90-ए को लेकर नगरीय विकास विभाग का महा-स्पष्टीकरण, JDA और नगर निगम के अधिकार क्षेत्र का विवाद खत्म

Mukesh Sharma | Nov 02, 2026, 21:16 IST
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हजारों फंसे 90-ए प्रकरणों का होगा निस्तारण, UDH ने जारी किया फाइनल क्लैरिफिकेशन
हजारों फंसे 90-ए प्रकरणों का होगा निस्तारण, UDH ने जारी किया फाइनल क्लैरिफिकेशन

प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों के विस्तार के बाद 90-ए के अधिकार क्षेत्र को लेकर चल रहे विवाद पर आखिरकार नगरीय विकास विभाग (UDH) ने पूर्णविराम लगा दिया है। UDH ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि किस स्थिति में 90-ए और ले-आउट प्लान के प्रकरणों का निस्तारण विकास प्राधिकरण/न्यास करेंगे और किस स्थिति में नगर निगम/परिषद/पालिका।

शासन उप सचिव-प्रथम रवि विजय और स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक घनश्याम पारीक द्वारा जारी इस स्पष्टीकरण के अनुसार, विकास प्राधिकरण/न्यास से नगर निगम/परिषद/पालिका को हस्तांतरित कॉलोनियों एवं निगम/परिषद/पालिका सीमा में स्थित आबादी भूमि को छोड़कर शेष भूमियों पर धारा 90-ए के तहत कृषि से गैर कृषि प्रयोजनार्थ भूमि रूपांतरण और ले-आउट प्लान अनुमोदन का कार्य प्राधिकरण/न्यास द्वारा ही किया जाएगा।

आदेश में विशेष रूप से स्पष्ट किया गया है कि जयपुर विकास प्राधिकरण (Jaipur Development Authority) के क्षेत्राधिकार में स्थित जयपुर नगर निगम साउथ तथा नगर परिषद सीकर की सीमा तक यही व्यवस्था लागू रहेगी।

जयपुर में 47.87 करोड़ का गोपालपुरा अंडरपास मंजूर, कई सड़कों का होगा चौड़ीकरण | Gopalpura Underpass of 47.87 Crores Approved in Jaipur, Many Roads to be Widened
जयपुर में गोपालपुरा अंडरपास के लिए 47.87 करोड़ मंजूर, कई सड़कों का होगा चौड़ीकरण
23 Oct 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
जेडीए ने जयपुर में गोपालपुरा अंडरपास के लिए 47.87 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं और कई सड़क विकास परियोजनाओं पर निर्णय लिया है। कालवाड़ रोड चौड़ीकरण, गांधीपथ फुटपाथ, बिजली लाइनों की शिफ्टिंग और सिविल लाइंस आरओबी के नीचे स्पोर्ट्स एरिना सहित कई काम प्रस्तावित हैं।
जेडीए ने जयपुर में गोपालपुरा अंडरपास के लिए 47.87 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं और कई सड़क विकास परियोजनाओं पर निर्णय लिया है। कालवाड़ रोड चौड़ीकरण, गांधीपथ फुटपाथ, बिजली लाइनों की शिफ्टिंग और सिविल लाइंस आरओबी के नीचे स्पोर्ट्स एरिना सहित कई काम प्रस्तावित हैं।

UDH ने मास्टर प्लान को लेकर स्थितियां स्पष्ट कीं

यदि नगरीय क्षेत्र का मास्टर प्लान (Master Plan) अधिसूचित है, तो ऐसी स्थिति में प्राधिकरण/न्यास के क्षेत्राधिकार के विस्तार के बाद उसमें शामिल अन्य नगर परिषद/पालिका क्षेत्र में भी नगरीयकरण योग्य क्षेत्र में प्राप्त धारा 90-ए और ले-आउट के प्रकरणों का निस्तारण नगर परिषद/पालिका के सक्षम अधिकारी द्वारा किया जाएगा, जबकि नगरीयकरण योग्य क्षेत्र से बाहर स्थित शेष नगरीय क्षेत्र की कार्रवाई प्राधिकरण/न्यास करेगा।

यदि मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं है, तो नगर परिषद/पालिका सीमा तक धारा 90-ए के प्रकरणों का निस्तारण परिषद/पालिका के सक्षम अधिकारी द्वारा किया जाएगा।

UDH ने जारी किया स्पष्टीकरण आदेश
UDH ने जारी किया स्पष्टीकरण आदेश

इसके अलावा प्राधिकरण/न्यास के क्षेत्राधिकार में शामिल किए गए शेष नवीन राजस्व ग्रामों में धारा 90-ए और ले-आउट प्लान अनुमोदन की कार्रवाई विकास प्राधिकरण/नगर विकास न्यास द्वारा ही की जाएगी।

आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन शहरों में केवल नगर परिषद/पालिका कार्यरत है और मास्टर प्लान अधिसूचित है, वहां अधिसूचित नगरीय सीमा तक 90-ए का निस्तारण परिषद/पालिका ही करेगी। जहां मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं है, वहां फिलहाल परिषद/पालिका सीमा तक वही निस्तारण करेगी, लेकिन भविष्य में नगरीय क्षेत्र अधिसूचित होने पर उपरोक्त व्यवस्था लागू हो जाएगी।

इस आदेश के बाद 18.08.2022 और 12.06.2025 के आदेशों में व्याप्त भ्रम खत्म हो गया है और प्रदेशभर में हजारों लंबित 90-ए प्रकरणों के निस्तारण का रास्ता साफ हो गया है।

5 साल में 2 कंपनी, 12 बार बदली डेडलाइन: जयपुर का सिविल लाइंस रेलवे ब्रिज अब भी अधूरा | 5 Years, 2 Companies, 12 Deadlines Changed: Jaipur's Civil Lines Railway Bridge Still Incomplete
5 साल में 2 कंपनी और 12 बार बदली डेडलाइन, फिर भी अधूरा जयपुर का सिविल लाइंस रेलवे ब्रिज
08 Oct 2026 ,
By Raghvendra Singh Rathore
जयपुर में सिविल लाइंस क्षेत्र में बन रहा ओवरब्रिज अभी भी पांच साल बाद अधूरा है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कंपनियों की अनियोजित देरी के चलते यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने अब इसके समापन की तारीख को दिसंबर 2026 निर्धारित किया है।
जयपुर में सिविल लाइंस क्षेत्र में बन रहा ओवरब्रिज अभी भी पांच साल बाद अधूरा है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कंपनियों की अनियोजित देरी के चलते यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने अब इसके समापन की तारीख को दिसंबर 2026 निर्धारित किया है।

तालिका से समझें मास्टर प्लान अधिसूचित होने और न होने की स्थितियां

UDH ने मास्टर प्लान के आधार पर दो अलग-अलग व्यवस्थाएं लागू की हैं:

परिस्थितिनगर निगम / परिषद / पालिका का अधिकारविकास प्राधिकरण / न्यास का अधिकार
मास्टर प्लान अधिसूचित हैनए शामिल क्षेत्रों में 'नगरीयकरण योग्य क्षेत्र' (Urbanisable Area) के भीतर आने वाले 90-ए और ले-आउट प्रकरणों का निस्तारण।नगरीयकरण योग्य क्षेत्र से बाहर स्थित शेष नगरीय क्षेत्र के सभी 90-ए प्रकरणों का निस्तारण।
मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं हैअपनी निकाय सीमा (Municipal Limits) तक 90-ए और ले-आउट प्लान के प्रकरणों का निस्तारण सक्षम अधिकारी द्वारा।निकाय सीमा से बाहर आने वाले सभी नवीन राजस्व ग्रामों व क्षेत्रों के प्रकरणों का निस्तारण।
केवल नगर निकाय कार्यरत हैंजिन शहरों में केवल नगर परिषद/पालिका है और मास्टर प्लान अधिसूचित है, वहां अधिसूचित नगरीय सीमा तक निकाय ही निस्तारण करेगा।—
सोडाला जेडीए अतिक्रमण विरोध: 160 फीट चौड़ीकरण पर सवाल, लोगों ने निकाली अर्थी | Sodala JDA Encroachment Protest: Questions on 160 ft Widening, People Carry Effigy
सोडाला जेडीए अतिक्रमण विरोध तीसरे दिन भी जारी: जेडीए की अर्थी निकाली, 160 फीट चौड़ीकरण पर सवाल
08 Oct 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
सोडाला में जेडीए की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के खिलाफ विरोध तीसरे दिन भी जारी रहा। सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक 160 फीट सड़क चौड़ी करने की कार्रवाई चल रही है। लोगों ने टायर जलाए और जेडीए के नाम की अर्थी निकाली। जेडीए के अनुसार हाईकोर्ट के निर्देश पर 210 नोटिस दिए गए हैं
सोडाला में जेडीए की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के खिलाफ विरोध तीसरे दिन भी जारी रहा। सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक 160 फीट सड़क चौड़ी करने की कार्रवाई चल रही है। लोगों ने टायर जलाए और जेडीए के नाम की अर्थी निकाली। जेडीए के अनुसार हाईकोर्ट के निर्देश पर 210 नोटिस दिए गए हैं

FAQs

  1. क्या नगरीय विकास विभाग (UDH) ने 90-ए के विवाद को सुलझाने के लिए कोई आदेश जारी किया है?
    हां, UDH ने एक आदेश जारी किया है जिसमें 90-ए और ले-आउट प्लान के प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।
  2. नगरीय क्षेत्रों के मास्टर प्लान के अधिसूचित होने पर 90-ए के प्रकरणों का निस्तारण कौन करेगा?
    यदि नगरीय क्षेत्र का मास्टर प्लान अधिसूचित है, तो प्राधिकरण/न्यास से शामिल अन्य नगर परिषद/पालिका के सक्षम अधिकारी 90-ए के प्रकरणों का निस्तारण करेंगे।
  3. यदि मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं है, तो 90-ए के मामलों का निस्तारण कौन करेगा?
    यदि मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं है, तो नगर परिषद/पालिका के सक्षम अधिकारी परिषद/पालिका सीमा तक 90-ए के प्रकरणों का निस्तारण करेंगे।
जयपुर: न्यू सांगानेर रोड पर अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, विधायक बोले- जेडीए ने की गलत मार्किंग | Jaipur: Bulldozer on illegal constructions on New Sanganer Road, MLA says - JDA made wrong marking
जयपुर: न्यू सांगानेर रोड के अवैध निर्माणों पर चल रहा बुलडोजर, विधायक बोले- जेडीए ने गलत मार्किंग की
05 Oct 2026 ,
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जयपुर विकास प्राधिकरण न्यू सांगानेर रोड पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई कर रहा है। पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और निर्माण को तोड़ा जा रहा है। व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध किया है और मुआवजे की मांग की है। सड़क चौड़ीकरण को लेकर यह कार्रवाई राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन में की जा रही है।
जयपुर विकास प्राधिकरण न्यू सांगानेर रोड पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई कर रहा है। पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और निर्माण को तोड़ा जा रहा है। व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध किया है और मुआवजे की मांग की है। सड़क चौड़ीकरण को लेकर यह कार्रवाई राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन में की जा रही है।

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