आरकेडीएफ में चल रही थी फर्जी डिग्री फैक्ट्री, एसओजी की मेगा सर्चिंग में आया सामने

Ramanand Tiwari | Jan 22, 2026, 17:13 IST
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राजस्थान एसओजी ने फर्जी डिग्री कारोबार का पर्दाफाश किया है। श्री सत्य साई और आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी से 67 अभ्यर्थियों ने फर्जी डिग्रियां दी थीं।

News in Short

  • राजस्थान एसओजी की भोपाल और सीहोर में श्री सत्य साई और आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी में सर्चिंग।
  • राजस्थान पीटीआई भर्ती 2022 में फर्जी डिग्री के मिले खेल की जड़ें इन्हीं संस्थानों में पाई गई।
  • श्री सत्य साई और आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियों से 67 अभ्यर्थियों को मिली नौकरी।
  • एसओजी की प्रारंभिक जांच में आया सामने, भोपाल बन रहा था फर्जी डिग्री का बड़ा केंद्र।
  • जांच में यह भी उजागर कि दोनों संस्थान बरसों से बांट रहे थे फर्जी डिग्री।

News in Detail

मध्यप्रदेश में श्री सत्य साई और आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी में सर्चिंग में फर्जी डिग्री की फैक्ट्री चल रही थी। चौंकाने वाला यह तथ्य राजस्थान एसओजी की मेगा सर्चिंग में प्रारंभिक तौर पर निकल कर सामने आया है। राजस्थान की सरकारी भर्तियों में उजागर हुए फर्जी डिग्री नेटवर्क की जड़े इन्हीं दो निजी शिक्षा संस्थानों में मिली है। इसी के आधार पर राजस्थान एसओजी दो दिन से इन यूनिवर्सिटी से जुड़े संस्थानों में सर्चिंग कर रही है। यह सर्चिंग अभी लंबी चल सकती है।

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राजस्थान भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़ा आरकेडीएफ लिंक

एसओजी की यह सर्चिंग राजस्थान की पीटीआई भर्ती 2022 से जुड़ी है। सूत्रों के मुताबिक, भर्ती के दस्तावेज सत्यापन के दौरान 67 अभ्यर्थियों ने श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी और आरकेडीएफ की डिग्रियां पेश कीं। दोनों यूनिवर्सिटी के संचालक सुनील कपूर हैं, जो बरसों से मोटी राशि लेकर फर्जी डिग्री बांटने का गोरखधंधा कर रहे थे। जांच में पाया गया कि राजस्थान की पीटीआई भर्ती में चयनित हुए ये अभ्यर्थी कभी भोपाल या सीहोर आए ही नहीं थे। आरोप है कि अभ्यर्थियों को 2013 से 2022 के बीच बैकडेट में डिग्रियां जारी की गईं। जांच के दौरान रिकॉर्ड और दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं।

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आरकेडीएफ का फर्जीवाड़े से पुराना नाता

यह पहली बार नहीं है, जब श्री सत्य साई और आरकेडीएफ ग्रुप जांच के घेरे में आया है। वर्ष 2022 में हैदराबाद पुलिस ने फर्जी डिग्री मामले में कुलपति, पूर्व कुलपति और कॉलेज प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2017-2019 में आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज पर घोस्ट पेशेंट, फर्जी रिकॉर्ड और एमसीआई उल्लंघन के आरोप लगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 2 साल एडमिशन पर रोक लगा दी और पांच करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने छात्रों को फीस रिफंड के साथ ही एक लाख रुपए मुआवजा का आदेश दिया था।

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सर्चिंग की रडार पर और भी संस्थान

यह सर्चिंग सिर्फ श्री सत्य साई और आरकेडीएफ तक सीमित नहीं मानी जा रही है। राजस्थान एसओजी की जांच में एमपी के कई शिक्षा संस्थानों की भूमिका सामने आ रही है। जिस तरह से श्री सत्य साई और आरकेडीएफ में फर्जी डिग्री का खेल मिला है, उसने मध्य प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली पर बड़ी सवाल खड़ा कर दिया है। राजस्थान एसओजी की
सर्चिंग जारी है। सूत्रों का दावा है कि इस मामले में और बड़े खुलासे संभव हैं।

40 अफसर, 4 टीमें और गोपनीय ऑपरेशन

एसओजी के एडीजीपी विशाल बंसल के नेतृत्व में करीब 40 अधिकारियों की टीम इस मेगा सर्चिंग को अंजाम दे रही है। स्थानीय पुलिस की मदद से एसओजी की चार टीम भोपाल में गांधीनगर स्थित आरकेडीएफ कैंपस, कोलार ब्रांच, संचालक सुनील कपूर के अरेरा कॉलोनी स्थित निवास और सीहोर में श्री सत्य साई कैंपस में एमसाथ पहुंची। आॅपरेशन को पूरा गोपनीय रखा गया है।

गेट बंद और स्टाफ-छात्र कैद

एसओजी टीम के पहुंचते ही आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट बंद कर दिए गए। कैंपस के अंदर मौजूद स्टाफ को बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी गई। वहीं, छात्रों की एंट्री और एग्जिट दोनों पर रोक लगा दी गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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डिग्री से डेटा तक, हर रिकॉर्ड खंगाला

छापे के दौरान परीक्षा सेल, प्रशासनिक ब्लॉक, कंप्यूटर सर्वर, फाइलें और डिजिटल रिकॉर्डकी गहन जांच की गई। टीम को शक है कि इन्हीं दस्तावेजों के जरिए बिना पढ़ाई और परीक्षा के डिग्रियां जारी की गईं। राजस्थान एसओजी इस बार अपने साथ एक्सर्ट भी लेकर आई है।

चेयरमैन सुनील कपूर के घर भी सर्च

एसओजी टीम श्री सत्य साई और आरकेडीएफ ग्रुप के चेयरमैन सुनील कपूर के अरेरा कॉलोनी स्थित निवास पर भी पहुंची। उनके घर पर दस्तावेज और सीए से जुड़े रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की गई। एसओजी टीम ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ भी की गई। इस मामले में सुनील कपूर की भूमिका गड़बड़ पाई गई है, जो पैसे के लिए बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्री बांटने में लगे थे।

क्या है एसओजी, जानिए एजेंसी की ताकत

एसओजी यानी विशेष ऑपरेशंस ग्रुप (Special Operations Group) पुलिस की राज्य स्तरीय विशेष इकाई होती है। यह संगठित अपराध, पेपर लीक फर्जीवाड़ा,और बड़े नेटवर्क वाले मामलों पर त्वरित और सटीक कार्रवाई करती है। इसे राजस्थान पुलिस में एसटीएफ के समकक्ष माना जाता है।



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