गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप जैसा ही सलमान लाला, मौत के बाद भी समर्थक हीरो बता गैंग को बचाने में जुटे
Sanjay Gupta | Sept 06, 2025, 15:51 IST
SALMAN LALA INDORE NEWS 1
उज्जैन का गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप और इंदौर का गैंगस्टर सलमान लाला की मौत को काफी समय हो चुका है। वहीं, अभी भी उनकी गैंग्स के लोग सोशल मीडिया पर दोनों को हीरो बताकर गैंग को बचाने में जुटे हैं।
उज्जैन का गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप (Durlabh Kashyap) और इंदौर का गैंगस्टर शाहनवाज उर्फ सलमान लाला (Salman lala)। दोनों की मौत हो चुकी है, लेकिन दुर्लभ के बाद अब लाला की गैंग (जिसे वह फौज कहता था) ने जिस तरह से सोशल मीडिया पर उसकी मौत के बाद भौकाल मचाया है, उसने पुलिस को हिला दिया है।
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि लाला की गैंग के लोग उसके मरने के बाद भी अपने काले धंधों को बनाए रखना चाहते हैं। उन्हें डर है कि लाला की मौत के बाद कहीं गैंग बिखर न जाए। इसलिए लाला के ही सबसे अहम हथियार सोशल मीडिया का उपयोग कर पूरी प्लानिंग से उसकी मौत के बाद उसे हीरो की तरह बताया जा रहा है।
उज्जैन का गैंगस्टर। माथे पर लाल तिलक, आंखों में काजल, कंधे पर गमछा, यही उसकी पहचान थी। साल 2000 में पैदा हुए दुर्लभ ने नाबालिग होने पर 15-16 साल की उम्र में ही क्राइम की दुनिया में कदम रखा था। 2020 तक अपनी मौत होने तक चार-पांच सालों में बड़ी गैंग खड़ी कर अपराध की दुनिया में नाम कमा लिया था।
दुर्लभ ने ही सबसे पहले क्राइम की दुनिया में सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल किया। इसके जरिए गैंग बनाई और खासकर नाबालिग और युवाओं को जोड़ा। उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर ही लिखा हुआ था, नामी अपराधी। किसी भी तरह के विवाद निपटाने के लिए संपर्क करें। मात्र 20 साल की उम्र में सितंबर 2020 में गैंगवार में एक चाय की गुमटी पर उसे चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। लेकिन इसके बाद भी उसकी गैंग सोशल मीडिया पर सक्रिय है।
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लाला का मन पढ़ाई में नहीं था और वह पिता के साथ कबाड़ी की दुकान पर बैठने लगा। लेकिन इसके बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। उसने दुर्लभ कश्यप की तरह ही सोशल मीडिया को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। उसके सभी लोग कई आईडी उसके नाम की बनाकर उसके अपराधों का बखान करते और हीरो की तरह प्रस्तुत करने लगे।
इससे युवा उसकी और आकर्षित होने लगे और गैंग तेजी से बढ़ने लगी, जिसे वह लाला की फौज कहने लगा। वह अपने अपराध के साथ ही जन्मदिन जैसे आयोजन भी धूमधाम से मनाने लगा। महंगी गाड़ियों में घूमना, सोने की चेन, अंगूठी के साथ महंगी घड़ी पहनना स्टेटस सिंबल बन गया।
पहले वह शराब की स्मगलिंग में घुसा, हिंदू युवतियों को फंसाने लगा, पहले अपराध महिला संबंधी ही थे। फिर वह गांजा, ड्रग्स के धंधे में उतरा और इसके बाद वह मारपीट, धमकाना, रंगदारी, कार चोरी कर बिकवाने, हथियारों की तस्करी जैसे धंधों में उतर आया। वह यही नहीं रुका, उसके साथ युवाओं की फौज देख नेताओं का संरक्षण भी शुरू हुआ और उनके लिए वह राजनीतिक रैलियों में भीड़ जुटाने लगा।
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साल 2022 आते-आते लाला इतना बेखौफ हो चुका था कि जनवरी 2022 में उसने अपने गैंग के इमरान और सद्दाम के बीच हुए विवाद में एमवायएच अस्पताल परिसर में जाकर ही सद्दाम पर गोली चला दी। इसके बाद ही पुलिस को लाला चुभने लगा। उसकी 30 जनवरी को गिरफ्तारी हुई। हथकड़ी पहनाकर उसे उसके एरिया में जुलूस निकाला गया।
इस दौरान उसने कान पकड़कर कहा, पुलिस हमारी बाप है, अपराध करना पाप है। लेकिन वह नहीं सुधरा। इसके पहले भी वह एक बार अर्धनग्न कपड़ों में बोला था कि- मुझे फॉलो करने वालों से बोलना चाहूंगा, कोई ऐसा काम नहीं करो, घरवाले और मैं भी परेशान होता हूं, मकान भी टूट गया, मैं मां और परिवार के साथ नहीं कर पाता हूं, गलत काम का अंजाम यही होता है। लेकिन यह सिर्फ पुलिस के दबाव में कही बात थी। वह फिर से वहीं कांड करने लगता था। बाद में तो वह पुलिस में गिरफ्तारी होने पर मूंछों पर ताव देकर निकलता था और यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर डलवाता था।
सोमवार 1 सितंबर को छोटी खजरानी इंदौर में हुए उसके जनाजे में करीब तीन हजार समर्थकों की भीड़ लगी। इसमें हिस्ट्रीशीटर समर्थक, ड्रग पैडलर, कॉलेज में उनके समर्थक ग्रुप पहुंचे। अब इन सभी ने सोशल मीडिया पर पुलिस पर हमला बोलते हुए गैंगस्टर को हीरो की तरह पेश करने की मुहिम छेड़ दी।
लाला को भी किंग जैसे शब्दों से हीरो बताया। यह भी कहा कि वह तो लहरों से लड़ने वाला था, डूबकर नहीं मर सकता। उसकी मौत को साजिश बताने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए 70 से ज्यादा आईडी पर यह खेल चल रहा है। पुलिस अब इन सभी आईडी पर नजर रखकर सभी की कुंडली बनाने में जुटी है। पूरी इंटेलीजेंस और क्राइम ब्रांच इस काम में लगी हुई है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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एक्टर एजाज खान ने तो वीडियो डालकर यहां तक कहा कि- सलमान लाला डूबकर मर गया तालाब में, ऐसा बोला जाता है, मुझे ऐसा लगता है कि वह तैराक था बहुत बड़ा, समंदर में तैरने वाले तालाबों से डूबकर नहीं मर जाया करते और गैंगस्टर था, ठीक है, मैं उसे जानता तो नहीं हूं, लेकिन ऐसा बोला जाता है कि वह गैंगस्टर था। गुनाह उसका यह नहीं था कि वह गैंगस्टर था, गुनाह उसका यह था कि वह यह है कि वह मुसलमान था इसलिए मार दिया गया इस तरह से।
शाहनवाज उर्फ सलमान पिता मोहम्मद निजाम पता 11 नया बसेरा इंदौर, गैंगस्टर सलमान लाला बन गया।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अरुण डार्लिंग अपने साथी सलमान लाला के साथ भोपाल से इंदौर आने वाला है। क्राइम ब्रांच टीम द्वारा मुखबिर के बताए अनुसार अरुण डार्लिंग एवं सलमान लाला को पकड़ने के लिए सीहोर बायपास इंदौर भोपाल रोड पहुंचे। मुखबिर के बताई स्कॉर्पियो कार सीहोर बाइपास पर दिखी और जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया। कार में बैठे चार लोगों को पकड़ लिया गया। भागा हुआ आरोपी सलमान लाला था, जिसकी बाद में सीहोर के पास पानी से भरे गड्ढे में बॉडी मिली।
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इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि लाला की गैंग के लोग उसके मरने के बाद भी अपने काले धंधों को बनाए रखना चाहते हैं। उन्हें डर है कि लाला की मौत के बाद कहीं गैंग बिखर न जाए। इसलिए लाला के ही सबसे अहम हथियार सोशल मीडिया का उपयोग कर पूरी प्लानिंग से उसकी मौत के बाद उसे हीरो की तरह बताया जा रहा है।
कौन था दुर्लभ कश्यप
दुर्लभ ने ही सबसे पहले क्राइम की दुनिया में सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल किया। इसके जरिए गैंग बनाई और खासकर नाबालिग और युवाओं को जोड़ा। उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर ही लिखा हुआ था, नामी अपराधी। किसी भी तरह के विवाद निपटाने के लिए संपर्क करें। मात्र 20 साल की उम्र में सितंबर 2020 में गैंगवार में एक चाय की गुमटी पर उसे चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। लेकिन इसके बाद भी उसकी गैंग सोशल मीडिया पर सक्रिय है।
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सलमान लाला इसी राह पर चला, दुर्लभ जैसी गैंग खड़ी की
सलमान लाला इंदौर में छोटी खजरानी क्षेत्र में पैदा हुआ और यह कुल चार भाई थे। सभी के सभी अपराधी और जेल जा चुके हैं, दो तो अभी भी जेल में हैं। एक अभी जेल से छूटा है। बड़े भाई शादाब को देख सभी एक-एक कर अपराध की दुनिया में आ गए। मात्र 15 साल की उम्र में ही साल 2012 में उस पर एक नहीं, एक-एक कर तीन केस दर्ज हो गए। इसके बाद उसे सुधार गृह भेजा गया, लेकिन सुधार नहीं हुआ बल्कि वह अपराध के लिए और निखर कर बाहर आया। उसकी मौत होने तक 31 अगस्त 2025 तक उस पर करीब 35 अपराध दर्ज हो चुके थे और कई बार जेल जा चुका था। लेकिन जब भी जेल जाता तो मूंछों पर ताव देता, वीडियो बनवाता और सोशल मीडिया पर डलवाता।
कबाड़ी से करोड़पति तक का लाला का सफर
इससे युवा उसकी और आकर्षित होने लगे और गैंग तेजी से बढ़ने लगी, जिसे वह लाला की फौज कहने लगा। वह अपने अपराध के साथ ही जन्मदिन जैसे आयोजन भी धूमधाम से मनाने लगा। महंगी गाड़ियों में घूमना, सोने की चेन, अंगूठी के साथ महंगी घड़ी पहनना स्टेटस सिंबल बन गया।
पहले वह शराब की स्मगलिंग में घुसा, हिंदू युवतियों को फंसाने लगा, पहले अपराध महिला संबंधी ही थे। फिर वह गांजा, ड्रग्स के धंधे में उतरा और इसके बाद वह मारपीट, धमकाना, रंगदारी, कार चोरी कर बिकवाने, हथियारों की तस्करी जैसे धंधों में उतर आया। वह यही नहीं रुका, उसके साथ युवाओं की फौज देख नेताओं का संरक्षण भी शुरू हुआ और उनके लिए वह राजनीतिक रैलियों में भीड़ जुटाने लगा।
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साल 2022 आते ऐसे बेखौफ हुआ लाला
इस दौरान उसने कान पकड़कर कहा, पुलिस हमारी बाप है, अपराध करना पाप है। लेकिन वह नहीं सुधरा। इसके पहले भी वह एक बार अर्धनग्न कपड़ों में बोला था कि- मुझे फॉलो करने वालों से बोलना चाहूंगा, कोई ऐसा काम नहीं करो, घरवाले और मैं भी परेशान होता हूं, मकान भी टूट गया, मैं मां और परिवार के साथ नहीं कर पाता हूं, गलत काम का अंजाम यही होता है। लेकिन यह सिर्फ पुलिस के दबाव में कही बात थी। वह फिर से वहीं कांड करने लगता था। बाद में तो वह पुलिस में गिरफ्तारी होने पर मूंछों पर ताव देकर निकलता था और यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर डलवाता था।
गैंगस्टर सलमान लाला के जनाजे में उमड़े थे हिस्ट्रीशीटर
लाला को भी किंग जैसे शब्दों से हीरो बताया। यह भी कहा कि वह तो लहरों से लड़ने वाला था, डूबकर नहीं मर सकता। उसकी मौत को साजिश बताने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए 70 से ज्यादा आईडी पर यह खेल चल रहा है। पुलिस अब इन सभी आईडी पर नजर रखकर सभी की कुंडली बनाने में जुटी है। पूरी इंटेलीजेंस और क्राइम ब्रांच इस काम में लगी हुई है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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एक्टर एजाज खान भी उलझेंगे पुलिस जांच में
लाला के आपराधिक रिकॉर्ड की लंबी फेहरिस्त
- जब लाला 13 साल का था तब साल 2012 में इस पर पहला केस ही महिला दुष्कर्म, अपहरण कर बंधक बनाने जैसी गंभीर धाराओं के थे। इसके बाद इसी साल 2012 में इस पर कुल तीन केस दर्ज हुए, जिसमें मारपीट, जान से मारने की धमकी जैसे केस थे।
- साल 2014 में फिर इस पर तीन केस हुए, यह भी मारपीट जैसी धाराएं थीं।
- साल 2015 में चार केस हुए। जिसमें हत्या के प्रयास, घर में जबरन घुसने जैसी धाराओं के थे।
- साल 2016 में अपराध क्रम जारी रहा और आठ केस दर्ज हुए। इसमें अब यह आमर्स एक्ट में भी उलझा और आबकारी एक्ट में भी। डकैती का भी केस बना।
- साल 2017 में के एक केस हुआ, इसमें भी आमर्स एक्ट और डकैती जैसी धाराएं थीं।
- साल 2019 में चार केस हुए और इसमें भी आमर्स एक्ट, मारपीट कई धाराएं हुईं।
- साल 2020 में इसे जिलाबदर किया गया। इसके बाद भी इस पर एनडीपीएस, मारपीट सहित कई धाराओं में केस हुए।
- साल 2021 में इस पर तीन केस हुए, तो साल 2022 में एक केस और साल 2024 में भी एक केस रिकॉर्ड हुआ।
इस तरह लाला की हुई घेराबंदी के बाद मौत
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