पढ़ाई जारी रखने के लिए करना पड़ा संघर्ष, आज लेडी सिंघम के रूप में जानी जाती हैं आईएएस निधी निवेदिता
Abhilasha Saksena Chakraborty | Jan 14, 2026, 13:27 IST
IAS Nidhi Nivedita
IAS अधिकारी निधी निवेदिता अपनी बेखौफ कार्यशैली, अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त फैसलों के लिए जानी जाती हैं। संघर्षों से निकली यह संवेदनशील प्रशासक आज हजारों युवतियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
आईएएस अधिकारी निधी निवेदिता आज प्रशासनिक सेवा में एक मजबूत और स्पष्ट पहचान रखती हैं। वे अनुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के लिए पहचानी जाती हैं।
मध्य प्रदेश कैडर की 2012 बैच की इस आईएएस अधिकारी का प्रशासनिक सफर आसान नहीं रहा। उन्हें कई बड़े विवादों, आलोचनाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन, हर मोड़ पर उन्होंने अपने फैसलों से अलग पहचान बनाई।
नियमों का दुरुपयोग करने वालों को ऑन-द-स्पॉट सबक सिखाने वाली इस लेडी सिंघम आईएएस अधिकारी से हर कोई खौफ खाता है। खास बात यह है कि आईएएस अधिकारी बनने के बाद भी वो अपनी जड़ों को नहीं भूलीं। उनका मिजाज भले ही गरम हो लेकिन दिल हमेशा नरम रहता है।
आईएएस निधी निवेदिता का जन्म झारखंड के सिंदरी में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके घर में शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गई। बचपन से ही वे पढ़ाई में रुचि रखती थीं। हालांकि, समाज की पारंपरिक सोच उनके रास्ते में बार-बार बाधा बनकर खड़ी हुई।ऐसे माहौल में उनकी मां ने सबसे मजबूत सहारा दिया।
आर्थिक सीमाओं और सामाजिक दबावों के बावजूद, उन्होंने अपनी बेटी को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। निधी अक्सर कहती हैं कि अगर मां का साथ न होता, तो उनका सफर इतना मजबूत नहीं बन पाता।
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IAS Nidhi Nivedita को कम उम्र से ही यह सुनने को मिलता रहा कि एक लड़की के लिए सपनों की एक तय सीमा होती है। अक्सर कहा जाता था कि शादी और घर ही उसका भविष्य है। लेकिन, निधी ने इन धारणाओं को स्वीकार करने के बजाय उन्हें चुनौती देने का रास्ता चुना।
उन्होंने खुद को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत की और हर आलोचना को अपनी ताकत में बदला। कई बार तो पढ़ाई को लेकर उन्हें मार तक खानी पड़ी। लोगों ने इसको लेकर उनकी मां को भी बहुत खरी-खोटी सुनाई। लेकिन, उनकी मां ने किसी की एक नहीं सुनी और हर मोड़ पर अपनी बेटी के लिए चट्टान की तरह खड़ी रहीं।
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आईएएस अधिकारी बनने के बाद निधि निवेदिता ने कई ऐसे फैसले लिए, जिनसे वे चर्चा में रहीं।उन्होंने शौचालय निर्माण फंड में अनियमितता करने वाले पंचायत सचिव पर कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने इसके लिए उसको उठक-बैठक भी लगवा दी। इस फैसले को जहां एक ओर सराहना मिली, वहीं दूसरी ओर आलोचना भी झेलनी पड़ी। लेकिन उन्होंने अपने फैसले पर कभी समझौता नहीं किया।
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जनवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहे थे। इसी दौरान भाजपा इसके समर्थन में रैलियां आयोजित कर रही थी। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में प्रस्तावित रैली को प्रशासन से अनुमति नहीं मिली थी, इसके बावजूद भाजपा नेताओं ने रैली निकाल दी।
इस रैली को रोकने के लिए तत्कालीन कलेक्टर IAS Nidhi Nivedita स्वयं मौके पर पहुंचीं। इस दौरान उनकी कई भाजपा नेताओं से तीखी नोकझोंक हुई, और कुछ नेताओं को वह थप्पड़ मारते तथा कॉलर पकड़ते हुए भी दिखाई दीं।
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निधी निवेदिता वर्तमान में प्रबंध संचालक, मत्स्य महासंघ और उपसचिव, मछुआ कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश के पद पर कार्यरत हैं। इसके पहले वो प्रबंध संचालक, महिला वित्त एवं विकास निगम रह चुकी हैं। इसके अलावा वो राजगढ़ कलेक्टर, इंदौर अपर कलेक्टर, और सिंगरौली में जिला पंचायत सीईओ भी रह चुकी हैं।
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निधी निवेदिता एक ऐसी अधिकारी हैं जो सख्ती और संवेदना दोनों के बीच संतुलन बनाकर चलती हैं। उनके फैसले जनहित को केंद्र में रखकर होते हैं। यही वजह है कि वे एक ओर कठोर प्रशासक मानी जाती हैं, तो दूसरी ओर आम लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण अधिकारी भी। आज वे उन तमाम युवतियों के लिए प्रेरणा हैं, जो सीमाओं के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।
मध्य प्रदेश कैडर की 2012 बैच की इस आईएएस अधिकारी का प्रशासनिक सफर आसान नहीं रहा। उन्हें कई बड़े विवादों, आलोचनाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन, हर मोड़ पर उन्होंने अपने फैसलों से अलग पहचान बनाई।
नियमों का दुरुपयोग करने वालों को ऑन-द-स्पॉट सबक सिखाने वाली इस लेडी सिंघम आईएएस अधिकारी से हर कोई खौफ खाता है। खास बात यह है कि आईएएस अधिकारी बनने के बाद भी वो अपनी जड़ों को नहीं भूलीं। उनका मिजाज भले ही गरम हो लेकिन दिल हमेशा नरम रहता है।
साधारण परिवार से असाधारण सफर
आर्थिक सीमाओं और सामाजिक दबावों के बावजूद, उन्होंने अपनी बेटी को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। निधी अक्सर कहती हैं कि अगर मां का साथ न होता, तो उनका सफर इतना मजबूत नहीं बन पाता।
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सामाजिक सोच से टकराव
उन्होंने खुद को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत की और हर आलोचना को अपनी ताकत में बदला। कई बार तो पढ़ाई को लेकर उन्हें मार तक खानी पड़ी। लोगों ने इसको लेकर उनकी मां को भी बहुत खरी-खोटी सुनाई। लेकिन, उनकी मां ने किसी की एक नहीं सुनी और हर मोड़ पर अपनी बेटी के लिए चट्टान की तरह खड़ी रहीं।
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शिक्षा और सिविल सेवा की राह बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद निधी निवेदिता ने सिविल सेवा में जाने का निर्णय लिया। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उनका लक्ष्य साफ था। वर्ष 2012 में यूपीएससी परीक्षा में सफलता उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई। अपनी उपलब्धि का श्रेय वे आज अपनी मां को देती हैं, जिनके भरोसे ने उन्हें हर मुश्किल में संभाले रखा।
पंचायत सचिव पर की कड़ी कार्रवाई
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बच्ची की जान बचाने के लिए खुद किया रक्तदान राजगढ़ में एक घटना के दौरान उन्हें पता चला कि एक बच्ची की जान बचाने के लिए जिस ब्लड ग्रुप की जरूरत है वो ब्लड बैंक में नहीं है। उन्होंने खुद जाकर रक्तदान करने का फैसला किया और बच्ची की जान बचायी। इस कदम ने उनके प्रशासनिक चेहरे के साथ-साथ उनके मानवीय पक्ष को भी सामने लाया।
बीजेपी नेता को चाटा मारने के लिए रहीं चर्चा में
इस रैली को रोकने के लिए तत्कालीन कलेक्टर IAS Nidhi Nivedita स्वयं मौके पर पहुंचीं। इस दौरान उनकी कई भाजपा नेताओं से तीखी नोकझोंक हुई, और कुछ नेताओं को वह थप्पड़ मारते तथा कॉलर पकड़ते हुए भी दिखाई दीं।
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करियर एक नजर
- नाम: निधी निवेदिता
- जन्म: 3-10-1986
- जन्मस्थान: सिंदरी, झारखंड
- एजुकेशन: बीए
- बैच: 2012
- कैडर: मध्य प्रदेश
पदस्थापना
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निधी निवेदिता एक ऐसी अधिकारी हैं जो सख्ती और संवेदना दोनों के बीच संतुलन बनाकर चलती हैं। उनके फैसले जनहित को केंद्र में रखकर होते हैं। यही वजह है कि वे एक ओर कठोर प्रशासक मानी जाती हैं, तो दूसरी ओर आम लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण अधिकारी भी। आज वे उन तमाम युवतियों के लिए प्रेरणा हैं, जो सीमाओं के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।
FAQ
- निधी निवेदिता किस बैच की आईएएस अधिकारी हैं?
निधी निवेदिता 2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और वे मध्य प्रदेश कैडर से संबंधित हैं। - बीजेपी नेताओं से विवाद में निधी निवेदिता क्यों चर्चा में आई थीं?
जनवरी 2020 में सीएए के समर्थन में बिना अनुमति निकाली गई रैली को रोकने के दौरान उनकी भाजपा नेताओं से तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसका वीडियो सामने आने के बाद वे काफी चर्चा में आई थीं। - वर्तमान में निधी निवेदिता किस पद पर कार्यरत हैं?
वर्तमान में निधी निवेदिता मध्य प्रदेश में मत्स्य महासंघ की प्रबंध संचालक और मछुआ कल्याण विभाग में उपसचिव के पद पर कार्यरत हैं।
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