एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों ने कन्वीनर कुमावत के खिलाफ मोर्चा खोला, बाहर आया सियासी घमासान

Amit Baijnath Garg | Oct 12, 2025, 21:08 IST
Share
rca
Photograph: (the sootr)

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में अंदरखाने चल रहा सियासी घमासान बाहर आ गया है। एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों ने कन्वीनर दीनदयाल कुमावत पर लगाए एकतरफा व मनाने फैसले के आरोप।

Jaipur. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) में एक बार फिर सियासी घमासान मच गया है। यह घमासान अब एडहॉक कमेटी के सदस्यों में उभरा है। कमेटी के चार सदस्यों ने रविवार को अलग से बैठक कर एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोपों की बौछार कर दी। चार सदस्यों ने आरोप लगाया कि कुमावत सभी की राय से काम नहीं कर रहे हैं। मनमाने तरीके से एकतरफा फैसले ले रहे हैं। जो फैसले ले रहे हैं, वे भी सही नहीं हैं। उन्होंने कुमावत के फैसलों को एकतरफा और मनमाना बताते हुए मानने से इनकार कर दिया।

दीनदयाल कुमावत को आरसीए की फिर मिली कमान, विवादों के बीच चुनाव कराना बड़ी चुनौती

नियुक्ति को खारिज किया

एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर, मोहित यादव, आशीष तिवाड़ी और पिंकेश जैन ने अलग से बैठक की। बैठक में पूर्व में गठित सीनियर सलेक्शन कमेटी और लोकपाल (ऑबड्समैन) की नियुक्ति को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया। एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर, मोहित यादव, आशीष तिवाड़ी और पिंकेश जैन का आरोप है कि दीनदयाल कुमावत एकतरफा फैसले ले रहे हैं। फैसले लेने से पहले न तो बताया जाता है और ना ही किसी तरह का विमर्श किया जाता है।

आरसीए एडहॉक कमेटी और आरएसएससी के बीच विवाद खत्म, एसएमएस स्टेडियम पर सहमति

सारे फैसले निरस्त

नियमानुसार किसी भी निर्णय से पहले समिति सदस्यों की सर्वसम्मति जरूरी थी। आरोप है कि कुमावत ने जिस सीनियर सलेक्शन कमेटी का गठन किया, उसने नियमों के खिलाफ खिलाड़ियों का चयन किया। इसलिए इस कमेटी और उसके द्वारा चुनी गई टीम दोनों को भंग करने का फैसला किया गया है। लोकपाल की नियुक्ति पर किसी भी सदस्य से चर्चा नहीं की गई। कुमावत ने मनमर्जी से ऑबड्समैन नियुक्त कर दिया, जबकि यह निर्णय समिति के सामूहिक अनुमोदन से होना चाहिए था। ऐसे में लोकपाल की नियुक्ति को निरस्त किया जाता है।

बाड़मेर में तस्करी में महिलाएं भी आगे, राजस्थान पुलिस की बढ़ रही चिंता, उठाए जाएंगे सख्त कदम

मनमाने और एकतरफा फैसले सदस्यों ने दावा किया कि कुमावत ने एडहॉक कमेटी के सदस्योंं की सहमति बिना राजसमंद के मिराज स्टेडियम के साथ तीन माह का एग्रीमेंट किया, ताकि वहां भी आरसीए की गतिविधियां संचालित की जा सकें। चारों सदस्यों ने इस तरह लिए जा रहे फैसलों को मनमाना और एकतरफा बताते हुए कहा कि इससे आरसीए को आर्थिक नुकसान हो सकता है। सदस्यों ने अनुबंध अवधि पूरी होने के बाद इसे आगे नहीं बढ़ाने का प्रस्ताव भी पारित किया है।


राजस्थान की सियासत में डसने की कहानी, पूनियां की किताब के विमोचन में राजनीति बनी सांप-सीढ़ी का खेल

गतिविधि का संचालन नहीं होगा

कमेटी ने सुझाव दिया है कि राजस्थान क्रिकेट संघ की आगामी घरेलू क्रिकेट गतिविधियां जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम, केएल सैनी स्टेडियम और जोधपुर के बरकतुल्लाह खां स्टेडियम में कराई जाएं। क्रिकेट ऑपरेशन कमेटी केवल कन्वीनर की राय पर फैसले ले रही है, जो गलत है। ऐसे में भविष्य में यह कमेटी बिना एडहॉक कमेटी के बहुमत की सहमति के किसी भी राज्य स्तरीय क्रिकेट गतिविधि का संचालन नहीं करेगी।

राजस्थान में 60 से अधिक बालगृह बंद : क्या वाकई हुआ है 1500 बच्चों का पुनर्वास

खींचतान और जुबानी जंग तेज होगी

आरसीए सूत्रों का कहना है कि कुमावत के फिर से एडहॉक कमेटी में कन्वीनर की नियुक्ति के बाद से ही घमासान चल रहा है। अंदरखाने कुमावत और कमेटी सदस्यों के बीच लगातार शीत युद्ध चल रहा है। आपसी मनमुटाव के चलते लम्बे समय से कमेटी की मीटिंग भी नहीं हो पा रही थी। कमेटी के चारों सदस्यों ने आज अलग से बैठक कर कुमावत के फैसलों के खिलाफ प्रस्ताव लाकर एक तरह से अंदरखाने चल रही जंग को हवा दे दी है। आने वाले दिनों में कमेटी सदस्यों व कुमावत के बीच आपसी खींचतान और जुबानी जंग तेज होने की संभावना है।

FAQ

  1. 1. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) में विवाद की मुख्य वजह क्या है?
    आरसीए में विवाद कुमावत द्वारा लिए गए एकतरफा और बिना सहमति के फैसलों के कारण है, जिससे चार सदस्यों ने विरोध किया और इन फैसलों को निरस्त किया।
  2. 2. एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों ने कौन से फैसले निरस्त किए?
    चार सदस्यों ने सीनियर सलेक्शन कमेटी और लोकपाल की नियुक्ति को निरस्त किया, क्योंकि ये फैसले बिना किसी चर्चा और सहमति के किए गए थे।
  3. 3. क्या आरसीए में अब राज्य स्तरीय क्रिकेट गतिविधियां जारी रहेंगी?
    नहीं, अब से राज्य स्तरीय क्रिकेट गतिविधियों का संचालन केवल एडहॉक कमेटी की सहमति से ही किया जाएगा, और कोई भी निर्णय बिना बहुमत की सहमति के नहीं लिया जाएगा।


Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन
  • आरसीए
  • आरसीए एडहॉक कमेटी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि