नहीं थम रहा नर्सिंग संस्थानों में फर्जीवाड़ा - एक कर्मचारी दो-दो जगह नियुक्त
Ravi Awasthi | Oct 27, 2025, 19:37 IST
Photograph: (The Sootr)
मध्यप्रदेश में नर्सिंग संस्थानों का फर्जीवाड़ा जारी है। राजधानी के टेक्नोक्रेट समूह की अलग—अलग इकाइयों में कर्मचारियों के दोहराव का मामला सामने आया है।
BHOPAL. मध्यप्रदेश में नर्सिंग संस्थानों के फर्जीवाड़े थमने का नाम नहीं ले रहे। राजधानी भोपाल के हथाईखेड़ा आनंद नगर स्थित टेक्नोक्रेट इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एवं रामांश हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में एक ही कर्मचारी की नियुक्ति दो-दो संस्थानों में दर्ज पाई गई है।
संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर राजू सिंह राजौरिया ने कलेक्टर और सीएमएचओ को शिकायत में बताया कि उनकी नियुक्ति नर्सिंग कॉलेज में हुई थी, पर बाद में पता चला कि उनका नाम इसी संस्थान की सिस्टर कंसर्न रामांश हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भी परमानेंट नर्सिंग सिस्टर के रूप में दर्ज है-जबकि वे कभी उस अस्पताल गए ही नहीं।
यह भी पढ़ें... भावांतर का भंवर: बदल गए कृषि मंत्री के सुर, अब मंडी बोर्ड से कर्ज का इंतजाम कराने हुए राजी
इसी तरह, संस्थान की ट्यूटर नंदिनी धनोरे और प्रियांशी बारस्कर के नाम भी दोहरी नियुक्ति सूची में पाए गए। नंदिनी अब नौकरी छोड़ चुकी हैं, जबकि प्रियांशी अभी भी संस्थान में कार्यरत हैं। दोनों ने दोहरी नौकरी से अनभिज्ञता जताई है।
यह पहला मौका नहीं,बीते साल भी 9 कर्मचारियों के नाम अस्पताल व नर्सिंग संस्थान दोनों जगह दर्ज पाए गए। कमोबेश यही स्थिति कुछ चिकित्सकों को लेकर भी हैं। इनमें से कुछ तो अब शासकीय सेवा में हैं।
यह भी पढ़ें... मच्छर बढ़े, पर अमला बूथों पर-भोपाल में स्वास्थ्य से बड़ी चिंता चुनाव की
यह भी पढ़ें...कैग रिपोर्ट में खुलासा : कफ सिरप के 31 फीसदी सैंपल टेस्ट नहीं हुए, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई
संस्थान में जॉली जोश चांदे,जो पैरामेडिकल विंग में कार्यरत हैं,को नर्सिंग कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल बना दिया गया है। वहीं, नाममात्र की प्रिंसिपल कभी-कभार ही कॉलेज आती हैं।
अलग-अलग चिकित्सा विधाओं का मिश्रण कर यहां होम्योपैथिक डॉक्टरों से अस्पताल की ओपीडी और नर्सिंग प्रशिक्षण-दोनों का काम कराया जा रहा है।
यह भी पढ़ें... एमपी नर्सिंग घोटाला : बलि चढ़ रहा 70 हजार छात्रों का भविष्य
नर्सिंग संस्थानों का फर्जीवाड़ाःलगातार गड़बड़ियों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने टेक्नोक्रेट इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की बीएससी नर्सिंग कोर्स की मान्यता फिलहाल रोक दी है।
संस्थान के डायरेक्टर सतीश सिंह ने कहा कि मान्यता संबंधी प्रकरण शासन के समक्ष विचाराधीन है। कर्मचारियों की दोहरी नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने कहा-“कार्यालयीन समय में आकर बात करें।”
वहीं,टेक्नोक्रेट इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य एम.के. नागप्पन ने दावा किया कि उनके नर्सिंग संस्थान में किसी भी व्यक्ति की दोहरी नियुक्ति नहीं है। नर्सिंग संस्थान के किसी कर्मचारी का नाम कहीं और भी दर्ज है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं।
इस संबंध में रामांश हास्पिटल के उपाध्यक्ष सौरभ करसोलिया का पक्ष जानने का भी प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई भी जानकारी होने से इंकार किया।
दस्तावेजों की खानापूर्ति: एक ही कर्मचारी से दो जगह
यह भी पढ़ें... भावांतर का भंवर: बदल गए कृषि मंत्री के सुर, अब मंडी बोर्ड से कर्ज का इंतजाम कराने हुए राजी
दोहरी नियुक्ति से हैं ये अंजान
यह पहला मौका नहीं,बीते साल भी 9 कर्मचारियों के नाम अस्पताल व नर्सिंग संस्थान दोनों जगह दर्ज पाए गए। कमोबेश यही स्थिति कुछ चिकित्सकों को लेकर भी हैं। इनमें से कुछ तो अब शासकीय सेवा में हैं।
यह भी पढ़ें... मच्छर बढ़े, पर अमला बूथों पर-भोपाल में स्वास्थ्य से बड़ी चिंता चुनाव की
यह भी पढ़ें...कैग रिपोर्ट में खुलासा : कफ सिरप के 31 फीसदी सैंपल टेस्ट नहीं हुए, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई
पैरामेडिकल कर्मी बनी वाइस प्रिंसिपल
अलग-अलग चिकित्सा विधाओं का मिश्रण कर यहां होम्योपैथिक डॉक्टरों से अस्पताल की ओपीडी और नर्सिंग प्रशिक्षण-दोनों का काम कराया जा रहा है।
यह भी पढ़ें... एमपी नर्सिंग घोटाला : बलि चढ़ रहा 70 हजार छात्रों का भविष्य
मान्यता पर लगी रोक
संस्थान के डायरेक्टर सतीश सिंह ने कहा कि मान्यता संबंधी प्रकरण शासन के समक्ष विचाराधीन है। कर्मचारियों की दोहरी नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने कहा-“कार्यालयीन समय में आकर बात करें।”
वहीं,टेक्नोक्रेट इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य एम.के. नागप्पन ने दावा किया कि उनके नर्सिंग संस्थान में किसी भी व्यक्ति की दोहरी नियुक्ति नहीं है। नर्सिंग संस्थान के किसी कर्मचारी का नाम कहीं और भी दर्ज है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं।
इस संबंध में रामांश हास्पिटल के उपाध्यक्ष सौरभ करसोलिया का पक्ष जानने का भी प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई भी जानकारी होने से इंकार किया।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman