नौकरी छोड़ की तैयारी, छह साल बाद जीती जंग और आखिरी प्रयास में ५३वीं रैंक लाकर बनी आईएएस अहिंसा जैन

Abhilasha Saksena Chakraborty | Feb 22, 2026, 09:57 IST
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IAS Ahimsa Jain
IAS Ahimsa Jain Photograph: (thesootr)

पांच प्रयासों में भी आईएएस नहीं बन पाने के बाद भी अहिंसा जैन ने हार नहीं मानी। उनके दृढ़ निश्चय और निरंतर प्रयास का फल उन्हें छठे प्रयास में मिला। 2021 बैच में 53वीं रैंक हासिल कर वो आईएएस बनीं।

जिंदगी में सफलता और असफलता साथ-साथ चलती रहती है। एक समय बाद लगातार असफलताओं के बाद अक्सर लोग हार मान लेते हैं। लेकिन, मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली अहिंसा जैन ने ऐसा नहीं किया।

पांच बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने छठे यानी आखिरी प्रयास में IAS बनकर दिखा दिया। वर्ष 2020 में 53वीं रैंक हासिल कर उन्होंने अपना सपना पूरा किया।
उन्होंने 2015 से लगातार छह वर्षों तक यूपीएससी की परीक्षा दी। वो चार बार इंटरव्यू तक पहुंचीं। अहिंसा आज उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की मिसाल हैं, जो बार-बार असफलताओं से टूट जाते हैं। अपनी सफलता का श्रेय वह माता-पिता के अटूट विश्वास और सहयोग को देती हैं।

मां चाहती थी कि आईएएस बनूं

अहिंसा जैन मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली हैं। उनके पिता दुकान चलाते हैं और मां ग्रहणी हैं। भाई सुयश जैन सॉफ्टवेर इंजीनियर हैं।अहिंसा ने क्राइस्ट चर्च गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल हासिल किया।

अहिंसा कहती हैं बचपन से ही उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना था, हालांकि बीच में उन्हें लगा कि पहले एक सुरक्षित नौकरी जरूरी है।

पिता सुभाष, मां अर्चना, भाई सुयश के साथ अहिंसा जैन।
पिता सुभाष, मां अर्चना, भाई सुयश के साथ अहिंसा जैन।


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नौकरी छोड़कर शुरू की तैयारी

अहिंसा ने इंजीनियरिंग के बाद यूके-आधारित कंपनी एटकिंस ग्लोबल बेंगलुरु में नौकरी शुरू की। डेढ़ साल तक नौकरी करने के बाद एक दिन मां ने उनसे पूछा, नौकरी करनी है या सपना पूरा करना है? यही सवाल उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बना। उन्होंने निजी क्षेत्र की नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी।

अहिंसा कहती हैं कि हर उतार-चढ़ाव में उनकी मां उनके साथ खड़ी रहीं। जब भी उनका मन टूटता, मां उन्हें भरोसा दिलातीं कि मेहनत एक दिन जरूर रंग लाएगी। परिवार का यही विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

2015 से शुरू हुआ संघर्ष

अहिंसा जैन ने 2015 में तैयारी शुरू की और कुल छह प्रयास दिए। पहले पांच प्रयासों में मंजिल नहीं मिली। तीन बार वे इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम सूची में नाम नहीं आया। एक प्रयास में उनका चयन IRS (Indian Revenue Service) में हुआ, लेकिन उनका लक्ष्य IAS बनना था, इसलिए उन्होंने प्रयास जारी रखा। आखिरकार 2020 में अपने अंतिम प्रयास में 53वीं रैंक हासिल कर उन्होंने IAS बनने का सपना पूरा कर लिया।

Ahinsa Jain IAS (@AhinsaJain_IAS) / Posts / X
Ahinsa Jain IAS (@AhinsaJain_IAS) / Posts / X


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हर असफलता को मानी सीख

अहिंसा मानती हैं कि मेहनत का फल देर से मिलता है, लेकिन मिलता जरूर है। हर असफल प्रयास के बाद वे निराश होने के बजाय अपनी तैयारी का विश्लेषण करती थीं और कमियों को सुधारती थीं।

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मानसिक रूप से खुद को बनाया मजबूत

तैयारी के दिनों को याद करते हुए आईएएस अहिंसा जैन कहती हैं कि जब उन्होंने पहली बार UPSC का विशाल सिलेबस देखा तो वह काफी डर गई थीं। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत किया।

उन्होंने अपने मोटिवेशन के लिए आध्यात्मिक किताबें पढ़ीं, नियमित मेडिटेशन किया।इसके साथ उन्होंने सकारात्मक सोच विकसित की। वो मानती हैं कि अगर समर्पण और निरंतरता है, तो चयन निश्चित है। हर प्रयास के बाद घर लौटते समय वे खुद को याद दिलाती थीं कि इंटरव्यू तक पहुंचना ही लक्ष्य के करीब होने का संकेत है।

Know from Ahimsa Jain, daughter of Jabalpur who brought 53rd rank across  the country
Know from Ahimsa Jain, daughter of Jabalpur who brought 53rd rank across the country


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UPSC अभ्यर्थियों के लिए उनकी सलाह

  • स्मार्ट वर्क करें, सिर्फ हार्ड वर्क नहीं
  • खुद पर भरोसा रखें
  • निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण है
  • नियमित मॉक टेस्ट दें
  • समय प्रबंधन के साथ प्रश्न हल करने की आदत डालें

करियर एक नजर

  • नाम: अहिंसा जैन
  • जन्मस्थान: जबलपुर
  • एजुकेशन: बीई
  • बैच: 2021
  • कैडर: पश्चिम बंगाल

पदस्थापना

IAS Ahimsa Jain पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान के कालना में उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) के पद पर कार्यरत हैं।

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आईएएस अहिंसा जैन की सफलता साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार हों, तो अंतिम कोशिश भी पहली जीत बन सकती है। क्योंकि, कई बार सफलता आखिरी दरवाजे के पीछे ही खड़ी होती है।

FAQ

  1. अहिंसा जैन ने UPSC में कौन-सी रैंक हासिल की थी?
    उन्होंने वर्ष 2020 की सिविल सेवा परीक्षा में 53वीं रैंक हासिल की थी।
  2. उन्होंने कितने प्रयासों में IAS बनीं?
    अहिंसा जैन ने कुल छह प्रयास दिए और छठे प्रयास में सफलता प्राप्त की।
  3. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है?
    उन्होंने जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग (BE) की पढ़ाई की है।




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