अरावली बचाओ आंदोलन : सचिन पायलट के साथ बेटे आरान ने किया पैदल मार्च, क्या सियासत में होगी लॉन्चिंग?
Amit Baijnath Garg | Dec 26, 2025, 17:23 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने अरावली बचाओ पैदल मार्च में भाग लिया। उनके बेटे आरान पायलट पहली बार उनके साथ सियासी कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या आरान को कांग्रेस में लॉन्च करने की तैयारी है।
Jaipur. क्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट अपने बेटे आरान पायलट को राजनीति में लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। यह सवाल इसलिए उठा है कि सचिन के साथ उनके बेटे शुक्रवार को राजस्थान के जयपुर में NSUI द्वारा अरावली बचाओ-भविष्य बचाओ नामक पैदल मार्च में शामिल हुए। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
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आरान पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए हैं। अभी तक वे अपनी निजी कार्यक्रमों से ही बाहर निकलते रहे हैं। सचिन और सारा पायलट के दो बेटे हैं, आरान और विहान। आम तौर पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में दोनों बेटे बहुत कम नजर आते हैं। आरान और विहान पढ़ाई में व्यस्त हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि सचिन अपने बड़े बेटे को किसी सियासी कार्यक्रम में लेकर पहुंचे हैं।
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NSUI का यह मार्च जयपुर के जालूपुरा से शुरू होकर गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे तक पहुंचा। इस दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिलकर अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए नारेबाजी की। मार्च के समापन पर सचिन पायलट सहित अन्य नेताओं ने इसे सफल बताया और सभी लोग वापस लौट गए। सचिन ने कहा कि अरावली पहाड़ियां बचाना जरूरी है।
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इस मार्च में सचिन पायलट के साथ उनके बेटे आरान पायलट भी मौजूद थे। यह पहली बार था, जब सचिन पायलट अपने बेटे को लेकर किसी राजनीतिक कार्यक्रम या धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए थे। सामान्यतः पायलट परिवार के दोनों बेटे आरान और विहान सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही दिखाई देते हैं, क्योंकि वे अपनी पढ़ाई में व्यस्त रहते हैं।
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कांग्रेस नेता सचिन पायलटके साथ इस पैदल मार्च में राजस्थान विधानसभा के विधायक रफीक खान, अमीन कागजी, मनीष यादव और रामनिवास गावड़िया भी शामिल थे। इन नेताओं ने अरावली के महत्व पर चर्चा की और इसे बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों में जन जागरूकता फैलाना, सरकार से संरक्षण के लिए ठोस नीतियां बनवाना और स्थानीय समुदायों को इसमें शामिल करना शामिल है। इस मार्च का उद्देश्य अरावली क्षेत्र की रक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना और एक सकारात्मक आंदोलन शुरू करना था।
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पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखे आरान
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ऐसे शुरू हुआ मार्च
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सचिन के बेटे चर्चा में
पायलट ने बताया अरावली का महत्व इस पैदल मार्च में सचिन ने अरावली पर्वतमाला को उत्तर भारत के लिए सुरक्षा कवच बताया। उन्होंने कहा कि अरावली न केवल रेगिस्तान के फैलाव को रोकती है, बल्कि मानसून, जल, खेती, पशु और पर्यावरण संतुलन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पायलट ने यह भी कहा कि अरावली क्षेत्र का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है, और इसे बचाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट के पुत्र आरान पायलट, अरावली संरक्षण के लिए जयपुर की सड़कों पर उतरे हैं। #SachinPilot #AaranPilot #AravalliConservation#JaipurStreets #EnvironmentalMovement#SaveAravalli #AravalliProtection #CongressLeader pic.twitter.com/xIoMcFJFGD
— TheSootr (@TheSootr) December 26, 2025
मार्च में शामिल अन्य नेता और कार्यकर्ता
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अरावली के संरक्षण के लिए उठाए गए कदम
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खास बातें
- सचिन पायलट के साथ बेटे आरान ने किया पैदल मार्च। पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट, विधायक रफीक खान, अमीन कागजी, मनीष यादव और रामनिवास गावड़िया सहित कई नेता शामिल हुए थे।
- यह पहला मौका था, जब सचिन अपने बेटे आरान को लेकर किसी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल हुए। आमतौर पर आरान और विहान सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहते हैं।
- अरावली पर्वतमाला उत्तर भारत के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। यह रेगिस्तान के फैलाव को रोकता है, मानसून, जल, खेती, पशु और पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है। इसका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।
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