RAJASTHAN Top News : राजस्थान की बड़ी खबरें

नमस्कार, राजस्थान की खास खबरों में आपका स्वागत है। क्या कोर्ट ने रद्द नहीं की एसआई भर्ती 2021 परीक्षा, जोधपुर सेंट्रल जेल में आसाराम ने किया सरेंडर। किरोड़ी ने मांगी माफी, हनुमान बोले-किरोड़ी मेरे बड़े भाई।

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Gyan Chand Patni
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Rajasthan top news 30 aug
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क्या कोर्ट ने रद्द नहीं की एसआई भर्ती 2021 परीक्षा, जानिए इस बारे में कानून मंत्री ने क्या कहा

राजस्थान में एसआई भर्ती 2021 को लेकर हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट का अहम फैसला आया है। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कोर्ट ने एसआई भर्ती 2021 रद्द नहीं की है, जैसा कि कुछ लोग मान रहे थे। उन्होंने जोधपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कोर्ट ने अपनी ऑब्जर्वेशन सरकार को भेजी है और इसे जांच के लिए आरपीएससी को भेजा जाएगा।
मंत्री  पटेल  ने कहा कि जिन प्रभावित याचिकाकर्ताओं का चयन हुआ था, उनका भी अपना पक्ष है और वे डिवीजन बेंच में अपील कर सकते हैं। इसके साथ ही विधि विभाग द्वारा इस मामले का परीक्षण किया जा रहा है।संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने यह भी कहा कि जो 1051 पदों पर भर्ती निकाली गई है, उन पदों पर भी यह भर्ती समाहित की जाएगी। इस बारे में भी कोर्ट ने उल्लेख किया है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

आरजीएचएस निगरानी के लिए नई गाइडलाइन जारी, सरकारी डॉक्टरों को पर्ची पर लिखनी होगी मरीज की हिस्ट्री और जांच रिपोर्ट


राजस्थान सरकार ने गर्वमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं। इन गाइडलाइन के तहत सरकारी डॉक्टरों को पर्ची पर मरीज की पूरी जांच रिपोर्ट और बीमारी की हिस्ट्री लिखने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही, बिना इन विवरणों के दवाइयाँ लिखने पर कार्रवाई की जा सकती है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, आरजीएचएस के तहत हो रही गड़बड़ी की जांच के लिए सीएमएचओ (मुख्य जिला एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और पीएमओ (प्रमुख चिकित्सा अधिकारी) को जिम्मेदार ठहराया गया है। इन अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे उन मामलों पर निगरानी रखें, जहां पिछले कुछ सालों से अनियमितताएं पाई गई हैं। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि उन बिलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जहां एक ही परिवार के कई सदस्य एक जैसे लक्षणों वाली महंगी दवाइयां सरकारी डॉक्टरों से लिखवा कर खरीद रहे हैं। खासकर अगर एक ही दिन में ऐसे बिल बनाए गए हैं, तो इन मामलों की गहन जांच की जाएगी। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

अशोक गहलोत बोले, हनुमान बेनीवाल और किरोड़ीलाल मीणा ने हमारी सरकार गिराने की कोशिश की थी

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के बीच हुए विवाद पर कहा है कि ये दोनों ही उनकी सरकार गिराने की साजिश में शामिल थे। दोनों मित्र हैं और उस दौरान उनकी सरकार गिराने के लिए हे​लिकॉप्टर लेकर राजस्थान में घूमे थे। इन दोनों का पुराना इतिहास है और इनका यह रवैया कोई नया नहीं है। गहलोत 2020 में कांग्रेस सरकार पर आए सियासी संकट की ओर इशार कर रहे थे।

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जोधपुर सेंट्रल जेल में आसाराम ने किया सरेंडर, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से किया था इनकार

नाबालिग से बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले आसाराम ने जोधपुर सेंट्रल जेल में ​फिर सरेंडर किया। राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा 27 अगस्त को अंतरिम जमानत याचिका खारिज करने के बाद 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में फिर से लौटना पड़ा। आसाराम ने 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया। जोधपुर हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने 27 अगस्त को आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज की। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए अ​वधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है और उनको लगातार चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता नहीं है। आसाराम को कोरोनरी आर्टरी डिजीज है और वह उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आते हैं। हालांकि, कोर्ट ने माना कि उनकी स्थिति अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए पर्याप्त गंभीर नहीं थी। आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका खारिज हो गई। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

IPR नहीं भरी तो राजस्थान में रुकी 2.80 लाख कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, पेंशनर्स भी परेशान, जानें पूरा मामला

राजस्थान सरकार ने 2.80 लाख सरकारी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोक दी है। वहीं, लगभग 3,000 पेंशनर्स की पेंशन भी निलंबित कर दी गई है। इसे लेकर राजस्थान के कर्मचारियों और पेंशनर्स में आक्रोश और चिंता है। दरअसल, राजस्थान सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों से अचल संपत्ति रिटर्न (IPR) जमा करने का आदेश दिया था। तकनीकी समस्याओं के कारण कर्मचारियों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने में समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर्स अपनी IPR अपलोड करने से रह गए। इस पर सरकार ने इन कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी और पेंशन भी निलंबित कर दी। The Sootr में जानें पूरा मामला। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

 पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राजस्थान विधानसभा से भी लेंगे पेंशन, जानिए धनखड़ को कितनी मिलेगी पेंशन

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अब फिर से पूर्व विधायक के नाते विधानसभा सचिवालय में पेंशन के लिए आवेदन किया है। धनखड़ 1993 से 1998 तक किशनगढ़ सीट से कांग्रेस पार्टी के विधायक रहे थे। धनखड़ की विधायक पेंशन जुलाई 2019 में पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल बनने के बाद से बंद हो गई थी। उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद, उन्होंने इस पेंशन के लिए अपनी प्रक्रिया फिर से शुरू करवाई है। यह मामला राजस्थान विधानसभा में सुर्खियों में है, और इसने पेंशन नीति और प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

राजस्थान विधानसभा में कर दिया यह नवाचार, जानें इस बार कैसे होगा खास एक सितम्बर से शुरू हो रहा सत्र

राजस्थान विधानसभा में 1 सितंबर 2025 से शुरू हो रहे चौथे सत्र के लिए सभी विधायकों को ऑनलाइन सवाल अपलोड करने की सुविधा दी गई है। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा विधायकों को बेहतर तरीके से कार्य करने और विधानसभा की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। इस बार, विशेष रूप से नए नियमों और निर्देशों के तहत, विधानसभा की कार्यप्रणाली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

वाह रे शिक्षा विभाग, राजस्थान में शिक्षक दंपति से वसूले जाएंगे 8.48 करोड़, 25 साल से स्कूल ही नहीं गए

राजस्थान के बारां जिले में एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। यहां शिक्षक पति-पत्नी 25 साल तक बिना स्कूल जाए वेतन उठाते रहे। इन्होंने स्कूल में कम पैसों पर एवजी शिक्षक लगा रखे थे। इस मामले में शिक्षा विभाग ने इन्हें पूर्व में ही निलंबित कर दिया था। अब शिक्षा विभाग ने शिक्षक दंपति को वेतन-भत्तों के एवज में लिए 8.48 करोड़ रुपए की वसूली के लिए नोटिस थमाया है। यह मामला न केवल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है, बल्कि यह राज्य के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए एक चेतावनी भी है कि यदि वे किसी भी तरह की धोखाधड़ी में शामिल होते हैं, तो उन्हें कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

मीणा-बेनीवाल जुबानी जंग के बाद पसीजे दिल, किरोड़ी ने मांगी माफी, हनुमान बोले-किरोड़ी मेरे बड़े भाई

राजस्‍थान की राजनीति के दो कद्दावर नेताओं के बीच हुई जुबानी जंग अब माफीनामे में बदल गई है। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और राष्‍ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने एक-दूसरे की जमकर पोल खोली, लेकिन अब पहले तो मीणा ने माफी मांगी और उसके बाद बेनीवाल ने भी मीणा को अपना बड़ा भाई बताया। दरअसल, 28 अगस्त को राजस्‍थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द कर द‍िया। इसके बाद एक चैनल पर दोनों नेताओं के बीच बहस ने इतना तूल पकड़ा कि बात व्‍यक्तिगत आरोप-प्रत्‍यारोपों तक पहुंच गई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए और व्यक्तिगत हमला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब किरोड़ी लाल मी‍णा ने हनुमान बेनीवाल से माफी भी मांग ली है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

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