लैंड पूलिंग पर सरकार के नए आदेश से किसान संघ नाराज, किसान बोले- उलझाया तो दोबारा करेंगे आंदोलन
Amresh Kushwaha | Nov 20, 2025, 10:00 IST
mp-ujjain-simhastha-2028-land-pooling-act-revised-kisan-demand-cancel
उज्जैन में लैंड पूलिंग एक्ट को लेकर किसानों और सरकार के बीच विवाद बढ़ गया है। भारतीय किसान संघ ने सरकार पर वादों को न निभाने का आरोप लगाया है। संशोधित आदेश में किसानों को अपनी जमीन पर सरकारी नियंत्रण होने की चिंता है।
UJJAIN. उज्जैन में लैंड पूलिंग का विवाद फिर गरमा गया है। सरकार के नए आदेश से स्थिति उलझ गई है। दो दिन पहले जब भारतीय किसान संघ के दबाव में सरकार ने मध्यप्रदेश लैंड पूलिंग एक्ट वापस लेने का ऐलान किया था, तब प्रदेशभर में किसानों ने राहत की सांस ली थी। इसके अगले ही दिन नगरीय प्रशासन विभाग ने संशोधित आदेश जारी कर दिया। इसी आदेश ने किसान संगठनों को नाराज कर दिया है।
किसान संघ का आरोप है कि सरकार ने बातचीत में जो आश्वासन दिया था, उसे आदेश में शामिल नहीं किया गया। अब किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे बड़े आंदोलन की तरफ बढ़ेंगे।
किसान नेताओं का कहना है कि नए आदेश में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) की धारा 50 और 12(क) पहले की तरह है। किसानों को इन्हीं धाराओं से आपत्ति है। प्रदेश अध्यक्ष आंजना ने कहा कि यही धाराएं किसानों की जमीन पर सरकारी अधिकार की शुरुआत करती हैं। बातचीत में यह तय हुआ था कि इन धाराओं को हटाया जाएगा, लेकिन आदेश से ऐसा लगता है कि सरकारी योजनाएं जस की तस चलेंगी।
ये खबर भी पढ़िए...उज्जैन में लैंड पूलिंग एक्ट के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन शुरू, सीएम ने कह दी ये बड़ी बात
किसानों का कहना है कि यह नया मॉडल असल में लैंड पूलिंग की ही संशोधित तस्वीर है, जिसमें जमीन पर नियंत्रण सरकार के हाथ रह जाता है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। उसके बाद ही बुधवार 19 नवंबर को संशोधित आदेश जारी किया गया।
ये खबर भी पढ़िए...MP News: किसानों के विरोध के बीच सिंहस्थ लैंड पूलिंग निरस्त, सीएम मोहन यादव बोले- सिंहस्थ का वैभव देखेगा विश्व
सिंहस्थ क्षेत्र में सरकार ने 2344 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर स्पिरिचुअल सिटी बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए चार क्षेत्र टीडीएस 8, 9, 10 और 11 को चुना गया था। इन क्षेत्रों पर उज्जैन विकास प्राधिकरण का अधिकार था। अब इन चारों क्षेत्रों की जमीन का हक किसानों को वापस मिल गया है।
ये खबर भी पढ़िए...उज्जैन में लैंड पूलिंग के खिलाफ किसान संघ ने दिखाई ताकत, कहा- बातचीत-समझौते से हो समाधान
नगरीय विकास विभाग के अनुसार, सरकार को निर्माण के लिए 70 हेक्टेयर जमीन चाहिए। इसमें से 23 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। बाकी 45-50 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत होगा। सरकार का प्रयास है कि पक्का निर्माण ज्यादा सरकारी जमीन पर हो। इसके अलावा, 50 किलोमीटर सड़क बनाने की योजना है।
सरकार सिंहस्थ मेला क्षेत्र के लिए एक नया कानून लाने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य मेला क्षेत्र में अतिक्रमण रोकना है। वर्तमान में मध्यभारत सिंहस्थ मेला एक्ट 1955 लागू है। जब मेला क्षेत्र में नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा, तो सरकार नए एक्ट में सख्त दंड जोड़ेगी। इस दंड का विवरण और जुर्माना कितनी राशि तक होगा, यह जल्द तय होगा।
ये खबर भी पढ़िए...उज्जैन सिंहस्थ 2028: लैंड पूलिंग मामले में बीच का रास्ता निकालने में जुटी सरकार
लैंड पूलिंग एक्ट के तहत, सरकार किसानों की जमीन लेकर पक्का निर्माण करती थी। इसके बाद आधी जमीन वापस लौटाई जाती थी, लेकिन मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं था। इससे किसानों में असंतोष था। विरोध के बाद सरकार ने एक्ट में संशोधन किया है। अब नए नियमों के तहत सरकार 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा देने की बात कर रही है।
किसान संघ का आरोप है कि सरकार ने बातचीत में जो आश्वासन दिया था, उसे आदेश में शामिल नहीं किया गया। अब किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे बड़े आंदोलन की तरफ बढ़ेंगे।
लिखित में तय हुआ था कि एक्ट समाप्त होगा
भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने मीडिया से बातचीत में कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा, सरकार के साथ हुई बैठक में साफ सहमति बनी थी। तय किया गया था कि सिंहस्थ क्षेत्र से लैंड पूलिंग एक्ट खत्म किया जाएगा। नगर विकास योजना (TDS–8, 9, 10, 11) के तहत जारी गजट नोटिफिकेशन को रद्द किया जाएगा। संघ ने यह भी मांग रखी थी कि सिंहस्थ पहले की परंपरा के अनुसार आयोजित हो। किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। मेला क्षेत्र में स्थायी निर्माण पूरी तरह रोके जाएं। आंजना ने कहा, हमने सरकार को लिखित में अपनी शर्तें दी थीं, लेकिन संशोधित आदेश में ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है। आदेश उलझाने वाला है। सरकार को दो दिन का समय दिया है। संशोधन को निरस्त किया जाए और बातचीत में जो वादे किए गए, उन्हें पूरा करे।
किसान बोले-
ये खबर भी पढ़िए...उज्जैन में लैंड पूलिंग एक्ट के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन शुरू, सीएम ने कह दी ये बड़ी बात
यह है सरकार का नया आदेश
d830d8ad-9e3
किसानों का कहना है कि यह नया मॉडल असल में लैंड पूलिंग की ही संशोधित तस्वीर है, जिसमें जमीन पर नियंत्रण सरकार के हाथ रह जाता है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। उसके बाद ही बुधवार 19 नवंबर को संशोधित आदेश जारी किया गया।
ये खबर भी पढ़िए...MP News: किसानों के विरोध के बीच सिंहस्थ लैंड पूलिंग निरस्त, सीएम मोहन यादव बोले- सिंहस्थ का वैभव देखेगा विश्व
स्पिरिचुअल सिटी की योजना का असर
एमपी में लैंड पूलिंग एक्ट की खबर पर एक नजर...
|
सरकारी जमीन पर ही होगा पक्का निर्माण
सिंहस्थ के लिए नए नियम लाने की योजना
ये खबर भी पढ़िए...उज्जैन सिंहस्थ 2028: लैंड पूलिंग मामले में बीच का रास्ता निकालने में जुटी सरकार
क्या था लैंड पूलिंग एक्ट?
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA