20 साल से अटका आईपीएस कैडर रिव्यू, कैट ने एमपी और केंद्र सरकार से मांगा जवाब
Amresh Kushwaha | Jan 13, 2026, 11:30 IST
ips cadre review mp
CAT ने मध्यप्रदेश में आईपीएस कैडर रिव्यू में हो रही देरी पर सरकार से जवाब मांगा है। इस प्रक्रिया को 120 दिनों में पूरा करने का आदेश दिया गया है। बता दें कि यह कैडर रिव्यू पिछले 20 साल से अटका हुआ है।
News In Short
- केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने मध्यप्रदेश सरकार से आईपीएस कैडर रिव्यू पर जवाब मांगा है।
- 1954 के नियमों के अनुसार, हर 5 साल में कैडर रिव्यू जरूरी है।
- 20 साल से लंबित प्रक्रिया के कारण कई अधिकारी प्रमोशन से वंचित हो गए।
- ट्रिब्यूनल ने 120 दिनों में कैडर रिव्यू पूरा करने का आदेश दिया।
- सरकार की निष्क्रियता पर कड़ी टिप्पणी करते हुए ट्रिब्यूनल ने कार्रवाई का निर्देश दिया।
News In Detail
ट्रिब्यूनल ने 120 दिनों के भीतर अतिरिक्त कैडर रिव्यू प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। इसका उद्देश्य आईपीएस प्रमोशन में हो रही देरी को खत्म करना है। इससे राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को उचित समय पर प्रमोशन मिल सकेगा।
हर 5 साल में हो कैडर रिव्यू
IMP FACTS
56 वर्ष की आयु सीमा का खतरा
पुलिस एसोसिएशन ने की याचिका दायर
कैडर रिव्यू को समयबद्ध और अनिवार्य माना
सरकारों की निष्क्रियता पर कड़ा फैसला
अब आगे क्या
जानें क्या होगा कैडर रिव्यू का असर
- आईपीएस की भारी कमी: मध्यप्रदेश में आईपीएस के 319 पद स्वीकृत हैं, जबकि सिर्फ 253 ही काम कर रहे हैं। इससे 66 आईपीएस अधिकारियों की कमी हो रही है।
- प्रमोशन का रास्ता बंद: आईपीएस के कई पद राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को प्रमोशन देकर भरे जाते हैं। कैडर रिव्यू में देरी के कारण प्रमोशन के पद तय नहीं हो पा रहे हैं।
- उम्र सीमा का खतरा: आईपीएस प्रमोशन के लिए उम्र सीमा 56 साल तय की गई है। देरी के कारण कई अधिकारी इस उम्र सीमा के करीब पहुंच चुके हैं।
- डीजी बनने का संकट: प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (DG) बनने के लिए कम से कम 30 साल की सेवा की आवश्यकता है। वर्तमान स्थिति में 2033 तक सिर्फ 5 अधिकारी डीजी बन सकेंगे, जबकि प्रदेश में 10 डीजी पद हैं।
Sootr Knowledge
आईपीएस कैडर रिव्यू क्या है?
- राज्य में पदों की संख्या काम के बोझ के अनुरूप हो (जैसे नए जिले बनने पर पदों की संख्या बढ़ाना)।
- अधिकारियों को समय पर पदोन्नति (Promotion) के अवसर मिलें।
- केंद्र और राज्य के बीच अधिकारियों का संतुलन (Deputation के लिए) बना रहे।
आईपीएस कैडर रिव्यू कब किया जाता है?
कैडर रिव्यू की प्रक्रिया क्या है?
- राज्य सरकार अपनी जरूरतों को देखते हुए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर गृह मंत्रालय (MHA) को भेजती है।
- प्रस्ताव की जांच कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली कैडर रिव्यू कमेटी करती है। इसमें गृह सचिव और DoPT सचिव भी शामिल होते हैं।
- समिति पदों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटती है। पहला, Senior Duty Posts: मुख्य फील्ड पद (जैसे SP, DIG, IG)। दूसरा, Reserves: ट्रेनिंग, छुट्टी और प्रतिनियुक्ति (Deputation) के लिए आरक्षित पद।
- समिति की सिफारिशों के बाद, भारत सरकार के राजपत्र (Gazette) में अधिसूचना जारी की जाती है, जिससे नए पद प्रभावी हो जाते हैं।
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