SMS Hospital Fire : सुपरिटेंडेंट का दावा-आग लगने से नहीं हुई मौत, पहले से ही सीरियस चल रहे मरीजों की गई जान
Amit Baijnath Garg | Oct 06, 2025, 15:13 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के एसएमएस अस्पताल में आग लगने से 8 मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल सुपरिटेंडेंट ने इस हादसे की वजह से मौत होने से इनकार किया, जबकि आईसीयू प्रभारी और मृतकों के परिजनों के बयान अलग हैं।
Jaipur. राजस्थान के जयपुर के एसएमएस अस्पताल (SMS Hospital)में आग लगने और 8 मरीजों की मौत पर अस्पताल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुशील कुमार भाटी ने आग लगने से मौत नहीं होने का अजीब दावा किया है, जबकि आईसीयू प्रभारी डॉ. जगदीश मोदी तथा ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ के बयानों से मौतें आग लगने के कारण होना प्रतीत होता है।
डॉ. भाटी के अनुसार, रविवार रात करीब 11:30 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। जैसे ही धुआं फैला तो वहां के स्टाफ ने तुरंत सभी को सूचित कर दिया था और 15 से 20 मिनट में फायर बिग्रेड भी आ गई थी। आग न्यूरोसर्जरी आईसीयू में लगी थी, जिसमें 11 मरीज थे। कांच तोड़कर उन्हें फौरन दूसरे वार्ड और आईसीयू-2 में शिफ्ट कर दिया था।
SMS हॉस्पिटल में आग : हादसा या हत्या! सरकार ने बनाई जांच समिति, रिपोर्ट देने की समय-सीमा तय नहीं
डॉ. भाटी के अनुसार, मरने वाले सभी मरीज पहले से ही सीरियस थे। इसी कारण ही उनकी मौत हुई है यानी आग के कारण किसी की अलग से मौत नहीं हुई। धुएं के कारण मरीजों को शिफ्ट किया गया, तब उनकी स्थिति गंभीर थी। आग के कारण मौत नहीं हुई है। मरीज पहले ही क्रिटिकल थे और कुछ मौत जो गैस निकली, उसके कारण हुई हैं।
जयपुर के SMS हॉस्पीटल में लगी आग, आठ मरीजों की मौत, बनाई जांच समिति
SMS अस्पताल ने प्रत्यारोपित किया दुनिया का पहला पॉलिमर वॉल्व, 38 साल के मरीज का सफल ऑपरेशन
राजस्थान के सवाई मानसिंह अस्पताल कीइमरजेंसी यूनिट के प्रभारी डॉ. जगदीश मोदी के अनुसार, आग लगने के कारण पूरे ICU में अंधेरा हो गया। डॉक्टर, नर्स और वार्ड बॉय ने सभी मरीजों को ICU से बाहर निकाला। सभी जगह विशेष निगरानी चल रही हैं। ये बहुत ही दुखद घटना है। ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ के अनुसार मरीजों को निचली मंजिल के आईसीयू में शिफ्ट करने की कोशिश की, लेकिन हम उन्हें बचा नहीं पाए। उनके इस बयान से साफ है कि मरीजों की मौत आग में झुलसने या दम घुटने से ही हुई है।
बढ़े स्नेक बाइट के मामले: हर दिन जयपुर के एसएमएस अस्पताल में आ रहे 3 से 4 केस; दो की मौत भी हो चुकी
यह मामला अब गंभीर सवाल उठा रहा है। एक ओर जहां अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की पहले से खराब हालत को मौत का कारण बताया, वहीं परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों का मानना है कि मौतें आग और धुएं की वजह से हुईं। यह मामला अस्पताल की लापरवाही को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।
डॉ. भाटी के अनुसार, रविवार रात करीब 11:30 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। जैसे ही धुआं फैला तो वहां के स्टाफ ने तुरंत सभी को सूचित कर दिया था और 15 से 20 मिनट में फायर बिग्रेड भी आ गई थी। आग न्यूरोसर्जरी आईसीयू में लगी थी, जिसमें 11 मरीज थे। कांच तोड़कर उन्हें फौरन दूसरे वार्ड और आईसीयू-2 में शिफ्ट कर दिया था।
SMS हॉस्पिटल में आग : हादसा या हत्या! सरकार ने बनाई जांच समिति, रिपोर्ट देने की समय-सीमा तय नहीं
सभी मरीज पहले से ही थे सीरियस
जयपुर के SMS हॉस्पीटल में लगी आग, आठ मरीजों की मौत, बनाई जांच समिति
बेटा बोला-मेरी मां की झुलसने से मौत वहीं एक मृतका के बेटे शेरू का कहना है कि वार्ड में इतना घना धुआं था कि उसे अपनी मां भी नहीं दिख रही थीं। उन्हें निकालने की उसकी कोशिश नाकाम रही और कुछ देर बाद ही उसे पता चला कि उसकी मां की झुलसने से मौत हो गई है। शेरू के अनुसार, वार्ड में हल्की चिंगारियां और धुआं देखते ही उसने अटेंडेंट को बताया था, लेकिन उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया। जब आग तेजी से फैली तो वह बिना कुछ सोचे-समझे धुएं से भरे आईसीयू वार्ड में दाखिल हो गया था, लेकिन अपनी मां को निकाल नहीं सका था।
इमरजेंसी यूनिट प्रभारी बोले-बचा नहीं पाए
बढ़े स्नेक बाइट के मामले: हर दिन जयपुर के एसएमएस अस्पताल में आ रहे 3 से 4 केस; दो की मौत भी हो चुकी
#WATCH | जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, "...हम मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से बात करेंगे। हमें बहुत दुख है कि कोई भी जांच की बात नहीं कर रहा है। मृतकों के परिवारों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि शव कहां हैं। यह बहुत बुरी स्थिति है... यहां… https://t.co/tVkjmpaWmE pic.twitter.com/6jiuwgLESo
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 6, 2025
अस्पताल की लापरवाही या प्राकृतिक कारण?
FAQ
- 1. एसएमएस अस्पताल में आग कैसे लगी?
एसएमएस अस्पताल में आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जो बाद में ICU में फैल गई। आग के कारण मरीजों को शिफ्ट किया गया, लेकिन कुछ की मौत हो गई। - 2. क्या मरीजों की मौत आग लगने से हुई?
अस्पताल सुपरिटेंडेंट ने कहा कि मरीज पहले से ही गंभीर थे, लेकिन परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि आग और धुएं की वजह से मौत हुई। - 3. अस्पताल प्रशासन ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की जांच कराने की बात कही, लेकिन कुछ कर्मचारियों ने साफ तौर पर कहा कि आग और धुएं के कारण मौतें हुईं।
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava