फटकार के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग: अब 4728 नर्सिंग और अस्पताल सहायकों की भर्ती तय

Ravi Awasthi | Nov 04, 2025, 21:05 IST
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मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग 4728 पदों पर भर्ती करेगा। सीएस की फटकार के बाद नर्सिंग, नर्सिंग टीचर और अस्पताल सहायकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज की गई। भर्ती से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।

BHOPAL. मुख्य सचिव की फटकार के बाद आखिरकार स्वास्थ्य विभाग जागा है। लंबे इंतजार के बाद विभाग ने नर्सिंग, नर्सिंग टीचर और अस्पताल सहायकों के कुल 4728 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इन सभी भर्तियों की जिम्मेदारी कर्मचारी चयन मंडल को सौंपी जाएगी।

नर्सिंग पदों पर भर्ती के लिए बदलेंगे नियम

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार,स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग के 1260 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने के आसार हैं। इसके लिए भर्ती नियमों में आंशिक बदलाव किया जा रहा है।

इसी तरह,अस्पताल सहायकों के 12 सौ पदों पर भी भर्ती होगी। इनके भर्ती नियमों में भी बदलाव प्रस्तावित है। विभाग के ही नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 328 पदों के लिए भी विभाग जल्द भर्ती शुरू करेगा।

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मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग की भर्ती

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों एवं इनसे संबंद्ध अस्पतालों में भी नर्सिंग स्टॉफ का टोटा बना हुआ है। इनकी पूर्ति के लिए विभाग ने 15 सौ पदों की पूर्ति की जानी है। इन पदों पर भर्ती के लिए विभाग जल्दी ही कर्मचारी चयन मंडल को प्रस्ताव भेजेगा।

इसी प्रकार,इसी प्रकार मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध नर्सिंग कॉलेजों में भी नर्सिंग शिक्षकों के 383 पदों पर भर्ती होगी। इसका प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजने की तैयारी है ​ताकि इन्हें भर्ती नियमों में शामिल किया जा सके।

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सीएस से मिली फटकार के बाद जागा विभाग

बता दें कि तीन दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्वास्थ्य विभाग में खाली पदों पर भर्ती नहीं करने को लेकर विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा कि जब पद खाली है,कैबिनेट से इनकी पूर्ति की मंजूरी मिल चुकी है।



बजट है तो फिर भर्ती क्यों नहीं की जा रही। इसके बाद ही स्वास्थ्य विभाग की नींंद खुली। एक दिन पहले आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला हुआ। हालांकि बैठक के बाद भी अब तक भर्ती नियमों में क्या बदलाव होना है,इसे लेकर जिम्मेदार तय नहीं कर सके।

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लचर निगरानी व्यवस्था से अराजकता

स्वास्थ्य विभाग में जिम्मेदार अधिकारी दफ्तर से नदारद रहते हैं। यही वजह है कि पद स्वीकृति के बावजूद विभाग भर्ती में लेतलाली बरतते रहा। इसके चलते सीएस अनुराग जैन को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को फटकार लगानी पड़ी।







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