छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित,बीजेपी-कांग्रेस को मिली एक-एक सीट

Arun Tiwari | Mar 09, 2026, 18:34 IST
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छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों पर भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गईं। किसी अन्य उम्मीदवार के नामांकन न करने से मतदान की जरूरत नहीं पड़ी और दोनों दलों को एक-एक सीट मिली।

Raipur. छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों के लिए बीजेपी की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दी गई हैं। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा।

जिससे चुनाव बिना मुकाबले के ही पूरा हो गया। चुनाव की नौबत न आने से नाम वापसी के आखिरी दिन ही दोनों उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर दिया गया। निर्वाचन अधिकारी ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों नेताओं को निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र सौंप दिया है।

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दो सीटें हुई थीं खाली :

छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव (rajya sabha elections) होना था। इन सीटों के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतारा था। हालांकि किसी दूसरे दल या निर्दलीय उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया।

नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इस तरह बिना मतदान के ही दोनों सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस को एक-एक सीट मिल गई।

इन सीटों पर कांग्रेस के केटीएस तुलसी और फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल पूरा होने पर खाली हुई थीं। विधायकों की संख्या के हिसाब से बीजेपी और कांग्रेस के हिस्से में एक एक सीट आई। कांग्रेस ने फूलोदेवी नेताम को दोबारा उम्मीदवार बनाया।

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बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा पर जताया भरोसा:

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया था। लक्ष्मी वर्मा छत्तीसगढ़ महिला आयोग की सदस्य होने के साथ-साथ भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहीं। महिला वर्ग में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है और वे लंबे समय से संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।

लक्ष्मी वर्मा (Lakshmi Verma) का राजनीतिक अनुभव भी काफी लंबा रहा है। वे करीब 30 वर्षों से सक्रिय राजनीति में काम कर रही हैं। इससे पहले वे रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और भाजपा की प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं। संगठन और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया।

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फूलोदेवी नेताम को कांग्रेस ने फिर दिया मौका :

वहीं कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए फूलोदेवी नेताम पर दोबारा भरोसा जताया। फूलोदेवी नेताम वर्तमान में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे पहले से ही राज्यसभा सदस्य रही हैं। उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद कांग्रेस ने उन्हें एक बार फिर उम्मीदवार बनाकर संसद के उच्च सदन में भेजने का निर्णय लिया।

कांग्रेस का मानना है कि फूलोदेवी नेताम आदिवासी समाज और महिला वर्ग के बीच मजबूत पकड़ रखने वाली नेता हैं। संगठन में उनकी सक्रियता और अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें दोबारा मौका देने का फैसला किया।

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बिना मुकाबले तय हुईं दोनों सीटें :

छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की इन दोनों सीटों पर भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक उम्मीदवार उतारा था। चूंकि किसी अन्य दल या निर्दलीय उम्मीदवार ने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला नहीं किया, इसलिए मतदान की नौबत ही नहीं आई। इस स्थिति में निर्वाचन प्रक्रिया के नियमों के तहत दोनों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

इस तरह छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों पर भाजपा और कांग्रेस को एक-एक प्रतिनिधि मिल गया है। लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम अब संसद के उच्च सदन में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। दोनों नेताओं की जीत से उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

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