डायल 112 में मर्सिडीज चल रही है क्या, 972 करोड़ के टेंडर देखकर हाई कोर्ट हैरान
Neel Tiwari | Feb 17, 2026, 14:27 IST
mp dial 112 tender controversy
मध्य प्रदेश में आपातकालीन सेवा डायल 112 की खरीदी गई गाड़ियों पर विवाद थम नहीं रहा है। अब इस पर हाईकोर्ट ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। 972 करोड़ के भारी-भरकम टेंडर को देखकर हाई कोर्ट ने पूछा कि क्या आप मर्सिडीज चला रहे हो।
News in short
- डायल 112 प्रोजेक्ट में सॉफ्टवेयर गड़बड़ी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
- 972 करोड़ के भारी-भरकम वाहन टेंडर पर हाई कोर्ट ने हैरानी जताई है।
- 30 किलोमीटर दूर खड़ी गाड़ियों को डायल 112 के कॉल पहुंच रहे हैं।
- 5400 प्राइवेट कर्मचारी को पुलिस विभाग भुगतान कर रहा है। इसका खुलासा कोर्ट में हुआ है।
- पुलिस विभाग के नए कॉन्ट्रैक्ट पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
News in detail
दरअसल, पुलिस विभाग के अनुसार जिस कंपनी को टेंडर दिया गया था, उनका सॉफ्टवेयर ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। इसके चलते ही पुराने टेंडर को कैंसिल किए बिना विभाग ने एक नया टेंडर जारी कर दिया। यही मामला विवाद की जड़ बन गया।
दे दिया दूसरी कंपनी को टेंडर
यानी सॉफ्टवेयर में बड़ी शिकायतें आने लगी। ऐसे में पुलिस विभाग ने एक नया टेंडर जारी करते हुए CAD सॉफ्टवेयर का पूरा काम एक नई कंपनी को दे दिया। इसके बाद पिछली कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
972 करोड़ में 1200 गाड़ियों पर कोर्ट ने जताई हैरानी
हालांकि सरकार की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया कि इस राशि में केवल वाहन ही नहीं, बल्कि उनमें लगने वाले उपकरण, सॉफ्टवेयर, डेटा सेंटर इक्विपमेंट और अन्य तकनीकी संरचना भी शामिल है। फिर भी कोर्ट ने यह भी पूछा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट का मुख्य तकनीकी हिस्सा मात्र 6 करोड़ का कैसे हो सकता है।
एक दूसरे पर लगा रहे सुस्ती का आरोप
कंपनी का आरोप है कि यह कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन है। पसंदीदा कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए शर्तों में ढील दी गई। इस मामले में पुलिस विभाग से सॉफ्टवेयर गलती बता रहा है तो EMRI सर्विसेज का आरोप है कि पुलिस कर्मी जानकर केस को जल्द बंद नहीं करते। इसके कारण रिस्पांस में देरी हो रही है।
पुलिस ने गिनाई ये खामियां
वहीं कंपनी का कहना है पुलिस कर्मी जानबूझकर कॉल को बंद नहीं करते। इसके कारण उनकी FRV व्यस्त बताती है और दूर की FRV को मैसेज जाता है। इसी आधार पर पुलिस विभाग ने CAD सॉफ्टवेयर के पूरे ऑपरेशन का टेंडर 6 करोड़ 29 लाख 80 हजार रुपए में नोएडा की NIRASYS इन्फोटेक को दे दिया गया।
पुलिस पर दबंगई के आरोप, बनवा लिया कैंटीन और कॉन्फ्रेंस हॉल
5400 कर्मचारी, वेतन पुलिस से
वहीं, कोर्ट में यह बात सामने आई कि कंपनी के जरिए दिए गए कुल पांच हजार 400 के स्टाफ की सैलरी पुलिस विभाग कर रहा है। कोर्ट ने इस व्यवस्था पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में फाइनेंशियल मैनेजमेंट किस प्रकार काम कर रही है।
हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश
सरकार को एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने और CAD सॉफ्टवेयर की डे-टू-डे परफॉर्मेंस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई तक न तो नया सॉफ्टवेयर लागू होगा और न ही नई निविदा के तहत कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
19 फरवरी को सरकार को देना है जवाब
हस्तक्षेप याचिका हो सकती है दायर
इसके बाद इस 972 करोड़ रुपए और डायल 112 के लिए किराए पर ली गई गाड़ियों का स्पेसिफिकेशन मांगा जाएगा। हस्तक्षेप याचिका दायर होने के बाद कोर्ट क्या करेगा, यह देखना होगा।
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