राजस्थान में एमबीएम यूनिवर्सिटी का बड़ा कारनामा, छात्रों के 100 में से आ गए 133 नम्बर
Nitin Kumar Bhal | Oct 09, 2025, 11:55 IST
Photograph: (TheSootr)
जोधपुर की एमबीएम यूनिवर्सिटी में बीई द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों को 100 से अधिक अंक दिए गए, जिससे विवाद पैदा हुआ। यूनिवर्सिटी ने जल्द रिजल्ट हटा लिया, लेकिन छात्रों में हड़कंप मचा है।
Jodhpur . राजस्थान के जोधपुर (Jodhpur) की एमबीएम यूनिवर्सिटी (MBM University) से एक अजीब मामला सामने आया है, जिसमें बीई द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों को दिए गए अंक उनके कुल अंकों से कहीं अधिक पाए गए। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए रिजल्ट में, छात्रों को प्रैक्टिकल (Practical) और सेशनल विषय (Sessional Subjects) के पेपरों में 100 अंकों के विषयों के लिए 101 से लेकर 133 तक अंक दिए गए। इस मामले ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया, और छात्रों के बीच हड़कंप मच गया।
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एमबीएम यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी किए गए बीई द्वितीय सेमेस्टर के रिजल्ट में, छात्रों को ऐसे अंक दिए गए थे जो अधिकतम अंक से कहीं अधिक थे। यह अंक प्रैक्टिकल और सेशनल विषयों के 100 अंकों के पेपरों के लिए थे। उदाहरण के लिए, छात्रों को इन विषयों में 105 से लेकर 137 तक अंक मिले, जो कि सामान्यत: 100 अंक से अधिक होते हैं। यह गड़बड़ी छात्रों को बहुत चौंका देने वाली थी, क्योंकि उनके अनुसार यह अंक वास्तविक अंक तालिका से मेल नहीं खा रहे थे।
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जैसे ही छात्रों ने अपनी मार्कशीट पर नजर डाली और देखा कि उनके अंक 100 से अधिक हैं, तो उन्होंने उन मार्कशीट को सोशल मीडिया पर साझा करना शुरू कर दिया। इस पर चर्चा बढ़ी और कई यूजर्स ने इसे लेकर मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि यह गड़बड़ी उनकी मेहनत और प्रयासों का मजाक बना रही थी। सोशल मीडिया पर इस मामले की आलोचना तेजी से बढ़ी और छात्र-छात्राएं यूनिवर्सिटी प्रशासन से जवाब की मांग करने लगे।
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इस विवाद के बाद, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने त्वरित रूप से वेबसाइट से रिजल्ट हटा लिया। हालांकि, प्रशासन ने इस मुद्दे पर अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। यूनिवर्सिटी की चुप्पी छात्रों और शिक्षकों के लिए चिंता का कारण बन गई है। प्रशासन ने इसे किस वजह से हटाया, इसका कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। यह सवाल उठने लगा कि क्या यह गलती थी या फिर कुछ और कारण था।
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यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए रिजल्ट में, हर प्रैक्टिकल (Practical) और सेशनल (Sessional) विषय का अधिकतम अंक 100 था, लेकिन छात्रों को दिए गए अंक इससे अधिक थे। जैसे, कुछ छात्रों को 101, 110, 120, और 133 अंक मिले थे, जबकि अधिकतम अंक 100 ही थे। इस गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यूनिवर्सिटी में अंक देने की प्रणाली में कोई बड़ा फॉल्ट था। छात्रों ने कहा कि अंक देने की प्रक्रिया सही नहीं थी और यह उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड के लिए सही नहीं था।
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प्रत्येक विषय का अधिकतम अंक 100 था, लेकिन रिजल्ट में अंक इतने अधिक दिए गए कि छात्रों की कुल अंकों की गणना भी गड़बड़ हो गई। अगर सभी पेपरों के अंक जोड़े जाते तो कुल अंक से अधिक हो जाते, और यह गणना में विसंगति पैदा कर रहा था। इसका मतलब यह था कि यूनिवर्सिटी के अंक और गणना प्रणाली में कुछ तकनीकी गड़बड़ी हुई थी, जिसे सही करने की आवश्यकता थी।
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इस घटना ने छात्रों के बीच असंतोष और नाराजगी पैदा की। उनकी मेहनत और प्रयासों के बारे में सवाल उठाए जा रहे थे। इसके साथ ही यह भी चिंता का विषय बना कि क्या यह घटना एक बड़ी शैक्षिक प्रणाली (Educational System) में व्यापक गड़बड़ी का संकेत है। छात्रों ने इसे न केवल अपनी मार्कशीट की गड़बड़ी के रूप में देखा, बल्कि उन्होंने इसे अपने शैक्षिक भविष्य के लिए भी चिंताजनक माना।
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FAQ
- 1. एमबीएम यूनिवर्सिटी के रिजल्ट में गड़बड़ी क्यों हुई?
एमबीएम यूनिवर्सिटी के रिजल्ट में गड़बड़ी अंक देने की प्रणाली में हुई थी, जिसमें छात्रों को प्रैक्टिकल और सेशनल विषयों के 100 अंकों के पेपरों के लिए 105 से 137 तक अंक दिए गए। - 2. क्या एमबीएम यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट में गलती स्वीकार की है?
यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट में गड़बड़ी के बारे में अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। रिजल्ट को वेबसाइट से हटा लिया गया है, लेकिन प्रशासन ने इस पर चुप्पी साधी हुई है। - 3. छात्रों ने सोशल मीडिया पर एमबीएम यूनिवर्सिटी के रिजल्ट के बारे में क्या प्रतिक्रिया दी?
छात्रों ने सोशल मीडिया पर रिजल्ट को साझा किया और इसे लेकर मजाक उड़ाया। वे हैरान थे कि अंक 100 से अधिक कैसे दिए गए और इसे अपनी मेहनत का मजाक मान रहे थे। - 4. क्या एमबीएम यूनिवर्सिटी के रिजल्ट में गड़बड़ी से छात्रों के शैक्षिक रिकॉर्ड पर असर पड़ेगा?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस गड़बड़ी का छात्रों के शैक्षिक रिकॉर्ड पर कोई असर पड़ेगा या नहीं, लेकिन यह छात्रों के लिए चिंता का विषय बन गया है। - 5. एमबीएम यूनिवर्सिटी को इस मामले पर क्या कदम उठाने चाहिए?
एमबीएम यूनिवर्सिटी को जल्द से जल्द इस मामले पर स्पष्ट बयान देना चाहिए, और अपनी अंक देने की प्रणाली में सुधार करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हों।
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