आईआईटी में असफल हुए, हार नहीं मानी, तीसरे प्रयास में 5वीं रैंक लाकर बने आईएएस उत्कर्ष द्विवेदी
Abhilasha Saksena Chakraborty | Mar 01, 2026, 11:38 IST
IAS Uttkarsh Dwivedi
लगातार असफलताओं के बावजूद हार न मानने वाले उत्कर्ष द्विवेदी ने तीसरे प्रयास में UPSC में AIR 5 हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया। उनकी सफलता यह साबित करती है कि धैर्य, सही रणनीति और खुद पर विश्वास से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।
असफलताएं मंजिल का अंत नहीं, बल्कि सफलता की शुरुआत होती हैं। यह साबित किया है यूपीएससी 2021 की परीक्षा में ऑल इंडिया 5 रैंक लाने वाले आईएएस उत्कर्ष द्विवेदी ने। उन्होंने IIT-JEE में दो बार असफलता का सामना किया। इंजीनियरिंग के दौरान भी कठिनाइयों से गुजरे। इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा। UPSC जैसी कठिन परीक्षा में भी उन्हें दो बार निराशा मिली, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को और मजबूत बनाया।
उत्कर्ष का मानना है कि जीवन में गिरना स्वाभाविक है, लेकिन हर बार उठकर आगे बढ़ना ही असली जीत है और यही जज्बा उन्हें आखिरकार सफलता की ऊंचाइयों तक ले गया।
उत्कर्ष ने अपनी स्कूली शिक्षा मध्य प्रदेश के इंदौर के दिल्ली पब्लिक स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का मन बना लिया और उसी समय से अपनी तैयारी शुरू कर दी। इंजीनियरिंग के बाद उनकी एक पीएसयू में नौकरी भी लग गई। लेकिन उन्होंने यूपीएससी के लिए उस नौकरी को जॉइन नहीं किया।
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UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता एक दिन में नहीं मिलती। उत्कर्ष ने भी संघर्ष का लंबा दौर देखा। उन्होंने दो बार इंटरव्यू तक पहुंचकर भी अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाए। 2019 में इंटरव्यू में 160 अंक और 2020 में इंटरव्यू में 157 अंक हासिल किए। इन अनुभवों से सीखते हुए उन्होंने अपनी रणनीति को और बेहतर बनाया और तीसरे प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए AIR 5 हासिल की।
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उत्कर्ष के पिता जगदीश प्रसाद एक निजी कंपनी में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं। परिवार का सहयोग उनकी सफलता का महत्वपूर्ण आधार रहा। उत्कर्ष बताते हैं कि बचपन में जब उनके नाना-नानी के घर सरकारी अधिकारी आते थे, तभी से उनकी नानी उन्हें बड़े अधिकारी बनने के लिए प्रेरित करती थीं। वही बात उनके मन में बस गई और उन्होंने उसे अपना लक्ष्य बना लिया।
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उत्कर्ष ने UPSC मेन्स के लिए राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय चुना। उनका मानना है कि वही विषय चुनना चाहिए जिसमें आपकी वास्तविक रुचि हो, क्योंकि रुचि ही लंबे समय तक पढ़ाई को बनाए रखती है। साथ ही यह भी देखें कि उस विषय के लिए पर्याप्त स्टडी मटेरियल और मार्गदर्शन उपलब्ध हो। सामान्य अध्ययन के लिए वे नियमित रूप से अखबार पढ़ते थे, जैसे द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस जैसे अखबार और मैगजीन्स नियमित रूप से पढ़ते।
उत्कर्ष के अनुसार, UPSC मेन्स में उत्तर लिखने का तरीका बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए हमेशा सरल और स्पष्ट भाषा का उपयोग करें। अनावश्यक जटिल शब्दों से बचें, जहां जरूरी हो चित्रों का उपयोग करें। उत्तर संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली होना चाहिए। वे कहते हैं कि अगर आप किसी विषय को आसान भाषा में नहीं समझा सकते, तो आप उसे पूरी तरह समझे ही नहीं हैं।
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निरंतरता बनाए रखें
हर दिन निर्धारित लक्ष्य के साथ पढ़ाई करें और उसे पूरा करें।
क्वालिटी स्टडी पर ध्यान दें
घंटों से ज्यादा जरूरी है कि आप कितनी समझ के साथ पढ़ रहे हैं।
नियमित उत्तर लेखन अभ्यास
हर दिन 1–2 घंटे उत्तर लिखने का अभ्यास करें।
करंट अफेयर्स पर पकड़
समसामयिक घटनाओं की गहरी समझ जरूरी है।
मॉक टेस्ट देते रहें
यह आपकी तैयारी का वास्तविक स्तर दिखाता है और समय प्रबंधन सुधारता है।
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किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की नींव उसका पाठ्यक्रम होता है। इसलिए किताबें उठाने से पहले सिलेबस को अच्छी तरह समझ लें। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का सिलेबस आपको यह तय करने में मदद करता है कि क्या पढ़ना है, कितना पढ़ना है और किस विषय को प्राथमिकता देनी है।
IAS Utkarsh Diwedi उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। वर्तमान में वो जॉइंट मजिस्ट्रेट सोनभद्र के रूप में कार्यरत हैं।
उत्कर्ष का मानना है कि जीवन में गिरना स्वाभाविक है, लेकिन हर बार उठकर आगे बढ़ना ही असली जीत है और यही जज्बा उन्हें आखिरकार सफलता की ऊंचाइयों तक ले गया।
शैक्षणिक सफर
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तीसरे प्रयास में मिली सफलता
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वैकल्पिक विषय और पढ़ाई की रणनीति
उत्तर लेखन है सफलता की कुंजी
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हर दिन निर्धारित लक्ष्य के साथ पढ़ाई करें और उसे पूरा करें।
क्वालिटी स्टडी पर ध्यान दें
घंटों से ज्यादा जरूरी है कि आप कितनी समझ के साथ पढ़ रहे हैं।
नियमित उत्तर लेखन अभ्यास
हर दिन 1–2 घंटे उत्तर लिखने का अभ्यास करें।
करंट अफेयर्स पर पकड़
समसामयिक घटनाओं की गहरी समझ जरूरी है।
मॉक टेस्ट देते रहें
यह आपकी तैयारी का वास्तविक स्तर दिखाता है और समय प्रबंधन सुधारता है।
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सिलेबस की समझ
करियर एक नजर
- नाम: आईएएस उत्कर्ष द्विवेदी
- जन्म: 17 सितंबर 1995
- जन्मस्थान: अयोध्या, उत्तर प्रदेश
- एजुकेशन: बीटेक
- बैच: 2022
- कैडर: उत्तर प्रदेश
पदस्थापना
FAQ
- उत्कर्ष द्विवेदी ने UPSC में कौन-सी रैंक हासिल की?
उत्कर्ष द्विवेदी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 में ऑल इंडिया रैंक 5 हासिल की। - उत्कर्ष द्विवेदी को सफलता किस प्रयास में मिली?
उन्हें तीसरे प्रयास में सफलता मिली, जबकि पहले दो प्रयासों में वे इंटरव्यू तक पहुंचकर भी चयनित नहीं हो पाए थे। - उनकी तैयारी की सबसे खास रणनीति क्या थी?
उनकी रणनीति में सिलेबस की स्पष्ट समझ, नियमित उत्तर लेखन अभ्यास, करंट अफेयर्स पर पकड़ और क्वालिटी स्टडी पर फोकस शामिल था।
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