नाराज कांग्रेस विधायक को हाथ पकड़कर लाए ज्योतिरादित्य सिंधिया, ग्वालियर कलेक्ट्रेट में चला हाईवोल्टेज ड्रामा
Sourabh Bhatnagar | Oct 03, 2025, 15:20 IST
political-drama-gwalior-meeting-mla satish sikarwar-return-with-jyotiraditya scindia-intervention
ग्वालियर कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक से पहले बड़ा हंगामा हुआ। तहसीलदार के बर्ताव से नाराज़ कांग्रेस MLA सतीश सिकरवार बैठक छोड़कर जा रहे थे, लेकिन...
ग्वालियर कलेक्ट्रेट में एक समीक्षा बैठक से पहले सियासी ड्रामा हो गया। ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार जब कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो तहसीलदार ने उन्हें इतना नाराज कर दिया कि वो बैठक छोड़कर घर जाने के लिए निकल पड़े। यह सियासी ड्रामा तब और दिलचस्प हो गया, जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) खुद इस पूरे मसले को सुलझाने के लिए मैदान में कूद पड़े और माहौल को हल्का कर दिया। आखिरकार, सिंधिया सिकरवार को मनाकर बैठक में वापस लेकर आए।
क्या है पूरा मामला...आइए जानते हैं
![2c922325-356]()
इसी दौरान उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से हुई। सिंधिया ने स्थिति को भांपते हुए सिकरवार से बात की और उन्हें मनाकर बैठक में वापस लाया। उन्होंने खुद विधायक को अंदर लेकर जाने का फैसला लिया।
![fd864ded-23f]()
ये खबरें भी पढ़ें...
इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस पर हमला, बोले- अब चरित्रहीन पार्टी बन चुकी है
इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस पर हमला, बोले- अब चरित्रहीन पार्टी बन चुकी है
समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट में प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में चल रही थी। जब सिंधिया विधायक सिकरवार को लेकर बैठक में आए, तो कुछ देर के लिए माहौल हल्का हो गया। सिंधिया ने विधायक को बैठाया और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
समीक्षा बैठक प्रशासन और नेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मानी जाती है। ऐसे में कांग्रेस विधायक को गेट पर रोकना और गेट बदलने के लिए कहना प्रशासनिक व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह घटना उनके विधायक के सम्मान से जुड़ी हुई है और तहसीलदार को इसका जवाब देना चाहिए।
ये खबरें भी पढ़ें...
ग्वालियर में क्राइम ब्रांच के हाथों चढ़ा फर्जी पुलिस गैंग, फेक टीआई, दो कॉन्स्टेबल समेत चार गिरफ्तार
ग्वालियर में कंप्यूटर बाबा का बयान: गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगे रोक
अब यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। कांग्रेस नेता इसे अपने विधायक के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, वहीं भाजपा खेमे में यह चर्चा का विषय है कि सिंधिया ने खुद हस्तक्षेप करके हालात को काबू में किया। सिंधिया की इस एंट्री ने इसे एक सियासी ड्रामा बना दिया है।
क्या है पूरा मामला...आइए जानते हैं
2c922325-356
क्या हुआ था?
दरअसल, जब कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो तहसीलदार कुलदीप दुबे ने उन्हें रोक लिया और कहा कि वे मुख्य गेट से नहीं बल्कि दूसरे गेट (VIP) से अंदर जाएं। इस व्यवहार से नाराज होकर सिकरवार तुरंत अपनी कार में बैठे और घर वापस लौटने के लिए निकल पड़े।
ऐसे हुई सिंधिया की एंट्री
fd864ded-23f
ये खबरें भी पढ़ें...
इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस पर हमला, बोले- अब चरित्रहीन पार्टी बन चुकी है
इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस पर हमला, बोले- अब चरित्रहीन पार्टी बन चुकी है
समीक्षा बैठक के अंदर का माहौल
यह मुद्दा क्यों बना?
ये खबरें भी पढ़ें...
ग्वालियर में क्राइम ब्रांच के हाथों चढ़ा फर्जी पुलिस गैंग, फेक टीआई, दो कॉन्स्टेबल समेत चार गिरफ्तार
ग्वालियर में कंप्यूटर बाबा का बयान: गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगे रोक
मामले ने लिया राजनीतिक रंग
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari