इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज की 500 करोड़ की जमीन सरकारी घोषित, कलेक्टर कोर्ट का फैसला, 3 दिन छुट्टी, अब राहत नहीं
Sanjay Gupta | Jan 23, 2026, 20:13 IST
Indore christian college
इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज की 500 करोड़ की जमीन को कलेक्टर कोर्ट ने सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया है। जमीन के अनुदान की शर्तों के उल्लंघन पर यह निर्णय लिया गया।
News in Short
- इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज की 500 करोड़ की जमीन को सरकारी घोषित किया गया।
- कलेक्टर कोर्ट ने कॉलेज के प्रबंधन की याचिका खारिज कर आदेश जारी किया।
- कॉलेज की भूमि महारानी होलकर द्वारा शर्तों के तहत दी गई थी, जो अब उल्लंघित हो चुकी हैं।
- कॉलेज ने जमीन पर व्यावसायिक नक्शा पास कराया और बिल्डरों को जमीन बेची।
- अब कॉलेज प्रबंधन इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहा है।
News in Detail
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कलेक्टर कोर्ट ने यह दिया आदेश
कॉलेज प्रिंसिपल अमित डेविड द्वारा पेश टीएंडसीपी से साबित होता है कि संस्था मूल उद्देश्य से भटक चुकी है। ऐसे में अनुदान पर दी गई शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है। ऐसे में भूमि का अनुदान निरस्त किया जाता है। यह भूमि सर्वे नंबर 4071/1669/3 की रकबा 1.702 हेक्टेयर शासन हित में समाहित की जाती है। साथ ही तहसीलदार को आदेश दिया जाता है कि मौके पर शासन हित में कब्जा लेकर तीन दिन में प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
Collector Court
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तीन दिन छुट्टी अब जमीन गई हाथ से
अब जब तक स्टे मिलेगा भी तो जमीन प्रशासन के पास कब्जे में होगी। ज्यादा से ज्यादा यथास्थिति का आदेश होगा। आगे कार्रवाई पर रोक मिल सकती है। लेकिन जब तक यह जमीन प्रशासन के कब्जे में हो चुकी होगी, जैसे कि भंडारी मिल के मामले में हुआ था। इसमें डॉ. कांति बम को तगड़ा झटका लगा था।
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कलेक्टर के नोटिस के खिलाफ जा चुके कोर्ट
इस नोटिस के खिलाफ कॉलेज प्रबंधन ने हाईकोर्ट ने अपील की थी। इसमें हाईकोर्ट ने नोटिस पर रोक लगाने से यह कहते हुए इंकार किया था कि अभी कलेक्टर कोर्ट में केस है और याचिकाकर्ता को वहां जवाब देने का अवसर है। इसके बाद कॉलेज सुप्रीम कोर्ट गया था।
यहां भी सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर हस्तक्षेप से इंकार कर दिया। हालांकि, यह कहा है कि हाईकोर्ट में आदेश दिए गए थे। उसी परिप्रेक्ष्य में उचित प्राधिकारी द्वारा विधि के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। अब आदेश हो गया है। निश्चित ही कॉलेज प्रबंधन इस आदेश के खिलाफ फिर हाईकोर्ट जाएगा।
क्या कर रहा था कॉलेज खेल
इन शर्तों पर मिली थी जमीन
शर्तों के तहत भूमि उपयोग केवल विद्यालय व महिला अस्पताल के लिए किए जाने का प्रावधान था। जब तक यह उपयोग होगा मिशन द्वारा उपयोग किया जाता रहेगा। समाप्त होने पर भूमि वापस महारानी या उसके उत्तराधिकारी द्वारा ली जा सकेगी। कलेक्टर की जांच में आया कि यहां महिला अस्पताल नहीं है। कॉलेज भी समाप्ति की ओर है, ऐसे में संस्था का मूल उद्देश्य खत्म हो चुका है।
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कॉलेज कई बिल्डर को बेच चुका जमीन
ऐसे में प्रिंसिपल डेविड मुश्किल में आ गए हैं, कारण है कि यह जमीन सरकारी घोषित हो चुकी है। ऐसे में सरकारी जमीन का सौदा करना सरासर चार सौ बीसी है। ऐसे में अब उन पर यह केस भी दायर हो सकते हैं।
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