इंदौर के एडिशनल DCP और TI को सुप्रीम कोर्ट से फटकार, झूठा हलफनामा दिया
Sanjay Gupta | Nov 05, 2025, 18:37 IST
Photograph: (thesootr)
सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश के अधिकारियों के झूठे हलफनामे का मामला सामने आया है। इसमें इंदौर के एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल और चंदननगर टीआई इंद्रमणि पटेल शामिल हैं। दोनों अधिकारी मामले में उलझ गए हैं।
Indore. मप्र हाईकोर्ट में झूठा हलफनामा देने पर शहडोल कलेक्टर केदार सिंह पर दो दिन पहले ही हाईकोर्ट ने दो लाख का जुर्माना ठोका। अब सुप्रीम कोर्ट में मप्र के अधिकारियों के झूठे हलफनामे का मामला सामने आया है। इसमें इंदौर के में पदस्थ एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल और चंदननगर टीआई इंद्रमणि पटेल उलझ गए हैं।
एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल और चंदननगर टीआई इंद्रमणि पटेल को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। दोनों ने ही एक आरोपी अनवर हुसैन की जमानत याचिका पर आपत्ति लेते हुए हलफनामा दिया था जिसमें कई बातें गलत निकली।
जस्टिस संदीप मेहता और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ को सुनवाई में खुलासा हुआ। हलफनामे में बताए गए आठ मामलों में से चार मामलों में याचिकाकर्ता आरोपी नहीं था। इनमें IPC की धारा 376 का मामला भी शामिल था।
ये भी पढ़ें...NSA मामले में झूठा हलफनामा देकर हाईकोर्ट को गुमराह करने वाले शहडोल कलेक्टर पर एक्शन
ये भी पढ़ें...इंदौर विकास प्राधिकरण कॉलोनियों और स्कीम 171 की मुक्ति में बना रहा भोपाल का बहाना, ACS की फटकार
इस मामले में जिम्मेदारों की ओर से सुप्रीम कोर्ट को कम्प्यूटर से हुई तकनीकी त्रुटि को जिम्मेदार बताया गया। कहा गया कि पिता-पुत्र का नाम एक जैसा होने के चलते यह जानकारी तैयारी हो गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई।
जानकारी के अनुसार टीआई इंद्रमणि पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी कर 25 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को कहा। साथ ही गलत हलफनामा तैयार करने में शामिल अन्य लोगों को 25 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। साथ ही सुनवाई से दो दिन पहले स्पष्टीकरण जमा करना होगा। साथ ही आरोपी की जमानत देने का भी फैसला लिया गया।
ये भी पढ़ें...इंदौर DAVV के पूर्व कुलपति पोतियों को मारते हैं, अब बेटे अमित का जवाब, मारपीट-धोखाधड़ी के आरोप पुलिस देखेगी
ये भी पढ़ें...मध्यप्रदेश को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पुराने कचरा ढेरों के निपटारे के लिए जारी हुए सख्त निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
जस्टिस संदीप मेहता और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ को सुनवाई में खुलासा हुआ। हलफनामे में बताए गए आठ मामलों में से चार मामलों में याचिकाकर्ता आरोपी नहीं था। इनमें IPC की धारा 376 का मामला भी शामिल था।
ये भी पढ़ें...NSA मामले में झूठा हलफनामा देकर हाईकोर्ट को गुमराह करने वाले शहडोल कलेक्टर पर एक्शन
ये भी पढ़ें...इंदौर विकास प्राधिकरण कॉलोनियों और स्कीम 171 की मुक्ति में बना रहा भोपाल का बहाना, ACS की फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया
जानकारी के अनुसार टीआई इंद्रमणि पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी कर 25 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को कहा। साथ ही गलत हलफनामा तैयार करने में शामिल अन्य लोगों को 25 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। साथ ही सुनवाई से दो दिन पहले स्पष्टीकरण जमा करना होगा। साथ ही आरोपी की जमानत देने का भी फैसला लिया गया।
ये भी पढ़ें...इंदौर DAVV के पूर्व कुलपति पोतियों को मारते हैं, अब बेटे अमित का जवाब, मारपीट-धोखाधड़ी के आरोप पुलिस देखेगी
ये भी पढ़ें...मध्यप्रदेश को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पुराने कचरा ढेरों के निपटारे के लिए जारी हुए सख्त निर्देश
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman