मुख्य सचिव अनुराग जैन के सपने को IAS ही लगा रहे पलीता, फेस अटेंडेंस सिस्टम फेल
Sourabh Bhatnagar | Feb 05, 2025, 12:42 IST
thesootr
मध्यप्रदेश में एप आधारित अटेंडेंस सिस्टम को लागू करना मुश्किल हो रहा है। यहां तक कि मंत्रालय में ही 50 से अधिक IAS अधिकारियों में से सिर्फ 6 ही इस नई व्यवस्था का पालन कर रहे हैं। बड़ा सवाल ये है कि मुख्य सचिव अनुराग जैन क्या इन पर कोई Action लेंगे…
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन के सपने को IAS ही पलीता लगा रहे हैं। प्रशासनिक कसावट के लिए उनकी कवायदों का पालन नहीं करने के चलते देश के किसी मंत्रालय में पहली बार फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया है। अब वल्लभ भवन में कर्मचारी तो छोड़िए खुद IAS अफसर ही इसको फॉलो नहीं कर रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि CS आखिर इन पर क्या Action लेंगे? अगर मंत्रालय में ही व्यवस्था लागू नहीं हो सकी तो जिलों तक कैसे इसे लागू करवाया जा सकेगा?
यह खबर भी पढ़ें... मुख्य सचिव अनुराग जैन बोले - जुआ-सट्टा हैं अपराध की जड़, टीआई की जवाबदेही तय होगी
यह खबर भी पढ़ें...CS अनुराग जैन समेत 20 सीनियर IAS 2025 में होंगे रिटायर
दरअसल नई व्यवस्था के तहत अब IAS अधिकारियों को भी कर्मचारियों की तरह 8 घंटे ऑफिस में उपस्थित रहना होगा। जियो टैगिंग बेस्ड इस एप से उनकी अटेंडेंस दर्ज होगी। इसी कारण अफसर इस सिस्टम से बचने की कोशिश कर रहे हैं। सिर्फ कुछ अधिकारियों ने ही इस व्यवस्था को अपनाया है। इनमें वित्त विभाग के मनीष रस्तोगी, उप सचिव अजय कटेसरिया और अन्य अधिकारी शामिल हैं।
मंत्रालय में पदस्थ अफसरों से जब भी काम न होने या ऑफिस के अनुशासन के बारे में सवाल किए जाते हैं तो यही जवाब होता है कि हम तो टाइम से ऑफिस आ जाते हैं। नीचे के कर्मचारी ही नदारत रहते हैं, तो हम भला क्या कर सकते हैं? मगर अब इस सिस्टम में IAS अफसरों की उदासीनता ने अफसरों की भी पोल खोल दी है।
यह खबर भी पढ़ें...BJP पार्षद कालरा, IAS केसरी, कमिश्नर सुमन और एसडीएम धनगर खिलाफ जमानती वारंट जारी
यह देश में पहली बार है कि किसी राज्य में आधार बेस्ड फेस रिकॉग्निशन से अटेंडेंस लगाने की कोशिश की जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने बताया कि यह एक सरल और प्रभावी प्रणाली है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के निर्देशन में यह प्रणाली पहले मंत्रालय में लागू की जा रही है। इसके सफल होने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। कलेक्टर कार्यालयों और अन्य सरकारी दफ्तरों में भी इस प्रयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।
यह खबर भी पढ़ें...वल्लभ भवन अग्निकांड की आई जांच रिपोर्ट में नया खुलासा, जानें क्या है अपर मुख्य सचिव की रिपोर्ट
नई व्यवस्था में सबसे बड़ी बाधा अधिकारी ही बन रहे हैं। फरवरी के पहले सप्ताह तक केवल 10 प्रतिशत अधिकारियों ने एप के माध्यम से अपनी हाजिरी दर्ज की है। मंत्रालय में रजिस्ट्रेशन करने वाले कर्मचारियों की संख्या 1266 है, लेकिन अधिकारियों की भागीदारी कम है।
यह खबर भी पढ़ें... मुख्य सचिव अनुराग जैन बोले - जुआ-सट्टा हैं अपराध की जड़, टीआई की जवाबदेही तय होगी
एक फरवरी से लागू होना था सिस्टम
मुख्य सचिव के रूप में ज्वाइन करते ही अनुराग जैन ने प्रशासनिक कसावट पर जोर दिया था। इसी के तहत मध्य प्रदेश के प्रशासनिक मुख्यालय वल्लभ भवन में एप आधारित अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाना था, लेकिन अधिकारियों की बेरुखी के कारण यह शुरू ही नहीं हो पाया। मंत्रालय में लगभग 50 IAS अधिकारियों में से केवल 6 ही एप से हाजिरी लगा रहे हैं। बता दें कि कर्मचारियों के लिए बनाए गए इस सिस्टम में अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इसके बावजूद अधिकतर अधिकारी रजिस्ट्रेशन करने में असफल रहे हैं।
IAS अफसरों को भी करना होगा 8 घंटे काम
अब किसे देंगे दोष
यह खबर भी पढ़ें...BJP पार्षद कालरा, IAS केसरी, कमिश्नर सुमन और एसडीएम धनगर खिलाफ जमानती वारंट जारी
देश में पहली बार ऐसा प्रयोग
यह खबर भी पढ़ें...वल्लभ भवन अग्निकांड की आई जांच रिपोर्ट में नया खुलासा, जानें क्या है अपर मुख्य सचिव की रिपोर्ट
अधिकारी ही बन रहे बाधा
FAQ
- एमपी में एप अटेंडेंस सिस्टम क्या है?
यह प्रणाली सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति को रिकॉर्ड करने के लिए लागू की जा रही है। इससे कर्मचारियों की उपस्थिति नियमित होगी और उनकी छवि में सुधार आएगा।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman