील पर सुनवाई जारी है। ट्रायल कोर्ट में सीबीआई के वकील ने औद्योगिक दुर्घटना के जिम्मेदारों की याचिका को सुनवाई के लिए अनुचित होने का भी दावा किया है।

सीबीआई ने भोपाल ट्रायल कोर्ट में सुनवाई और फैसले के दौरान अभियुक्त पक्ष द्वारा आपत्ति दर्ज न कराने का उल्लेख करते हुए सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों का भी हवाला दिया। जिला कोर्ट ने सीबीआई की सुनवाई के बाद अभियुक्त पक्ष को अंतिम अवसर देते हुए 6 अक्टूबर की तारीख तय की है।

दोषी ठहराए गए 3 लोगों ने की थी अपील

यूनियन कार्बाइड में गैस रिसाव से हुई भीषण त्रासदी से संबंधित एक प्रकरण में ट्रायल कोर्ट ने जून 2010 को अभियुक्तों को जिम्मेदार ठहराया था। केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 178 गवाहों को सुनने और साक्ष्यों के आधार पर भारतवर्षीय अधिकारी और युका के कर्मचारियों को दोषी माना था।

इनमें से तीन अधिकारी जे.मुकुंद, एसपी चौधरी और किशोर कामदार ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के विरुद्ध अपील की थी। साल 2011 में अभियुक्तों की ओर से पेश की गई याचिका पर सुनवाई चल रही है।

ये खबरें भी पढ़िए :

MLA शंकर रावत की बेटी की नौकरी की जांच SOG करेगी, नड्डा-भजनलाल तक पहुंची थी शिकायत

Top News : खबरें आपके काम की

CBI ने सुनवाई से अयोग्य बताई याचिका

जिला न्यायालय में सीबीआई के वकील ने तर्क पेश किए। ट्रायल कोर्ट के निर्णय के विरोध में याचिकाकर्ता कई बार दलीलें पेश कर चुके हैं। सीबीआई के वकील ने अदालत में मौखिक जिरह के साथ ही लिखित में भी अपने तर्क प्रस्तुत किए। सीबीआई ने अभियुक्त पक्ष की याचिका को सुनवाई योग्य नहीं बताकर उसे निरस्त करने की अपील की।

जांच एजेंसी के वकील ने कोर्ट को बताया कि जिन धाराओं का विरोध करते हुए ट्रायल कोर्ट के निर्णय को याचिकाकर्ता गलत बता रहे हैं उन्हें 13 दिसम्बर 1996 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया था। जिसके बाद ट्रायल कोर्ट ने 1997 में सुनवाई शुरू की थी। यह मामला तब से अब तक कोर्ट में विचाराधीन है।

ये खबरें भी पढ़िए :

बस्तर में 1000 नौकरी देने पर उद्योग को सरकार की विशेष सुविधाए, SC-ST उद्यमियों को 10 फीसदी अतिरिक्त सब्सिडी

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें

याचिकाकर्ताओं को तर्क रखने का मौका

गैस त्रासदी से जुड़े इस केस में अब तक दोनों पक्षों के 178 गवाहों को सुनने और साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल कोर्ट ने अधिकारी- कर्मचारियों को दोषी ठहराया था। सुनवाई के दौरान अभियुक्तों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप और धाराओं का विरोध नहीं किया था।

सीबीआई के वकील ने जिला न्यायालय में याचिका को सुनवाई के अयोग्य बताने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का भी उल्लेख किया। सुनवाई के दौरान भोपाल गैस त्रासदी पीड़ित संगठन बीजीआईए की ओर से भी याचिका को निरस्त करने की अपील करते हुए लिखित तर्क पेश किए गए। सुनवाई पूरी कर कोर्ट ने अभियुक्त पक्ष को अंतिम तर्क रखने 6 अक्टूबर की तारीख तय की है।



Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • भोपाल गैस त्रासदी
  • सीबीआई
  • भोपाल गैस त्रासदी पीड़ित
  • जिला न्यायालय
  • कोर्ट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा