सीएम हेल्पलाइन बनी हेल्पलेस: आमजन की शिकायतों का पहाड़, नहीं सुन रहे अफसर
Sanjay Sharma | Feb 02, 2026, 12:09 IST
mp cm helpline pending complaints officer apathy
मध्यप्रदेश में जिस सीएम हेल्पलाइन को आमजन की समस्याओं के तत्काल हल का ब्रह्मास्त्र माना गया, आज वहीं अपनी सार्थकता की लड़ाई लड़ रही है। हेल्पलाइन पर चार लाख 38 हजार शिकायतों का पहाड़ खड़ा है।
New in Short
- सीएम हेल्पलाइन पर अफसरों की बेरुखी के कारण चार लाख 38 हजार शिकायतें लंबित हैं।
- शिकायतों के समाधान के लिए समय सीमा तय है, लेकिन इसे भी अनदेखा किया जा रहा है।
- समाधान न होने के कारण आमजन को एल-1 से एल-4 तक शिकायत दर्ज करनी पड़ती है।
- ऑनलाइन शिकायतों पर कार्रवाई न करने वाले जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होती है।
- प्रावधान होने के बावजूद कार्रवाई सीमित और फौरी होने से अधिकारियों पर यह बेअसर है।
News in Detail
शिकायतों के समाधान की समयावधि तय है। वहीं, दंड के प्रावधानों की कसावट भी नाकाफी नजर आ रही है। इसी वजह से इतनी अहम ऑनलाइन सेवा अफसरों के उदासीन रवैए का शिकार हो रही है। इस सेवा की अनदेखी करने पर अर्थदंड या वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई का दायर भी बहुत सीमित है। लेवल 1 से लेवल 4 तक 4.38 लाख शिकायतें अटकी हुई हैं और लोग समाधान की आस लगाए बैठे हैं।
4.38 लाख शिकायतों का अंबार
संभाग स्तर यानी लेवल -3 और विभागीय प्रमुख सचिव स्तर यानी लेवल -4 पर दो लाख 75 हजार शिकायतों का निपटारा नहीं किया जा सका है। यानी विभाग की सबसे छोटी इकाई से लेकर विभागीय मुख्यालय तक शिकायतें अबूझ पहेली की तरह अटकी पड़ी हैं।
अपनी समस्याओं का हल तलाशने वाली जनता को बार- बार शिकायत करनी पड़ रही है। वहीं तहसील से लेकर विभाग स्तर के अधिकारी जिम्मेदार होकर भी बेफिक्र हैं। वेतन वृद्धि रोकने या छोटे- मोटे जुर्माने की कार्रवाई इतनी कम होती है कि अधिकारियों में इसका खौफ नहीं नजर नहीं आता।
mp cm helpline pending complaints officer apathy 2026
सीएम के निर्देशों का भी नहीं असर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बावजूद, वर्ष 2025 में भी पूरी शिकायतों का समाधान नहीं हो सका है। जिम्मेदारी तय करने के नाम पर चंद अफसरों पर 100- 200 रुपए के जुर्माने की कार्रवाई हुई है। कार्रवाई इतनी मामूली होने की वजह से अधिकारी इस महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवा को अनदेखा करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
विभागों में भी शिकायतों का पहाड़
जनवरी महीने में तीन लाख 34 हजार 10 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से केवल 91 हजार 935 का ही समाधान हुआ, जबकि दो लाख 42 हजार 75 शिकायतें अब भी लंबित हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन डैशबोर्ड के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न विभागों में शिकायतों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
राजस्व विभाग में 93 हजार 140 शिकायतें लंबित हैं, जिनमें 47 हजार 884 मामले 50 दिन से अधिक पुराने हैं। गृह विभाग में 50 हजार 241, नगरीय विकास एवं आवास विभाग में 42 हजार 463, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 61 हजार 444 और लोक स्वास्थ्य विभाग में 33 हजार 648 शिकायतें लंबित हैं।
इन शिकायतों पर नहीं सुनवाई
- कोलार के महाबली नगर में रहने वाली प्रीति सक्सेना की शिकायत 15 साल से समाधान का इंतजार कर रही है। 2010 में प्रीति सक्सेना ने रोहित गृह निर्माण सहकारी संस्था से प्लॉट खरीदने के बावजूद रजिस्ट्री न होने की शिकायत की थी। आज तक उन्हें न तो सीएम हेल्पलाइन से समाधान मिला और न जनसुनवाई में चक्कर काटने पर कार्रवाई हुई।
- ग्वालियर में मोनू उर्फ भारत सिंह का जमीन को लेकर भाईयों से विवाद चल रहा है। वे जमीन पर हक दिलाने के लिए 300 से ज्यादा शिकायत कर चुके हैं लेकिन पुलिस और राजस्व विभाग उनकी समस्या का निराकरण नहीं कर पाया है।
- लश्कर, ग्वालियर के रहने वाले शिवरतन सिंह ने बेटे की सगाई टूटने के बाद संबंधी पक्ष द्वारा राशि वापस न लौटाने की शिकायत की है। उनके खिलाफ पुलिस ने झूठा केस दर्ज किया था। उनकी कई शिकायतों के बाद भी उन्हें समाधान नहीं मिला है।
- डिंडौरी के गीधा गांव के आदिवासी मजदूर भोला राठौर ने सीएम हेल्पलाइन पर प्रसूति सहायता योजना का लाभ न मिलने पर शिकायत दर्ज कराई थी। जुलाई 2025 में उन्हें योजना से अपात्र बता दिया गया। शिकायत 90 दिन से ज्यादा अटकी रही तो उन्हें दोबारा अपील करनी पड़ी।
जुर्माना लगा फिर भी सुधार नहीं
- सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायतों को नजरअंदाज करने पर हाल ही में डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने वित्त शाखा प्रमुख, निर्वाचन शाखा, परिवहन विभाग, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, सीईओ जनपद पंचायत डिंडौरी, उर्जा विभाग, मनरेगा प्रभारी पर एक-एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
- कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने दिसम्बर 2025 में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों को अनदेखा करने पर जल संसाधन अधिकारी, जल निगम, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग के अधिकारी, मैरिज सर्टिफिकेट ने देने पर ग्राम पंचायत भ्याना के सचिव को वेतन रोकने और जुर्माने का नोटिस जारी किया है।
महीने की रेटिंग में 54 जिले फिसड्डी
वहीं ग्रुप B में शामिल सभी 27 जिलों की रेटिंग D रही है। यही स्थिति विभागों की रही है। पशुपालन विभाग को जनवरी में B रेटिंग मिली है।
वहीं वाणिज्यिक कर विभाग, ऊर्जा विभाग, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कुटीर एवं ग्रामोद्योग और लोक सेवा प्रबंधन विभाग की रेटिंग C रही जबकि शेष 48 जिलों को D रेटिंग मिली है। रेटिंग में फिसड्डी जिलों की इतनी अधिक संख्या सीएम हेल्पलाइन पर अधिकारियों के उदासीन रवैए को उजागर करने वाली है।
निष्कर्ष
जबावदारी तय कर हो रही कार्रवाई
-नीरज मंडलोई, महानिदेशक, राज्य लोकसेवा अभिकरण मध्य प्रदेश
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