एमपी में आदिवासी विकास प्राधिकरण में कैबिनेट दर्जा सिर्फ नाम का?
Ramanand Tiwari | Feb 15, 2026, 23:47 IST
mp-tribal-development
मध्य प्रदेश के आदिवासी विकास प्राधिकरण का बजट और विकास कार्यों के लिए संघर्ष जारी है। सवाल यह है कि यह केवल कागजों में सक्रिय है या राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास?
News in Short
- शहरिया और भारिया विकास प्राधिकरण के पदाधिकारी बजट की मांग कर चुके हैं।
- तीन साल में आदिवासी क्षेत्रों के लिए कोई बजट नहीं आवंटित हुआ।
- एक ही कार्यालय और कुर्सी पर दो अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष का काम चल रहा है।
- पदाधिकारी मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह प्राधिकरण केवल कागजों में सक्रिय है, या यह चुनावी संतुलन साधने का प्रयास था।
News in Detail
16 फरवरी से परमिट जांच अभियान, लेकिन क्या बदलेगी जमीनी हकीकत?
कौन हैं पदाधिकारी?
तुरसनपाल बरैया- अध्यक्ष, मध्य प्रदेश राज्य स्तरीय शहरिया विकास प्राधिकरण (कैबिनेट दर्जा)
सीताराम आदिवासी- उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा), नियुक्ति लगभग 6 माह पूर्व।
दोनों अध्यक्षों की नियुक्ति वर्ष 2023 में हुई थी। मार्च-अप्रैल 2026 में उनका तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने जा रहा है। आगामी आदेश तक वे पद पर बने रहेंगे।
अजय जामवाल ही रहेंगे मप्र भाजपा के असली कमांडर! सत्ता–संगठन के नए समीकरण के बीच बड़ा प्रयोग संभव
दर्जा ऊंचा, व्यवस्था शून्य
बागेश्वर धाम में 305 बेटियों का विवाह: रामभद्राचार्य हुए शामिल, बोले- धीरेंद्र शास्त्री के विवाह में आऊंगा
दो कैबिनेट दर्जा प्राप्त अध्यक्ष
2023 से अब तक विकास कार्यों के लिए शून्य बजट।
सैकड़ों पत्र शासन को भेजे, समाधान नहीं एक अध्यक्ष को पीएसओ, दूसरे को नहीं।
वाहन सुविधा है, लेकिन उपयोग सीमित कार्यकाल खत्म होने को, लेकिन हाथ खाली।
तीन साल का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। लेकिन न पर्याप्त स्टाफ मिला, न स्थायी ढांचा, न विकास योजनाओं के लिए बजट।
क्या यह प्राधिकरण सिर्फ कागजों में सक्रिय है?
Top News : खबरें आपके काम की
मुख्यमंत्री तक गुहार, नतीजा सिफर
क्या यह सिर्फ राजनीतिक संतुलन?
खर्च हो रहा है, विकास नहीं
बड़ा सवाल: जवाबदेही किसकी?
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava