vijay-pandey
जबलपुर हाईकोर्ट में NHM अधिकारी विजय पांडे की अवैध नियुक्ति पर सुनवाई, संबंधित विभागों को नोटिस
Neel Tiwari | Nov 28, 2025, 18:27 IST
Photograph: (thesootr)
जबलपुर हाईकोर्ट में विजय पांडे की अवैध नियुक्ति पर सुनवाई हो रही है। पांडे पर फर्जी दस्तावेज और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। याचिका में उनकी नियुक्ति को गैरकानूनी बताया गया है। कोर्ट ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है।
JABALPUR. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में NHM के डेटा मैनेजर आरआई विजय पांडे की अवैध नियुक्ति को लेकर सुनवाई ने नया मोड़ ले लिया है। 75 वर्षीय रिटायर्ड गजेटेड अधिकारी सुबाष चंद्रा द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है।
पांडे ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 2008 में NHM (नेशनल हेल्थ मिशन) में डेटा असिस्टेंट की नौकरी हासिल की। जबकि लिखित परीक्षा में वे न्यूनतम 30 अंकों की पात्रता से नीचे ही रहे। इसके बावजूद उन्हें पद मिला और बाद में 2014 में डेटा मैनेजर, 2022 में डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर की जिम्मेदारी दी गई। याचिका में उनकी नियुक्ति को पूरी तरह गैरकानूनी बताते हुए क्वो वारंटो के तहत पद पर अधिकार साबित करने को कहा गया।
सुनवाई जस्टिस मनिंदर सिंह भट्टी की सिंगल बेंच में हुई, जहां कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। NHM के डायरेक्टर, मध्य प्रदेश ओपन स्कूल एजुकेशन बोर्ड के डायरेक्टर और लोकायुक्त को जवाब देने का आदेश दिया गया है।
कोर्ट ने अगली सुनवाई 5 जनवरी 2026 के लिए निर्धारित की है, जिसमें विभागीय जवाबों के आधार पर मुकदमे की जांच पूरी होगी और सच्चाई सामने आएगी।
एमपी सरकार के दो साल पूरे होने पर सर्वे में शामिल होने के लिए फोटो पर क्लिक करें...
ये खबर भी पढ़ें...
सफर से पहले हो जाएं अलर्टः भोपाल मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेन कैंसिल, कई का रूट बदला
याचिका का केंद्र बिंदु विजय पांडे की शिक्षा प्रमाण पत्रों की सत्यता है। 25 अगस्त 2025 को एक गोपनीय सत्यापन पत्र में खुलासा हुआ कि पांडे की हायर सेकेंडरी मार्कशीट एमपी ओपन स्कूल बोर्ड द्वारा फर्जी पाई गई, जिसमें परीक्षा में वे फेल हैं। बाद में विभाग ने इस पत्र को जाली बता दिया था। हालांकि, याचिकाकर्ता का दावा है कि इस पत्र में हस्ताक्षरों से छेड़छाड़ और दस्तावेजों में भी छेड़छाड़ की गई है।
ये खबर भी पढ़ें...
उज्जैन पुलिस ने लॉन्च किया ऐप, होटल में चेक-इन करते ही पहुंचेगी जानकारी, आश्रम-अखाड़े भी होंगे शामिल
याचिका में विजय पांडे के ऊपर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के फंडों में करीब 35 लाख रुपए की हेराफेरी का दावा है। इसमें 2020 से 2022 के बीच ट्रेनिंग के लिए 15 लाख रुपए तथा पेट्रोल खर्च के नाम पर 20 लाख रुपए बिना किसी उचित दस्तावेज के खर्च किए गए।
आशा कार्यकर्ताओं ने उत्पीड़न और जातिगत टिप्पणी के खिलाफ गुहार लगाई है। पांडे के खिलाफ दो विभागीय जांचें हुईं। पर याचिका में आरोप है कि जांच रिपोर्ट पक्षपाती और सतही हैं।
![vijay-pandey]()
![vijay-pandey (2)]()
ये खबर भी पढ़ें...
खुले युद्ध में बदला रोहिणी और चंद्रशेखर का विवाद, घावरी बोलीं- इंडिया आ रही हूं...खत्म करके ही छोडूंगी
मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक ने प्रश्न उठाया कि किस आधार पर ग्रुप डी कर्मचारी विजय पांडे को जिला प्रोग्राम मैनेजर बनाया गया, जबकि उनकी लिखित परीक्षा में न्यूनतम अंक भी नहीं थे। उन्होंने पूछा कि क्या इस मामले में कोई निष्पक्ष जांच हुई।
हालांकि, इसके बाद विजय पांडे को प्रोग्राम मैनेजर से हटाकर वापस मूल पद डाटा मैनेजर पर प्रस्तुत किया गया था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि उन्होंने लोकायुक्त सहित विभाग को शिकायतें भी दी। लेकिन विभागीय जांच में भी उन पर उचित कार्यवाही नहीं की गई और क्लीन चिट दे दी गई।
ये खबर भी पढ़ें...
MPPSC परीक्षाओं को कैसे लाएगा ट्रैक पर, दो परीक्षाओं के इंटरव्यू में ही लगेंगे 5 माह
कोर्ट ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, जिससे उम्मीद है कि मामले की गहराई से जांच होगी। 5 जनवरी 2026 को सुनवाई में विभागों के जवाब आने के बाद इस केस का फैसला बड़े पैमाने पर सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।
पांडे ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 2008 में NHM (नेशनल हेल्थ मिशन) में डेटा असिस्टेंट की नौकरी हासिल की। जबकि लिखित परीक्षा में वे न्यूनतम 30 अंकों की पात्रता से नीचे ही रहे। इसके बावजूद उन्हें पद मिला और बाद में 2014 में डेटा मैनेजर, 2022 में डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर की जिम्मेदारी दी गई। याचिका में उनकी नियुक्ति को पूरी तरह गैरकानूनी बताते हुए क्वो वारंटो के तहत पद पर अधिकार साबित करने को कहा गया।
कोर्ट ने जारी किया सभी विभागों को नोटिस
कोर्ट ने अगली सुनवाई 5 जनवरी 2026 के लिए निर्धारित की है, जिसमें विभागीय जवाबों के आधार पर मुकदमे की जांच पूरी होगी और सच्चाई सामने आएगी।
एमपी सरकार के दो साल पूरे होने पर सर्वे में शामिल होने के लिए फोटो पर क्लिक करें...
ये खबर भी पढ़ें...
सफर से पहले हो जाएं अलर्टः भोपाल मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेन कैंसिल, कई का रूट बदला
फर्जी मार्कशीट सहित लाखों के भ्रष्टाचार के आरोप
ये खबर भी पढ़ें...
उज्जैन पुलिस ने लॉन्च किया ऐप, होटल में चेक-इन करते ही पहुंचेगी जानकारी, आश्रम-अखाड़े भी होंगे शामिल
विजय पांडे पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
आशा कार्यकर्ताओं ने उत्पीड़न और जातिगत टिप्पणी के खिलाफ गुहार लगाई है। पांडे के खिलाफ दो विभागीय जांचें हुईं। पर याचिका में आरोप है कि जांच रिपोर्ट पक्षपाती और सतही हैं।
vijay-pandey (2)
ये खबर भी पढ़ें...
खुले युद्ध में बदला रोहिणी और चंद्रशेखर का विवाद, घावरी बोलीं- इंडिया आ रही हूं...खत्म करके ही छोडूंगी
विधानसभा में भी उठ चुका है सवाल
हालांकि, इसके बाद विजय पांडे को प्रोग्राम मैनेजर से हटाकर वापस मूल पद डाटा मैनेजर पर प्रस्तुत किया गया था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि उन्होंने लोकायुक्त सहित विभाग को शिकायतें भी दी। लेकिन विभागीय जांच में भी उन पर उचित कार्यवाही नहीं की गई और क्लीन चिट दे दी गई।
ये खबर भी पढ़ें...
MPPSC परीक्षाओं को कैसे लाएगा ट्रैक पर, दो परीक्षाओं के इंटरव्यू में ही लगेंगे 5 माह
NHM सहित लोकायुक्त विभाग देगा जवाब
एम्स भोपाल में पहली बार ट्रांसजेंडर सर्जरी: 8 घंटे चला ऑपरेशन, 5 और मरीज इलाज के लिए पहुंचे
By Arohi Raj
इंदौर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, स्वामित्व योजना में काम नहीं करने पर सात प्रोबेशनर पटवारियों की सेवा समाप्त
By Sanjay Gupta
गहलोत बोले- तीन बार CM बनना कम है क्या, चौथी बार के नारे मत लगाओ; पंचायत चुनाव से पहले फिर दी नसीहत
By Saurabh Mishra
रायपुर में रवि किशन का राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोले- अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं
By Harrison Masih
छत्तीसगढ़ में SI भर्ती परीक्षा स्थगित, 2 से 4 नवंबर तक तय था CGPSC का शेड्यूल, नए तारीख पर अभ्यर्थियों को रखनी होगी नजर
By VINAY VERMA
दिवाली पर ट्रेन में सीट मिलने की बढ़ेगी उम्मीद, 13 जोड़ी नई स्पेशल ट्रेन चलेगी; 824 फेरे होंगे
By Jyoti Mahender Bhardwaj
झालावाड़ में तस्करी के आरोप में कांस्टेबल गिरफ्तार, 14 लाख रुपए नकद मिले
By Ashish Bhardwaj