जबलपुर HC ने कहा- 11 मार्च को MPPSC MAINS, इसलिए 12 की सुनवाई 7 को
Pratibha Rana | Mar 04, 2024, 11:58 IST
MPPSC के प्री के रिजल्ट पर संकट
MPPSC के प्री के रिजल्ट मामले में जबलपुर HC में याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अंशुल ने द सूत्र की बात को उठाया, उन्होंने कहा कि HC ने पूर्व के आदेश में लिखा कि अन्य याचिकाकर्ता जो नहीं आ सके, उनके मामले में भी सुनवाई की जा सकती है
संजय गुप्ता @ INDORE
राज्य सेवा मेन्स 2023 ( MPPSC MAINS 2023 ) के प्री के रिजल्ट पर संकट तेज हो गया है। जबलपुर हाईकोर्ट में याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने द सूत्र की बात को दमदारी से उठाया और कहा कि हाईकोर्ट ने ही अपने पूर्व के आदेश में लिखा है कि अन्य याचिकाकर्ता जो नहीं आ सके, उनके मामले में भी सुनवाई की जा सकती है और तरीख बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में जो याचिकाकर्ता नहीं आ सके, उनके लिए भी प्री के इन तीन सवालों को लेकर बात होना चाहिए। अधिवक्ता ने कहा कि 12 मार्च को यह केस लिस्टेड है और आपने सचिव को बुलाया है, लेकिन 11 मार्च को मेंस हैं। जबलपुर हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल ने इस बात को गंभीरता सुना और कहा कि सुनवाई अब 7 मार्च को रखेंगे। मेन्स शुरू होने के बाद सुनवाई का कोई मतलब नहीं है, आप आयोग को सूचित करें और सचिव को बुलवा लें।
ये खबर भी पढ़िए...उद्योगों की क्लस्टर योजना ने तोड़ा दम, जमीन ही नहीं दे पाई सरकार, शिवराज सरकार के समय खूब हुआ था प्रचार
हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई पहले करने पर आयोग ने आनाकानी की, इस पर हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि कहा कि आपके प्री के सवालों मे एक्सपर्ट की विशेषज्ञता तो पहले ही दिख गई। मैटकॉफ के सवाल को बैंटिंग से जोड़ रहे हैं और आपने ही जो किताब पेश की, उसमें प्रेस की स्वतंत्रता के सवाल में मैटकॉफ को लिखा गया है। अब आप जस्टिफाइ कर रहे हैं कि इसे सवाल में बैंटिंक नहीं मैटकॉफ समझकर जवाब दिया जाए (MP PSC )।
ये खबर भी पढ़िए...CM मोहन यादव आज मंत्रियों संग जाएंगे अयोध्या
हाईकोर्ट ने जिस तरह से पूरे केस को देखते हुए आयोग की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की है, उससे प्री के तीन सवालों पर संकट है। इन सवालों से 6 अंक होते हैं, यानि इससे पूरे रिजल्ट में ही बड़ा उलटफेर हो जाएगा। यदि हाईकोर्ट ने इन सवालों को खारिज किया तो फिर प्री के रिजल्ट को रिवाइज्ड करने के सिवा आयोग के पास कोई रास्ता नहीं होगा। हां यदि जिद पर आया तो फिर स्टे लेने जाना होगा, लेकिन इसमें भी लंबा समय लगेगा और उधर 8 से 10 मार्च तक छुट्टी है, ऐसे में राज्य सेवा मेंस को आगे बढ़ाना होगा।
ये खबर भी पढ़िए...पश्चिम बंगाल की किरकिरी रहे न्यायाधीश Abhijit Gangopadhyay करेंगे राजनीति
अब जिन याचिकाकर्ताओं ने सोमवार को भी याचिका लगाई, उन्हें भी मेन्स में बैठने के आदेश हाईकोर्ट ने कर दिए हैं। अभी आयोग ने एक से चार मार्च तक विंडो खोली थी। अब इसे फिर से खोलना होगी। उधर सात दिन पहले एडमिट कार्ड जारी होते हैं, जो मंगलवार से जारी होना है। लेकिन अभी फार्म ही भराए जा रहे हैं, ऐसे में मेन्स पर फिर एक बार असमंजस है और यह जबलपुर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई में ही तय होगा।
ये खबर भी पढ़िए...20 लाख की रिश्वत का मामला : NHAI और BANSAL GROUP के 6 लोग अरेस्ट
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्री की कटऑफ लिस्ट को भी समझा। इस दौरान 87-13 फीसदी का फार्मूले पर उन्होंने आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण पर तो स्टे है, फिर ऐसे में 13 फीसदी पद क्यों होल्ड हो रहे हैं। हालांकि यह सुनवाई का मुद्दा नहीं था, हाईकोर्ट ने केवल इस फार्मूले को समझने के लिए अधिवक्ताओं से चर्चा की।
राज्य सेवा मेन्स 2023 ( MPPSC MAINS 2023 ) के प्री के रिजल्ट पर संकट तेज हो गया है। जबलपुर हाईकोर्ट में याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने द सूत्र की बात को दमदारी से उठाया और कहा कि हाईकोर्ट ने ही अपने पूर्व के आदेश में लिखा है कि अन्य याचिकाकर्ता जो नहीं आ सके, उनके मामले में भी सुनवाई की जा सकती है और तरीख बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में जो याचिकाकर्ता नहीं आ सके, उनके लिए भी प्री के इन तीन सवालों को लेकर बात होना चाहिए। अधिवक्ता ने कहा कि 12 मार्च को यह केस लिस्टेड है और आपने सचिव को बुलाया है, लेकिन 11 मार्च को मेंस हैं। जबलपुर हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल ने इस बात को गंभीरता सुना और कहा कि सुनवाई अब 7 मार्च को रखेंगे। मेन्स शुरू होने के बाद सुनवाई का कोई मतलब नहीं है, आप आयोग को सूचित करें और सचिव को बुलवा लें।
ये खबर भी पढ़िए...उद्योगों की क्लस्टर योजना ने तोड़ा दम, जमीन ही नहीं दे पाई सरकार, शिवराज सरकार के समय खूब हुआ था प्रचार
हाईकोर्ट ने कहा कि एक्सपर्ट की विशेषज्ञता तो दिख गई
हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई पहले करने पर आयोग ने आनाकानी की, इस पर हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि कहा कि आपके प्री के सवालों मे एक्सपर्ट की विशेषज्ञता तो पहले ही दिख गई। मैटकॉफ के सवाल को बैंटिंग से जोड़ रहे हैं और आपने ही जो किताब पेश की, उसमें प्रेस की स्वतंत्रता के सवाल में मैटकॉफ को लिखा गया है। अब आप जस्टिफाइ कर रहे हैं कि इसे सवाल में बैंटिंक नहीं मैटकॉफ समझकर जवाब दिया जाए (MP PSC )।
ये खबर भी पढ़िए...CM मोहन यादव आज मंत्रियों संग जाएंगे अयोध्या
सवालों को खारिज किया तो बदलना होगा प्री का रिजल्ट
हाईकोर्ट ने जिस तरह से पूरे केस को देखते हुए आयोग की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की है, उससे प्री के तीन सवालों पर संकट है। इन सवालों से 6 अंक होते हैं, यानि इससे पूरे रिजल्ट में ही बड़ा उलटफेर हो जाएगा। यदि हाईकोर्ट ने इन सवालों को खारिज किया तो फिर प्री के रिजल्ट को रिवाइज्ड करने के सिवा आयोग के पास कोई रास्ता नहीं होगा। हां यदि जिद पर आया तो फिर स्टे लेने जाना होगा, लेकिन इसमें भी लंबा समय लगेगा और उधर 8 से 10 मार्च तक छुट्टी है, ऐसे में राज्य सेवा मेंस को आगे बढ़ाना होगा।
ये खबर भी पढ़िए...पश्चिम बंगाल की किरकिरी रहे न्यायाधीश Abhijit Gangopadhyay करेंगे राजनीति
अन्य याचिकाकर्ताओं के लिए भी खोलना होगी विंडो
अब जिन याचिकाकर्ताओं ने सोमवार को भी याचिका लगाई, उन्हें भी मेन्स में बैठने के आदेश हाईकोर्ट ने कर दिए हैं। अभी आयोग ने एक से चार मार्च तक विंडो खोली थी। अब इसे फिर से खोलना होगी। उधर सात दिन पहले एडमिट कार्ड जारी होते हैं, जो मंगलवार से जारी होना है। लेकिन अभी फार्म ही भराए जा रहे हैं, ऐसे में मेन्स पर फिर एक बार असमंजस है और यह जबलपुर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई में ही तय होगा।
ये खबर भी पढ़िए...20 लाख की रिश्वत का मामला : NHAI और BANSAL GROUP के 6 लोग अरेस्ट
हाईकोर्ट ने 87-13 पर भी उठाया सवाल
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्री की कटऑफ लिस्ट को भी समझा। इस दौरान 87-13 फीसदी का फार्मूले पर उन्होंने आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण पर तो स्टे है, फिर ऐसे में 13 फीसदी पद क्यों होल्ड हो रहे हैं। हालांकि यह सुनवाई का मुद्दा नहीं था, हाईकोर्ट ने केवल इस फार्मूले को समझने के लिए अधिवक्ताओं से चर्चा की।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari