महिला जज को चपरासी कहने का मामला: वकील ने हाईकोर्ट में मांगी माफी, अवमानना की कार्यवाही खत्म
Neel Tiwari | Nov 27, 2025, 19:09 IST
Photograph: (thesootr)
एमपी हाईकोर्ट में 27 नवंबर को खंडवा के वकील हृदेश वाजपेयी की सुनवाई हुई। वकील ने महिला न्यायिक मजिस्ट्रेट को चपरासी कहकर अपमानित किया था। कोर्ट ने माफी के बाद अवमानना कार्यवाही समाप्त कर दी। यह मामला 22 अप्रैल 2025 को हुआ था।
JABALPUR. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में गुरुवार 27 नवंबर को एक मामले की सुनवाई हुई। दरअसल खंडवा की महिला न्यायिक मजिस्ट्रेट को वकील हृदेश वाजपेयी ने चपरासी कहकर अपमानित किया था। अधिवक्ता के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की गई थी।
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच में सुनवाई हुई। अधिवक्ता ने कोर्ट में हलफनामा पेश किया। हाईकोर्ट और महिला जज से वकील ने माफी मांगी। अधिवक्ता ने बताया कि महिला जज के समक्ष माफी का शपथपत्र जमा किया गया था। उसकी प्रति हाईकोर्ट को भेज दी गई है।
दोपहर बाद मामले की फिर से सुनवाई हुई। कोर्ट ने अधिवक्ता द्वारा महिला जज और हाईकोर्ट दोनों के लिए दायर माफीनामे को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ चल रही आपराधिक अवमानना की कार्यवाही समाप्त कर दी।
ये भी पढ़ें...खंडवा जमीन फर्जीवाड़ा: रिकॉर्ड में हेराफेरी से निजी हो गई ढाई करोड़ की सरकारी जमीन
यह मामला खंडवा जिला न्यायालय की एक JMFC कोर्ट में 22 अप्रैल 2025 को समाने आया था। सुनवाई के दौरान वकील ने कथित रूप से असंतोष जाहिर करते हुए महिला मजिस्ट्रेट को चपरासी कह दिया। यह टिप्पणी अदालत की गरिमा और न्यायिक पद की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली मानी गई। इस घटना की रिपोर्ट खंडवा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को भेज दी। इसके बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की।
ये भी पढ़ें...एमपी के संतोष वर्मा का विवादित बयान: छत्तीसगढ़ के ब्राह्मण समाज में आक्रोश, दुर्ग लाने वाले को 1 लाख का इनाम
प्रारंभिक सुनवाई में वकील से जवाब मांगा गया, लेकिन उन्होंने सीधे माफी नहीं मांगी। उन्होंने व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए समय मांगा। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि न्यायिक अधिकारियों के प्रति अपमानजनक व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
आज की सुनवाई में हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का उल्लेख किया। इन निर्णयों में कहा गया है कि अवमानना के मामलों में माफी तभी प्रभावी मानी जाएगी जब दोषी व्यक्ति उसी जज से खेद जताए, जिसके साथ अभद्रता हुई है।
ये भी पढ़ें...ये भी पढ़ें...WB CMOH Nadia Vacancy: कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की बंपर वैकेंसी, 16 दिसंबर लास्ट डेट
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत वकील हृदेश वाजपेयी ने महिला न्यायाधीश से माफी मांगी। उन्होंने लिखित हलफनामे द्वारा माफी मांगी। बाद में हलफनामा हाईकोर्ट में भेजा गया।
ये भी पढ़ें...सीहोर वीआईटी यूनिवर्सिटी विवाद पर सीएम ने बनाई जांच समिति, प्रोफेसर की मौत पर उठे सवाल
गुरुवार 27 नवंबर को हलफनामा हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। चीफ जस्टिस की डिविजनल बेंच ने इसे स्वीकार कर लिया। महिला जज और हाईकोर्ट से माफी मांगने के बाद अदालत ने माना कि वकील ने अपने व्यवहार पर पश्चाताप प्रकट किया है। इस आधार पर अदालत ने उनके विरुद्ध चल रही अवमानना की कार्रवाई को समाप्त कर दिया।
चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच में सुनवाई हुई। अधिवक्ता ने कोर्ट में हलफनामा पेश किया। हाईकोर्ट और महिला जज से वकील ने माफी मांगी। अधिवक्ता ने बताया कि महिला जज के समक्ष माफी का शपथपत्र जमा किया गया था। उसकी प्रति हाईकोर्ट को भेज दी गई है।
दोपहर बाद मामले की फिर से सुनवाई हुई। कोर्ट ने अधिवक्ता द्वारा महिला जज और हाईकोर्ट दोनों के लिए दायर माफीनामे को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ चल रही आपराधिक अवमानना की कार्यवाही समाप्त कर दी।
एमपी सरकार के दो साल पूरे होने पर सर्वे में शामिल होने के लिए फोटो पर क्लिक करें...
ये भी पढ़ें...खंडवा जमीन फर्जीवाड़ा: रिकॉर्ड में हेराफेरी से निजी हो गई ढाई करोड़ की सरकारी जमीन
अदालत में अभद्रता और मामला हाईकोर्ट पहुंचा
ये भी पढ़ें...एमपी के संतोष वर्मा का विवादित बयान: छत्तीसगढ़ के ब्राह्मण समाज में आक्रोश, दुर्ग लाने वाले को 1 लाख का इनाम
हाईकोर्ट में पहली सुनवाई पर मांगा था समय
आज की सुनवाई में हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का उल्लेख किया। इन निर्णयों में कहा गया है कि अवमानना के मामलों में माफी तभी प्रभावी मानी जाएगी जब दोषी व्यक्ति उसी जज से खेद जताए, जिसके साथ अभद्रता हुई है।
ये भी पढ़ें...ये भी पढ़ें...WB CMOH Nadia Vacancy: कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की बंपर वैकेंसी, 16 दिसंबर लास्ट डेट
हलफनामा देकर महिला जज से मांगी माफी
ये भी पढ़ें...सीहोर वीआईटी यूनिवर्सिटी विवाद पर सीएम ने बनाई जांच समिति, प्रोफेसर की मौत पर उठे सवाल
आज की सुनवाई में मिली राहत
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman